गुप्ता आंटी की लड़की पारुल को उसी की बेडरूम में टाँग उठाकर रगड़ के चोदा

दोंस्तों, आपको अपनी प्यार मुह्ब्बत की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरा नाम शेखर है। मेरे पड़ोस में ही गुप्ता आंटी रहती थी। वो बहुत अच्छी थी। जब भी मैं उनके घर जाता था तो मुझे बिना चाय पिलाए नही आने देती थी। धीरे 2 मेरा गुप्ता आंटी के घर आना जाना बढ़ गया। उनके बगीचे में जब भी अमरुद, पपीते वगैरा पकते थे तो मुझे बुलाती थी और देती थी। इतना ही नही हम लोगों को सब्जियां भी देती थी।

उनकी लड़की पारुल बड़ी मस्त मॉल थी। कोई साढ़े 4 फुट की हाइट होगी पर मस्त सामान थी। छोटा पेड़ था पर फल से लदा। पारुल की हाईट कम थी पर जिस्म कमाल का था। सिल्की काले बाल थे उसके। ठीक ठाक सावला चेहरा था। वो हमेशा हँसती खिलखिलाती रहती थी। यही उसकी सबसे अच्छी बात थी। मेरा मूड जब ख़राब होता था, मैं पारुल से मिलने चला जाता था तो मेरा मूड ठीक हो जाता था।

शनै शनै पारुल मुझे बड़ी अच्छी लगने लगी। मैं जब रात के वक़्त बिस्तर पर लेटे हुए याद करता तो मेरा खड़ा हो जाता। उसकी चूत कितनी मस्त होगी मैं यही सोचता रहता। जैसे जैसे दिन बीतने लगे मैं उसका दीवाना आशिक़ हो गया। मैं बाथरूम में चला जाता और अपनी आँख बंद करके पारुल को याद करता और मुठ मरता तो मजा कहीं गुना ज्यादा मिलता। वही दूसरी ओर पारुल अभी केवल 14 साल की थी। मैं तो अपने दोंस्तों के साथ छिप छिप कर डीवीडी पर ब्लू फिल्म देख लेता था।

पर पारुल तो चुदाई से अंजान थी। गुप्ता आंटी ने पारुल का नाम 10वी में मेरे एम्स इंटरनैशनल में ही लिखवा दिया। इसलिए अब मैं प्यारी पारुल के साथ ही आता जाता था। मैं स्कुल बस में उसके लिए हमेशा जगह बचा के रखता था और उसी के साथ आता जाता था। वो दिन पर दिन मुझे अच्छी लगने लगी। मैं उसका होमवर्क भी कर देता था। मुझे उसका हसमुख चेहरा हमेशा अच्छा लगता था।

एक दिन मैं उसके घर में बैठा था। उसके साथ होमवर्क कर रहा था। गुप्ता आंटी हम लोगों के लिए कॉफी स्नैक दे गयी थी। उसके जाते ही मैंने कमरा बन्द कर लिया। मैंने अपना पैन्ट का हुक खोल दिया और लण्ड निकाल लिया। मैं 15 साल का था और पारुल से बस एक साल बड़ा था। पर मैं चुदाई जान गया था। मैंने अपना लण्ड निकाला..
ऐ पारुल! इसे छू के देख तो! हाथ में ले जरा!  मैंने कच्ची कली पारुल से कहा
वो मेरे पास आई और मेरे नये नये लण्ड को देखने लगी।

चिकना नया लण्ड जो अभी अभी खड़ा होना जान पाया था।
ये क्या है?? पारुल मेरा लण्ड छूकर बोली। उसे थोड़ा आश्चर्य हुआ। थोड़ा कौतूहल, थोड़ा मजा आया।
इसे लण्ड कहते है! इससे ही लड़कियों को चोदा जाता है!  मैंने उससे बचपने में कहा।
ये चोदना क्या होता है!! पारुल मेरा लण्ड हिलाती हुई उससे खेलती हुई बोली
रुक बताता हूँ! मैंने कहा और पारुल की लाल स्कर्ट उतार दी। फिर उसकी चड्डी भी उतार दी।

