टीचर कि बेटी अनुराधा की चुदाई, लंड खड़ा कर देने बाली कहानी

नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर सभी सेक्सी कहानी पढ़ने वाले मित्रों को पंकज मिश्र का गुड इवनिंग. हर दिन जब रात होता है तो हम सभी लड़कों के लंड खड़े हो जाते है. और जब कोई चूत हमारे पास नही होती तो बस हाथ का ही सहारा रहता है. पर सूखे सूखे क्या हाथ मारना. कोई मस्त कहानी तो बनती है. इसलिए दोस्तों, नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर कई सालों से सेक्सी कहानी पढ़ने के बाद आज मैं भी आपक सभी को अपनी सेक्सी कहानी सुना रहा हूँ.

दोस्तों, मैं नया नया जवान हुआ था. सिटी मोंटेसरी स्कूल में साधना मिस हम सब बच्चो को पढाती थी. मैं ८ वी में पढ़ रहा था, पर चुदाई और मैथुन क्या होता है, ये मैं जान गया था. साधना मिस हम बच्चो की क्लास टीचर थी. वो काफी बुड्ढी थी. १० १५ साल से वो पढ़ा रही थी. साधना मिस की मैं बहुत इज्जत करता था. वो मुझे हर टेस्ट में गुड देती थी, क्यूंकि मेरे साले जवाब सही होते थे. मेरे कुछ दोस्त मुझे गंदी फिल्मे दिखाते थे. मैं उस समय नादान था, पर दिल में ख्वाहिश तो थी ही की काश कोई लड़की मेरी गर्लफ्रेंड बन गए. कुछ महीनो बाद जुलाई आई तो साधना मिस से अपनी लड़की अनुराधा का नाम मेरे ९ क्लास में लिखवा दिया. चूँकि अनुराधा मिस जी की लड़की थी , इसलिए वो आगे वाली सीट पर बैठती थी. मैं भी हमेशा आगे वाली सीट पर बैठता था.

मैं पढ़ने में होसियार था, वही साधना मैडम की लड़की भी बहुत होशियार थी. कुछ ही दिन में हम दोनों की अच्छी दोस्ती हो गयी. कई बार वो मुझसे मिलने मेरे घर आती थी. साधना मिस वैसे तो बड़ी सख्त मिजाज थी, पर मेरा रिकॉर्ड अच्छा था, इसलिए अनुराधा को मेरे घर आने देते थे. वो डरती भी थी क्यूंकि अनुराधा अब जवान हो चुकी थी. एक बार में एक लड़का और लड़की क्लास रूम में चुदाई करते हुए पाये गए थे. तबसे सभी टीचर थोडा डरने लगे थे. जब अनुराधा का बर्थडे पड़ा तो उसने मुझे अपने घर पर बुलाया. फिर २ महीने बाद मेरा बर्थडे पड़ा तो मैं अनुराधा को बुलाया.

उस दिन मैं तो उस पर मर मिटा जा रहा था. गुलाब का फूल लग रही थी अनुराधा. जहाँ मैं साढ़े ५ फिट का था वहीँ वो ५ फिट १ इंच की थी. अभी अभी नई नई जवान हुई थी. मम्मे भी अब बड़े होकर पक गए थे. अब वो भोगने और चोदने खाने लायक सामान हो गयी थी. हो सकता है आप लोग कहे की पंकज मिश्र कितना चोदू आदमी है, अपनी मैडम की लड़की की ऐसा कह रहा है. पर इसके जवाब में मैं तो कहूँगा की जब लंड खड़ा होता है और फन मारता है तब माँ की माल लगती है. लंड को तो बस वही ५ इंच गहरा छेद चाहिए होता है. खड़ा लंड तो तब ही बस शांत हो सकता है. सिर्फ बाते पेलने से तो लंड शांत नही होता. इसको तो बस १ छेद चाहिए होता है चोदन के लिए. फिर कैसी मिस और कैसी टीचर.