उसकी चूत पर मैं अपनी उँगलियाँ ले गया।
देख! यही पर लण्ड लकड़ियों की चूत में गुस जाता है!  मैंने पारुल को समझाया।
ये कैसै होता है?? 14 साल की मासूम पारुल ने मासूमियत से पूछा।
ये तो मुझे अभी नही मालूम है। पर तू कहेगी तो बताता दूंगा! मैंने कहा।
हकीकत में मैंने कभी किसी लौण्डिया को नही चोदा था। पर अब थ्योरी तो हम पढ़ चुके थे, अब प्रैक्टिकल करना बाकी था।

मैंने अपने एक दोस्त सौरभ से पूछा की चोदना क्या होता है। मुझे भी चोदना सीखना है। उसने कहा कि इंटरवल में स्कुल की छत पर मिलना। मैं ठीक 2 बजे स्कुल की सुनसान छत पर जा पंहुचा।
चल पैंट उतार दे! सौरभ बोला।
मैंने वैसे ही किया।
अब घूम जा!  वो बोला।
मैं घूम गया। सौरभ ने मुझे कुत्ता बना दिया। सौरभ स्कुल का सबसे बदनाम लड़का था। वो 18 साल की कच्ची उम्र में ही कई स्कुल की लड़कियों को चोद चूका था, और कई लड़कों की गांड मार चूका था। सबसे आश्चर्य की बात थी की 18 साल की कच्ची उम्र में उसका लण्ड भी खड़ा होने वाला था। आज वो मेरी गाण्ड मारने वाला था।
देख! आज मैं तुझे चोदना सिखाऊंगा!  सौरभ बोला।

वो ठीक मेरे पीछे आ गया। उसने भी अपनी पैंट उतार दी। मेरी नयी नयी गाण्ड पर उसने हाथ फिराकर जायजा लिया।
चिकनी गाण्ड है तेरी! सौरभ बोला।
उसने मेरी गाण्ड के नीचे से हाथ डाला और मेरे लण्ड को लेकर मलने लगा। मुझे मजा आने लगा। मैं मुठ मारना तो सिख ही गया था 18 साल की कच्ची उम्र में। वो मेरे लण्ड लेकर बिना रुके मलता ही रहा। धीरे धीरे मुझे और भी मजा आने लगा। बड़ा मखमली अहसास था। धीरे धीरे मेरा लण्ड खड़ा होने लगा। मुझे जादा और जादा सुख मिलने लगा।

पहली बार मैं गाण्ड मरवाने वाला था। उफ्फ्फ्फ कितना अलग, कितना विचित्र अहसास था। मैं जानता था कि कोई काम की चीज सिखने वाला हुँ। जब मेरा लण्ड भली भांति खड़ा हो गया तो सौरभ ने थोड़ा थूक लिया और मेरी नर्म कुंवारी गाण्ड पर मलने लगा। वो गोल गोल मेरी चिकनी किसी गाण्ड पर मालिश जैसी करने लगा। उफ्फ्फ्फ! ओहः! मुझे कितना मजा मिला था। फिर धीरे धीरे सौरभ मेरी कुंवारी गाण्ड पर पकड़ बनाने लगा।

वो धीरे धीरे गहराई में जाने लगा। कुछ देर बाद मुझे पता चला की उसकी पूरी ऊँगली मेरी नर्म गाण्ड में घुस गई है। वो जोर जोर से अंगुल करने लगा। मुझे एक खास तरह की उत्तेजना महसूस होने लगी। साथ ही सौरभ एक हाथ से मेरा खड़ा हो चूका लण्ड भी मल रहा था। मुझे दोहरी उत्तेजना होने लगी। यार ये सब करने में तो बड़ा मजा मिलता है मैंने सोचा। फिर सौरभ से मुझे कुत्ता बना के आगे की तरफ झुका दिया। मेरी गाण्ड पर ढेर सारा थूक मला, अपना लण्ड रखा और जोर से पेल दिया।