जब अनुराधा आ गयी तब ही मैं केक काटा. इसमें कोई दोराय नही की मैं उससे प्यार करने लगा था. मैं आज सोच भी लिया था की आज अनुराधा को प्रोपोस मार दूँगा. अनुराधा का बदन भरा हुआ था, उसी से मैं उसके मस्त भरे बदन का अंदाजा लगा सकता था. जैसा फैशन टीवी पर दिखाते है की लडकियां पतली पतली बांस के खंबे की तरह सिकडी पहलवान होती है, अनुराधा उस तरह की बिलकुल नही थी. बिलकुल देसी मछली थी. आह उसके चोदने को मैं कबसे बेक़रार था. कितने सपने देखे थे उसके लिए मैंने. पर साधना मिस से मैं बहुत डरता था, मेरी बड़ी फटती थी उनसे. क्यूंकि बचपन से वो और उनकी डंडी ही मैंने देखि थी. सारे लड़के भी बहुत डरते थे उसने.

बर्थडे का केक कट गया तो सब मेहमान फिर से अपनी अपनी मंडली में खो गए. मैंने अनुराधा को अपने बगीचे में ले आया. एक गुलाब का फूल तोडा और उसको दे दिया.

अनुराधा !! आई लव यू!! मैंने कहा

वो बिलकुल से झेप गयी. कुछ देर तक तो कोई जवाब ना दिया. मैं तो टेंशन में आ गया. क्यूंकि मैं उसे सिर्फ चोदना खाना ही नही चाहता था, पर प्यार भी बहुत करता था. इसलिए मैं थोडा इमोसनल भी था. कुछ देर बाद अनुराधा हँसी और हाँ में उसने सिर हिला दिया. दोस्तों, मैं इतना खुश हुआ की लगा मैंने दुनिया जीत ली है. लगा मैं बिल गेटस बन गया हूँ और दुनिया का सबसे आमिर आदमी हूँ. मैं अनुराधा को अपने कमरे में ले आया.

वो भी अपनी मर्जी से आई थी. मेरे घर में हर तरह पार्टी चल रही थी. हनी सिंह के गाने बज रहें थे. मेहमान ही मेहमान थे. मेरे कमरे में मेरी मौसी की लडकियां बैठी थी, मैं उसको बाहर निकला. अनुराधा मेरे साथ अंडर आ गयी. वो भी जान गयी थी की हम दोनों कुछ ना कुछ करेंगे. अंदर आते ही मैंने अनु [प्यार से मैं उसको कभी कभी अनु भी कह देता था] को सीने से लगा लिया. हम दोनों लिप लोक होकर किस करने लगे. अनुराधा बड़ी ही मासूम थी, जरा भी चंट नही थी. बड़ी सीधी लड़की थी तभी मुझे उससे इश्क हुआ था. मैंने अनुराधा को बाँहों में भर लिया, उसके होठों पर गर्म गरम चुम्बन लेने लगा. पहली बार किसी लड़के के होंठ पी रहा था. बड़ी बात होती है ये.

अनु के होठ पीते पीते हम दोनों गरम हो गए. मैंने अनु की आँखों में बस झाका और मुझे जवाब मिल गया. यही तो प्यार में होता है, बात करने  की जरुरत ही नही होती. सारी बातें बस आँखों आँखों में ही हो जाती है. वो भी चुदने को अपने मन से तैयार थी. अनु ने पिंक रंग की कुर्ती पहन रखी थी. बिलकुल घर का देसी लाग लग रही. मैंने उसके पुरे बदन को बाहों में भर लिया और हर जगह सहलाने लगा. उसकी, कंधे, पीठ पर मेरा हाथ गया. फिर उसकी कमर पर मेरा हाथ गया. और फिर उसके हिप्स पर मेरा हाथ गया. भरे भरे गोल गोल हिप्स को छूते ही मेरे दिल ने कहा रोज रोज अनुराधा तो तुमको मिलेगी नही पंकज. मौके का फायदा उठाओ और इस कच्ची कली को चोद लो. वरना कल किसने देखा है. कहीं साधना मिस किसी और स्कूल में पढाने चली गयी तो.

बस मैंने अनुराधा को अपने बेड पर घसीट लिया. वो भी चुदासी थी और कोई नु नुकर उसने नही किया. मैं भी उसके बगल लेट गया. चुदाई की सुरवात चुम्मा चाटी से हुई. काफी देर तक तो चिपका चिपकी चली. आँखों के इशारे में चुदाई का संकेत हो गया. मैंने खुद अनुराधा की गुलाबी कुरती को उतार दिया. जैसे जैसे उसके बदन से एक एक कपड़ा निकलता गया अनु[ अनुराधा] के भव्य रुपए के दर्शन होते गए. अंत में वो अपने आलसी प्राकृतिक रूप में आ गयी. वो १५ १६ साल की लड़की अपने असली भव्य रुप में आ गयी. वो वस्त्रविहीन हो गयी. मैं भी कपड़े निकाल दिए. अनु के रूप को मैं निहारता रह गया. छरहरा इकहरा बदन आज कल की छोकरियों के बिलकुल विपरीत जो फास्ट फ़ूड खा खाके मोटी और भद्दी हो जाती है. मेरे सामने उसका नया नया यौवन से परिपूर्ण बदन खुला हुआ था. अनुराधा के चेहरे पर नूर ही नूर झलक रहा था, उसकी मासूमियत की खूबसूरती. उसके कुंवारे होठ जिसको अभी तक किसी लड़के ने नही पिया था.

उसके उभरे चिकने चुच्चे जिसके चूचकों पर १० रुँपये के सिक्के की साइज़ के काले घेरे थे. जिसको अभी तक किसी से नही चखा था. बार बार मैं अनुराधा के चेहरे को चूमने लगा. मन तो हुआ की इसकी मासूमियत को नष्ट ना करू. इसको ना चोदू. ऐसे ही काम चला लूँ, पर इस महापापी लंड का क्या करता. इसको तो ४ इंच का छेद चाहिए ही ना. ये मेरी बात ना सुनता. इसलिए मैं चुदाई की दिशा में बढ़ गया. सबसे पहले अनु [अनुराधा] के दोनों गुलाबी कुंवारे होंठों को पी कर उनकी सारी लाली चुरा ली. जैसे मधुमखी फूल पर बैठ कर उसका सारा नूर सारा पराग चुरा लेती है. मेरे हाथ लगातार उसके चुच्चों पर लगातार गश्त लगा रहें थे जैसी पुलिस रात में पुरे शहर में गश्त लगाती. अनु के इस भव्य रूप के मैंने आज पहली बार दीदार किया था. स्कूल ड्रेस में तो वो मुझे हमेशा बहन जी टाइप की लगी थी पर आज ऐसे उसके खुले नग्न रूप में वो मुझे आदर्श प्रेयसी लग रही थी.

मैंने पूरी तरह से उसको अपने में भर लिया. उसके सिर को मैंने प्यार से पकड़ लिया और उसके सिक्के जैसे काले घेरों को पीने लगा. अनुराधा के नंगे बदन की खुसबू मेरे नथुने में चली गयी. मैं अनु को पूरी तरह से अच्छे से भोगना चोदना चाहता था. कहीं कोई कोर कसर नही छोड़ना चाहता था. मैं उसको खुद में लपेट लिया था, रुमाल की तरह वो मुझे सिमट सिकुड गयी थी. साधना मिस से उसके लिए सोने की चैन बनवाई थी. नई नई सोने की चेन उसके गले में बहुत जच रही थी. एक बार तो लगा की मैं उसके साथ गोवा या कोई पर्यटन स्थल पर आया हूँ और हनीमून मना रहा हूँ. उसकी बगलों में बड़ी बारीक़ हल्के हल्के बाल थे. अभी अनु [अनुराधा] पूरी तरह से बालिग भी नही हुई थी और मैं उसको भोगने जा रहा था. उसने अपने लचीले पतले हाथों से मुझे जकड रखा था.