मुझे लगा किसी से मेरे गाण्ड में जलती सरिया पेल दी। मेरे आँशु छलक आये। फिर सौरभ जहाँ एक तरह मेरी गाण्ड चोदने लगा और दूसरे हाथ से मेरे लण्ड को मलने लगा। शूरु में बहुत दर्द हुआ। बार 15  20 मिनट बाद सब ठीक हो गया। अब सौरभ मेरी गाण्ड गहराई से चोदने लगा और जोर जोर मुठ मारने लगा। दोंस्तों, लगा मैं स्वर्ग में पहुँच गया हूँ।

बहनचोद! इसे ही चोदना कहते है। अगली बार अपनी बहन को भेज देना। चोद चोद के उसकी चुत फाड़ के उसे प्रेग्नेंट करके भेज दूंगा!  उत्तेजना में सौरभ ने मुझसे माँ बहन की गलियां दी। मैंने जरा भी बुरा नही माना। मुझे तो मजा आया। फिर 40 मिनट तक सौरभ ने मुझे जंगली की तरह चोदा। जब उसका लण्ड झड़ने लगा तो वो बड़ी जोर जोर से 100 की रफ्तार में मेरा मुठ मारने लगा। सौरभ ने अपने लण्ड का पानी मेरी गाण्ड में ही छोड़ दिया। वही दूसरी तरफ मेरे लण्ड ने भी पानी चोद दिया।

दोंस्तों, एक चुदाई का कठिन पाठ मैंने अपने चोदूँ और गाण्डू दोस्त सौरभ से सीखा। हफ्ते भर मेरे बदन में दर्द होता रहा। मैं मेडिकल स्टोर से चुपके चुपके बदन दर्द की गोली ले आता था और खा लेता था। एक हफ्ते तक मैं बदक की तरह टाँग फैला फैलाके चलता रहा। फिर एक दिन पारुल से मुलाकात हो गयी। हम दोनों के annual एग्जाम आ गया। मैं फिर से पारुल के घर जाकर उसके साथ में तैयारी करने लगा।

धीरे धीरे हम दोनों फिर गरम् होने लगा।
शेखर! प्लीज।बताओ ना कैसी चोदते है? कैसे ये लण्ड जो मासूम दीखता है किसी लड़की की नन्ही सी चुत में समा जाता हे!  पारुल से मुस्कुराकर पूछा।
जब मैं इसे चोदना सिखाऊंगा तो इसकी गाण्ड तो फट जाएगी। ये इसे बच्चो का खेल समझती है!! इसकी माँ चुद जाएगी अगर इसे मैं चोदना सिखाया!  मैंने मन ही मन सोचा।

पारुल! इसने बड़ा दर्द होता है। लड़कियां रोने चिल्लाने लगती है। कई बार तो खून भी निकल आता है!  मैंने ईमानदारी से पारुल को बता दिया। वो थोड़ा सहम गयी। उसने चुदना सिखने ला प्लान postpone कर दिया। कुछ दिन बीत गए हमारे एग्जाम भी खत्म हो गए। पारुल और माँ अच्छे नम्बर से पास हो गए। मैं मिठाई लेकर गुपता आंटी के घर पंहुचा।

ऊपर जाओ पारुल तुम्हारा इंतजार कर रही है!  मिसेस गुप्ता हस्ती मुस्कुराती बोली
मैं ऊपर पारुल के कमरे में गया। वो नॉटी मूड में थी। उसके कमरे में झालर जगमगा रही थी। पारुल से अपने कमरे के दोनों लाइट लैंप ऑन कर दिए। रंगीन लाइट बिखेरती झालर जलने दी। ट्यूबलाइट बन्द कर दी। सारा कमरा जैसे सपनों का शहर लगने लगा। उसने मुझे इशारा किया अंदर आने का और डोर लॉक कर दिया।

मैं जान गया कि अब पारुल नादान नही रही। अब वो सायानी हो गयी है।
शेखर! क्या आज तुम मुझे चोदना सिखाओगे?? उसने मेरे काम में फुस्फुकर पूछा। वही भोलापन था उसमें।
हाँ! मैंने हँसकर कहा। मैं भी आज पूरे मूड में था। मैं भी आज धमाल करना चाहता था। मैं भी जोश में आ गया। मैंने पारुल को पास बुलाया। उसे सीने से चिपका लिया। वो अभी 14 साल की थी इसलिए घर पर भी स्कर्ट पहनती थी। उसमें मम्मे उसकी टॉप से बाहर झांकने लगे थे जो बताते थे की ये फल मीठा है और पक चूका है। मैंने पारुल को बाँहों में भर लिया। उसकी किसी अमरुद सी गदरायी छातियां मेरे सीने पर गुदगुदी करने लगी।

पारुल मुझसे काफी छोटी थी हाईट में। इसलिये मुझे झुककर उसे पकड़ने पड़ रहा था। मैंने उसकी खूबसूरत आँखों को कई बार चूम। बड़ी नाजनीन थी। उसकी आँखे सच में बड़ी खूबसूरत थी। देखो तो देखते ही रह जाओ। हम दोनों एक दूसरे की आँखों में डूब गए। आज मैं तुमको चुत शास्त्र सिखाऊंगा मेरी राजकुमारी! मैंने उसके कान में धीरे से कहा। दोंस्तों, जब दो जवान लोग साथ हो तो एक ना एक दिन चुदाई हो ही जाती है। ये नार्मल बात है। यही आज हम दोनों के साथ हो रहा था।

एक जवान खूबसूरत चुदासी लड़की सायद दुनिया की सबसे अच्छी बात होती है। पारुल भी आज ऐसी ही थी। मैंने उसके कंधे तक के बालों में हाथ फेरा। बड़े ही सिल्की बाल थे। पारुल ने अपने बाल कटवा दिए थे। पहले तो कमर से भी लंबे बाल थे। अब कंधे तक थे। हम दोनों एक दूसरे को आशिक़ों वाली नजर से देखने लगे। देखकर ही एक दूसरे को आँखों ही आँखों में चोदने लगे। मैंने अपनी उँगलियाँ उसके ओंठों पर दौड़ा दी। और उसके लबो में कितना रस है पता किया।

फिर हमदोनो आटोमेटिक ही एक दूसरे को ओंठों पर किस करने लगे। हमदोनो अब ये सब चुम्मा चाटी समझने लगे थे। काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे में मुँह में घुसे रहे। कभी पारुल मेरे पतले ओंठों कों मुँह में ले लेती, कभी मैं उसके ओंठों को अपने लबो में दबा लेता। फिर मैं अपनी जीभ उसके मुंह में डाल देता। वो बड़े प्यार से चुस्ती। फिर वो अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल देती। मैं चूसता। वाकई दोंस्तों हमे इस तरह प्यार करने में बड़ा मजा आ रहा था। दोस्तों जैसा की आपको पता है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की सारी चुदाई की कहानियां बड़ी ही हॉट और नई होती है मैं तो रोज रोज इस वेबसाइट पर कहानिया पढता हु, आशा करता हु की आप मेरी दूसरी कहानी इस वेबसाइट पर पाएंगे,

धीरे धीरे मेरे हाथ ऑटोमैटिक उसके बूब्स पर चले गए। उसने विरोध् नही किया। सायद जवानी में हर लड़की चाहती है कि उसका यार उसके बूब्स पर हाथ फेरे। उसे प्यार से सहलाये, हल्के हल्के उसे दबाये। मेरे हाथ भी पारुल की कसी कसी छतियों पर दौड़ने लगे। वो गरम होने लगी। वो मस्त होने लगी। धीरे धीरे मैं उसके बूब्स को दबाने लगा। वो दबवाने लगी। उसने मना नही किया। उसने अपनी प्यारी आँखों को बंद कर लिया। अब मैं हद से ज्यादा गुजरने लगा। अब मैं और भी कस कसके उसके नारियल जैसै नुकीले मम्मे दबाने लगा।