अनुराधा के बदन में बड़ी नवीनता थी. चिकना बदन था जिसको अभी तक किसी से नही चोदा था. मैं उसके दोनों दूध पीने में डूबा था. इसके साथ ही दूसरे खाली दूध को हाथ में लेकर होर्न की तरह दबा देता था. अनु चिहुक उठती थी. उसके रूप और खूबसूरती पर मैं आसक्त था. बाहर मेरे जन्मदिन पर मेरे दुसरे दोस्त और रिश्तेदार और उसके खून चूसूं बच्चे हनी सिंह के गानों पर डांस कर रहें थे. मैं इधर अपनी साधना मिस की लड़की के साथ महा चुदाई की महा पाठशाला लगा रहा था. लहकते, मचलते उसके जिस्म को लेकर मैं कहीं दूसरी दुनिया में खो गया था. अब नीचे की तरह बढ़ रहा था, उसका मखमली पेट, उसकी नाभि को मैंने चूम लिया. अनु खिलखिलाकर हंस पड़ी. नाभि से पेडू से होकर हल्की हल्की बारों की बड़ी महीन बारिक लाइन थी जो उसकी बुर तक जाती थी. चीटियों की तरह मैं एक एक बाल को चूमता चूमता मैं अनु के पेडू पर आ गया. फिर बुर पर आ पंहुचा जैसे अंग्रेज सोने की तलाश करते करते भारत आ पहुचे थे.

अनु की बुर पर हल्की हल्की झांटे थी. उसकी चूत की तरह उसकी झांटे भी अभी कुंवारी थी. मैंने अपना सिर उसकी झांटों के बादल में डाल दिया और कहीं खो गया. मैंने अपना मुह उसकी झांटों में छिपा लिया जैसे जब मासूम छोटा बच्चा अपनी माँ से रूठ जाता है तो घर में कहीं किसी कोने में छिप जाता है. हम दोनों प्रेमी प्रेमिका का चुदाई का बड़ा मन भी था, समय भी था , मौका भी था और दस्तूर भी था. अब तो चुदाई होनी लाजमी थी. हम दोनों एक दूसरे में पति पत्नी की तरह समा गए थे. अनुराधा को आज इस तरह पाकर मैं खुद को बिल गेट्स जितना अमीर समझ रहा था. मैंने झांटों को बीच से अपनी उँगलियों से हटाया तो चूत मिल गयी. मैं पीने लगा. हल्का नमकीन स्वाद मेरे मुह में आया. अनु के चेहरे की भाव भंगिमांए बदने लगी. मैं लपर लपर करके उसकी चूत पीने लगा.

अंततः मैंने अपना लंड उसके भोसड़े पर रख दिया और धक्का मारा. कई दफा लंड इधर उधर भाग गया. मैंने उसकी दोनों जाँघों को पकड़ा, लंड को रिसेट किया और अंडर पेला. उसकी कुंवारी पवित्र सील टूट गयी. मैं अनु को चोदने लगा. उसके सायद बिठाये वो निजी पल सायद बड़े खास थे मेरे लिए. कुछ देर बाद वो चूत का छेद खुल गया. मैं सहजता से अपनी जानेमन को लेने लगा. वो मुझसे लिपट गयी थी , जैसी मुझे अपना पति, अपना दिलबर मान चुकी थी. मैं उसे घपाघप पेल रहा था. कभी उसे दर्द होता कभी नही, पर नए नए चूदाई का सुख तो मेरी अनु उठा रही थी. उसकी नाजनीन पलकें कभी गिरती, कभी उठती, कभी उसकी भौहे फैलती, कभी सिकुड़ती. मैं भवरे की तरह, किसी मधुमख्खी की तरह अनु का सारा नूर , उसका सारा पाराग लूट रहा था. फिर कुछ पलों बाद मैंने अपना अमृत अनु की आत्मा में छोड़ दिया. हम दोनों प्रेमी प्रेमिका आज एक हो गए. हम दो जिस्म थे, पर आज एक जान हो गए. हम दो शरीर थे, पर आज चुदाई के बाद हम एक आत्मा हो गए. मैं भी इधर पूरा हो गया, अनु भी उधर आज चुदकर सम्पूर्ण नारी हो गयी. समय से पहले ही उसे चोदकर मैंने उसके यौवन की कलि को फूल बना दिया. फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और बाहर आ गए. अभी भी पार्टी चल रही थी. हनी सिंह का ‘ आंटी पुलिस बुला ले गी, फिर पार्टी यूँ ही चलेगी’ ये गाना अभी भी बज रहा था. मेरी और अनु की पार्टी को पूरी हो चुकी थी.