उफ्फ्फ्फ़!! ये नारियल के दूध कहीं मेरी जान ना ले ले! मैंने फुस्फुस्कर कहा। पारुल मचलने लगी। उसपर प्यार का नशा छाने लगा। पर असल में ये चुदाई का नशा था। मैं काबू में ना रहा। मैं बेकाबू हो गया। मेरे हाथ स्वतः नीचे बढ गये और उसकी पतली हसीन कमसिन कमर पर जा पहुचे। मैंने उसे स्कर्ट के ठीक ऊपर पकड़ लिया। बड़ी चिकनी मखमली कमर थी। कहीं मैं मर ना जाऊ इतना सुख पाकर। मैंने सोचा।

मेरे ऊपर प्यार और वासना एक साथ हावी हो गयी। चुदाई और काम का देवता  कामदेव मुझ पर हावी हो गया। मेरे हाथ उसकी स्कर्ट से होते हुए पीछे उसके पूट्ठों पर चले गए। उफ्फ्फ्फ़! कितने चिकने मस्त गोलाकार नरम पुट्ठे थे। नयी नयी जवानी में किसी लड़की का पहला गुप्त अंगों का स्पर्श सच में बहुत सुख देने वाला था। आज मैंने जाना की बटर चिकन, और कढ़ाई चिकेन के अलावा भी दुनिया में बहुत कुछ है।

सायद एक जवान लड़के के लिए एक हसीन लड़की के गुप्तांगों को चुना, चूमना चाटना और फिर उसे एकांत में ले जाकर पूरा नन्गा करके पूरी रात चोदना किसी भी लड़के के लिए सबसे बड़ा तोहफा होता है। आज मेरी प्यारी पारुल ने मुझे वही किमती तोहफा दिया था। मेरे हाथ पारुल के चिकने पूट्ठों पर दौड़ने लगे। वो आहे भरने लगी। मैं उसे उसके बेड तक ले गया। अपनी पैंट निकली और लण्ड उसे मुँह में पकड़ा दिया।
चूसो!  बस मैंने एक शब्द कहा।

हम दोनों ही बस आँखों से बात कर रहे थे। ना ही पारुल ना ही मैं मुँह से बोलना चाहते थे। वो चूसने लगी। कमरे में कामदेव की काम लगाने वाली साइलेंस छा गयी। पारुल के मस्त रसीले ओंठों से लंड चुस्वना सायद सबसे बड़ा सुख था। कुछ देर तक चुस्वाने के बाद मैंने उसे रोका और टॉप उतार दिया। फिर उसकी पीठ में हाथ दाल उसकी ब्रा के हुक्स को खोल दिया। मेरे सामने सायद दुनिया के सबसे हसींन बूब्स थे।

मैंने तुरन्त ही उनको मुँह में ले लिया। ताजी ताजी रोटियाँ जेसी फूल जाती है, वैसे ही उसके बूब्स फूले हुए थे। मैं उनको बड़े मजे से आँख बंद किये चुसने लगा। मैं बड़े जोश से मुँह चला चलाकर आवाज करते हुए उसके बूब्स पिने लगा। गुप्ता आंटी अगर ये देख लेती तो सायद मेरा खून कर देती। फिर मैंने दुसरा बूब्स मुँह में भर लिया। मन तो कर रहा था काट कर साथ ले जाऊ और तिजोरी में रख लू। रात भर साथ लेकर सोऊँ। पर ये पॉसिबल नही था।
आज पहली बार किसी जवान मादा के बूब्स मैं पी रहा।