दोस्तों, जिस बात का डर था वही हुआ, साधना मिस के पति को कहीं सरकारी नौकरी मिल गयी और वो हमारा स्कूल छोड़ के चली गयी. मेरा प्यार मेरी मुहब्बत अनुराधा भी उसके साथ चली गयी. मैं बहुत रोया, कई दिन मैंने खाना नही खाया. पर मैं मजबूर था. आखिर में क्या करता. मेरी मुहब्बत अनु चली तो गयी पर उसका प्यार आज भी मेरे दिल में जिन्दा है और हमेशा जिन्दा रहेगा. अगर आपको मेरी मुहब्बत की दास्ताँ पसंद आई हो तो नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कोमेट्स लिखना ना भूले. मनमोहक प्यार की कहानियाँ नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढते रहिये, शुभरात्रि.

गाँव के जमीदार ने ५० हजार का कर्ज देनी के बदले मेरी बहन को ३ दिन कसके चोदा

Bahan Sex Story : हेल्लो दोस्तों, मैं मुरली आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।
मैं रामपुर जिले का रहने वाला हूँ। मेरे घर में मैं, मेरी जवान बहन प्रतिभा और मेरी माँ थी। मैं पेशे से एक किसान था और मेरे पास एक जमाने में काफी खेती हुआ करती थी। पर धीरे धीरे सब कुछ खत्म हो गया और मेरी सारी जमींन मेरे गाँव के चौधरी समरथ सिंह चौहान के पास गिरवी हो गयी। ये सब बारिश ना होने की वजह से हुआ। मैं खेतों में काम करता, बीज बोता पर जब फसल बड़ी होती तो बारिश ही नही होती और मुझे हजारों का नुक्सान हर महीने हो जाता। उधर मेरे गाँव का चौधरी समरथ सिंह बहुत ही ठरकी टाइप था और गाँव की जवान बहु बेटियों को मौक़ा मिलते ही चोद देता था। उसके पास १ दर्जन गुंडों की फ़ौज थी। असल में मेरे गाँव और आसपास के सब लोग समरथ सिंह से डरते थे क्यूंकि उसके पास पैसा और पॉवर दोनों था। उसके पास गुंडों की पूरी एक फ़ौज थी। धीरे धीरे मेरी किसानी डूबती जा रही थी और मुझे एक बार फिर से कर्ज लेने के लिए समरथ सिंह के पास जाना पड़ा।
मेरी जवान बहन प्रतिभा को चौधरी ने कई बार खेतों में काम करते हुए देखा था। मेरी बहन प्रतिभा बहुत खूबसूरत और जवान मस्त माल थी और गाँव के सारे लड़के उसे हमेशा ताड़ते रहते थे। पर सबके साथ साथ हमारे गाँव के चौधरी समरथ सिंह की गंदी नजरे भी प्रतिभा पर थी। एक दिन शाम को मेरी खूबसूरत और सुंदर बहन प्रतिभा बजार जा रही थी तो समरथ सिंह उसे मिल गया और उसकी बुलेट पर बैठने के लिए कहने लगा। समरथ को बस नई नई खूबसूरत लड़कियों की चूत मारना पसंद थी।
“प्रतिभा जान…आओ हमारी बुलेट पर बैठ जाओ। हम तुमको बजार तक छोड़ देते है!!” समरथ बोला। वो मेरी जवान चुदासी बहन को बार बार घूर घूर के देख रहा था जैसे खा ही जाएगा। प्रतिभा को समरथ सिंह के इरादे कुछ नेक नही लगे और वो उसकी मोटर साइकिल पर नहीं बैठी। जब मैं हमारे गाँव के चौधरी समरथ सिंह के पास दोबारा कर्ज मांगने गया तो वो प्रतिभा के बारे में पूछने लगा।
“कितना कर्ज तुमको चाहिए???” समरथ ने मुझसे पूछा
“यही कोई ५० हजार मालिक!!” मैंने झुककर दोनों हाथ जोडकर कहा