हम इंडियंस के बूब्स कितने सूंदर होते है, मै विचार करने लगा। मैंने काफी देर तक बूब्स पिए। पारुल आहे भरने लगी। वो गरम होने लगी। वो चुदासी होने लगी। मैंने मुँह निकाला। अपने हाथ की उँगलियों से पहली बार मैं उसकी नाजुक नारियल जैसी छतियों की घुंडियों को हाथ से छूने लगा। मेरे जीवन का ये सायद सबसे सुखद पल था। हर जवान लड़के की ख्वाहिश होती है कि किसी जवान हसीन लड़की की छतियों को हाथ में ले। मेरे लिए तो ये चाँद को छूने जैसा था।

मैं हाथ से पारुल की छतियों की काली घुंडियों को उँगलियों से बड़े प्यार से मसलने लगा। मैं स्वर्ग में पहुँच गया था। एक मर्द के स्पर्श से पारुल पर जवानी का और भी नशा चढ़ गया। वो गर्म सिसकारियां लेने लगी। वो और भी चुदासी हो गयी थी। धीरे धीरे मैं और जादा घुंडियों को ऐड़ने लगा। और बिच बिच में मुँह में लेकर निपल्स को पिने लगा। लगा जैसै मैं अपनी माँ का ढूध पि रहा हूँ।

पारुल ने खुद अपनी स्कर्ट के हुक खोल दिए। और उतार दी। एक चुदासी लड़की बिना कहे सब समज जाती है। कुछ कहने की जरूरत नही होती। उसने वॉयलेट रंग की पैंटी पहन रखी थी। मेरे हाथ अब नीचे की और बढ़ चले तो उसकी मखमली कमर पर जाकर रुके। मैं उसकी नाभि का अवलोकन किया। उसे चुम लिया। नाभि के नरम गड्ढे में मैंने जंगली कर दी। पारुल आहे भरने लगी। मैंने फिर से नाभि और उसके गड्ढे को चूम लिया।

किसी जवान लड़की की चूत की ओर हम जैसै 2 बढ़ते जाते है जिस्म कितना नरम होता जाता है। जैसे चम्मच से काटो और मुँह में भर लो। मैंने पारुल के पेड़ू को ध्यान से देखा। ओहः कितना सूंदर पेड़ू। कितना चिकना! कितना सपाट! कितना नरम। इस पारुल की चूत किसी राजकुमारी की चूत से कम ना होगी।

मैंने नीचे दक्षिण दिशा बे बढ़ गया। गोरे बदन पर वॉयलेट पैंटी बड़ी फब रही थी। कुदरत का तोहफा था ये। मैंने पैंटी को ऊपर से सूंघकर देखा। औरत की महक, उसके गुप्तांगों की महक कैसी होती है मैंने पहली बार जाना। ओहः आज मैंने क्या क्या नया चीज ढूंढ निकाला। मैं काफी देर तक चुट को पैंटी के ऊपर से सूंघता रहा। फिर पैंटी निकाल दी।
कुदरत की बनायीं हुई चुट के मैंने पहली बार दर्शन किये। कितनी हटके , कितनी अलग, कितनी विचित्र होती है ये चुट।

15 साल की कच्ची उमर में बस अभी रोये रोए ही आये थे। पारुल अभी कली थी। ये कली अभी खिलकर फूल नही बनी थी। सायद इसे चोदकर मैं आज इसके यौवन और इस फूल को खिला दूँ। मन में विचार आया। मैंने आगे भड़कर पारुल की लाल कत्थई चुट को चूम लिया। रोये को भी चुम लिया। मेरी आँखों में वासना का जवालामुखी फटने लगा। अब और नही! शेखर इसे जल्द से जल्द।चोदो भाई! वरना कहीं गुप्ता आंटी ना आ जाए।

मैं चूत के दर्शन करने लगा। बड़ी विचित्र अलिएन जैसी चुट के लब। मैंने अपने गुलाबी ओंठों से कुदरत के इस करिश्मे को चूमकर सलाम किया। दोनों हाथों से चूत के लब खोलकर देखे। शरमाते पर्दे धीरे धीरे कामुकता से खुलने लगे और अंत में चुट के दर्शन हो गए। मन किया कि जल चढ़ा दूँ। आरती कर दू। मैं उसकी लाल रबर जैसी झिल्ली को चूमने चाटने लगा। पारुल आहे भरने लगी।

अब शेखर! देर मत करो! कुदरत के इस तोहफे को ले लो! खा जाओ इसे! मैंने खुद से कहा
बस लण्ड चूत के दरवाजे पर रख दिया।
पारुल! मेरी प्यारी पारुल! जरा दर्द होगा! सह लेना! बाद में मजा मिलेगा! मैंने उसे समझाया। और प्यार भरा धक्का दिया। लण्ड चूत से फिसल ऊपर चला गया। फिर मैंने निशाना साधा। पर कुछ मिनट तक लण्ड इधर उधर फिसल जाता। पर मैंने उमीद नही छोड़ी। फिर निशाना सेट किया। उनके पैर पुरे खुल नही रहे थे। ताक़त लगायी और खोले। फिर निशाना सेट किया। जोर से धक्का दिया। लण्ड गुलाबी झिल्ली तोड़ता हुआ अंदर हल गया।

गाढ़े लाल खून की 2 3 धाराएं मैंने बहते देखी। मैं सन्तुष्ट हुआ। और धक्का दिया तो मैंने पूरा पूरा पारुल की चूत में access कर लिया। जैसी चोर दरवाजा तोड़ कर तिजोरी में घुस जाते है। मुझे सन्तोष हुआ की कम से कम मैं मर्द तो हूँ। धीरे धीरे मैं पारुल को चोदने लगा। कुछ देर बाद लण्ड आसानी से उसकी चुत की गलियों में सरकने लगा। मन हुआ की गाना गाऊं तेरी गलियां!….गलियां तेरी गालियाँ… मुझको भावे गलियां तेरी गलियां!!

मैं उसे चोदने सगा। सनसनी और उत्तेजना मेरे पुरे बदन में समा गई, छा गयी। पारुल ने आँखे बंद कर ली थी। सायद उसे भी इतना ही सुख और उत्तेजना मिल रही हो। मैं उसे दनादन चोदने लगा। मेरे लण्ड का टाका भी टूट गया। मेरे भी दर्द होने लगा। खून निकलने लगा। पर चुदाई के मीठे दर्द में हम दोनों ही अपने अपने हिस्से का दर्द बर्दास्त करते रहे। मेरे झटकों से पारुल के बूब्स ऊपर नीचे जम्प करने लगे। बड़ा नशीला था वो दृश्य। शब्दों को बताना कठिन है।

किसी कुंवारी लड़की को चोदकर अपना बिस्तर गर्म करना वैसे ही बड़ा नशीला होता है। 35 मिनट तक पारुल को बिना रूके चोदता रहा। फिर लगा झड़ने वाला हूँ। पूरा बदन ऐंठ गया, मैं व्हसिपने से हुँ हूँ हूँ! कहकर धक्के मारने लगा। लगा कहीं बेचारी की चूत ना फट जाए। फिर गरम लावा उसकी चूत में ही छोड़ दिया।

हम दोनों अलग अलग होकर सुस्ताने लगे।

पारुल! इसे तो चोदना कहते है!  मैंने उसके कान में फुसफुसाकर कहा
उसके चेहरे पर सुख और उत्तेजना का पसीना था।
मैं जान गई! पारुल धीरे से मुस्कुराकर बोली।

Very hot and sexy kamuk story in hindi font Sex Kahani Gupta Aunty ki Beti ki Chudai An Very Erotic Sex kahani read onlne free sexy kahani in hindi

Hindi Sex Story

Sex Stories, Hindi Sex Stories, Sex Story, Hindi Sex Story, Indian Sex Story, chudai, desi sex, sex hindi story, Marathi Sex Story, Urdu Sex Story, पढ़िए रोजाना नई सेक्स कहानियां हिंदी में अन्तर्वासना सेक्स और इंडियन हिंदी सेक्स कहानी हॉट और सेक्सी सेक्स कहानी, Sex story, hindi story, sex kahaniyan, chudai ki kahani, sex kahaniya


Online porn video at mobile phone


दुल्हन की सुहागरात का सेक्सी वीडियो च**** सहित फोन पढ़ता हुआचुचीया और सथनsksikhanepdhnekeliyeXxx non veg sex khania hindigarbbati orat ki chutsex xxx hot भानजी कहानीhindi mami bua mushi didi ma seaxy satorigey sex story bap beta nenokrani ka doodh maa ka boorकामुकता डौट कम बहन की चुत देखिपापा ने सालगिरा माँ कि चूत मारीdaily new संभोग कथा in Marathiपाप ने कुबारी बेडी को चुदा मा बनाया सेकसि कहानीbahan ko lipstick la kardi sexy storiesdibali me cudane ki kahaniLADYBOSS.NOKER.SEX.HINDI.STORYहिन्दी. सेकसी।कहानियां।पडने वालीwww.hindi sex storeis.comsuhagratsexstoryमै ने आपने बेटे से चुदाईdibali me cudane ki kahanidibali me cudane ki kahaniताऊ का लडँ चाची कि चूतjabarjasti sex vedio daula kar sexsex khaniभाई ने मेरेको चोदNew 2019 ki hot didi ki hindi sex storysex stories hindicudai ke liye sge bete ko patayaजबरदस्ती चोदा सबने मिलकर माँ कोhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaantaravsna principal and momdibali me cudane ki kahaniसूट salwar वाली और लूंगी वाला kondam lagakar खत मुझे चुदाई की देसी सेक्सी videssisterbur chudaixxx videonanvij vait कहानियोंदेवर भाभी की चुदाई बिडीओsex comAunty ko kamod pe choda hindi sex stori antarvasnaगोवा मे चुदाई मौसी कि चुपरिवारिक रिश्तो मै चुदाई की कहानियाँ.vilage.combhai khuleaam sex kahaniBiwi.ki.saheli.ki.gand.fadi.hindi.sex.kahaniyaहिंदी में सेक्सी बात करते हुए हिंदी सेक्सी वीडियो बाबूजी तेरी च** को चोदा नाhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaअकबर बीरबल तानसेन और जोधा की बूब चूसने की कहानीहिन्दी. सेकसी।कहानियां।पडने वालीरंडी बीबी गोवा मेंदोस्त की मोटी बहन से सेक्सक्बारी बुआ ने गाड मराई कहानी हिन्दिमाई सेक्सी सी ओ यू पी आई बीएफ एक्स एक्स एक्स डॉट कॉमचाचा ने मुझे बहुत चोदाhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayaSEX STORY MUMMY NE BAHEN KO CHODNE KO BOLAKutte be chut ki seal Tod Kar chut fad di hindi storychachee ki malis chudai khane hindeदुकान ब्रा सेक्स स्टोरीmummy aur aunty ki adla badli hindi sex kahanidibali me cudane ki kahaniLADYBOSS.NOKER.SEX.HINDI.STORYभाभी कि चुत मे देवर अपना माल गिराकर भाभी को माँ बना दिया कहानियाँhotsexstory.xyz ajnabi ne kali se phool banayajoke चुचीStory sex hindiantarvasna sas ne di galidevar bhabi ke najuk riste ki storydibali me cudane ki kahaniwwwxxxhidikahani comxxx jardsti kichen hotal khani माँ बेटेLADYBOSS.NOKER.SEX.HINDI.STORYदशहरा में बहन की चुड़ै कहानीhindi xxx bhai ne apne janamdin pr choda hindi xxx saxi stoty bhai khuleaam sex kahaniलङ मोट लम्बे करे दबाई देशीxxx रंडि माँ बेटि दौनो को चोदा झाट बाला चुत कहानीमालिक ने विधवा नोकरानी को पहली बार मे ही परेगनेंट कर दिया कहानीएक लडकी दूसरी औरत का दूध पी थी दोने नगेpapapa ne sagi बेटी kesaht suhagrat manay सेक्स कहानी