“पर तुम्हारा तो २ लाख कर्जा पहले से है। तुम्हे कर्ज नही मिलेगा!!” वो सिर घुमाकर बोला
“पर मालिक, मुझे पैसे की बहुत जरूरत है। आप हर हालत में मुझे ५० हजार का कर्ज दे दो!!” मैंने कहा
“तो ठीक है, अपनी जमीन के कागज़ ले आओ और हमारे पास गिरवी रख दो!!” समरथ बोला।
ये सुनते की मुझे जैसे हार्ट अटैक आ गया। मेरी ४० बीघा की जमीन के कागज़ उसके पास पहले से थे और अब बची हुई जमीन भी वो हड़पना चाहता था। मैं किसी भी हालत में उसे अपनी बची हुई जमींन के कागज नही दे सकता था।
“मालिक कागज मेरे पास नही है। मेरी माँ ने कहीं रख दिए है। क्या कुछ और मैं आपको दे दू??” मैंने पूछा
“तो ठीक है…..अपनी जवान प्रतिभा की चूत मुझे दिला दो और जितना चाहो उतना कर्ज ले लो!!” हरामी समरथ सिंह बोला। मैं उदास होकर घर चला आया। मैं बहुत परेशान था। हमारे गाँव में सिर्फ चौधरी समरथ सिंह ही कर्ज देता था और कोई आदमी पैसा वाला था की नही। गन्ने की नई फसल के लिए मुझे बीज, खाद और सिचाई के लिए पैसो की बहुत जरूरत थी। अपने दिल पर पत्थर रखकर मैंने अपनी खूबसूरत बहन को चुदवाने का फैसला कर लिया और अगली शाम चौधरी समरथ सिंह की हवेली पर मैं पहुच गया।
“मालिक मैं अपनी खूबसूरत बहन को ले आया हूँ!!” मैंने कहा
प्रतिभा डर रही थी। घबरा रही थी। वो २० साल की जवान लड़की हो गयी थी। वो भी अब सब कुछ समझने लगी थी की मैं उसे चौधरी समरथ सिंह से चुदवाने के लिए लाया हूँ। मेरी बहन ये बात अच्छे से जानती थी।
“मालिक ज़रा आराम ने परिभा की चूत मारना!!” मैंने कहा तो वो कमीना हँसने लगा। मैं तो घर चला आया पर मेरी जवान खूबसूरत भोली और चुदासी बहन को वहां उस जानवर के साथ रात गुजारनी थी। उसके बाद ही वो मुझे कर्ज देता। फिर चौधरी समरथ सिंह मेरी जवान बहन को उपर पहली मंजिल पर अपनी हवेली में ले गया और बेडरूम में ले गया। ये उसके लिए कोई नई बात नही थी। उसने कर्ज देने के नाम पर गाँव की ना जाने कितनी कुवारी लड़कियों की मस्त चूत चोदी थी। यही उसका काम था। चौधरी समरथ सिंह की नजरे गाँव की हर खूबसूरत लड़की पर लगी रहती थी। मौक़ा मिलते ही वो उसकी चूत का सौदा कर लेता था। मैं जानता था की आज वो मेरी फूल जैसी मासूम बहन प्रतिभा को रगड़कर चोदने वाला था। ये बात मुझे अच्छे से मालुम थी।
“आओ प्रतिभा जान….हमारे पास तो आओ। जरा तुम्हारी खूबसूरती तो मैं देखूं!!” वो हरामी समरथ सिंह लालची नजरों से मेरी खूबसूरत बहन को देखकर बोला। प्रतिभा उस शैतान से बहुत खौफ खा रही थी। पर आज उसे हर हालत आज समरथ सिंह का मोटा लंड खाना ही था। तभी वो मुझे ५० हजार का कर्ज देता अगली फसल बोने के लिए। धीरे कदमो से मेरी जवान बहन उसकी तरफ बढ़ने लगी। फिर समरथ सिंह ने मेरी बहन को कलाई से पकड़ लिया और उसके गाल पर चुम्मी लेने लगा। मेरी बहन प्रतिभा बहुत खूबसूरत लड़की थी। उसका कद ५ फुट २ इंच था और फिगर 38 36 32 का था। इससे आप लोग अंदाजा लगा सकते है की मेरी बहन कितनी मस्त चोदने लायक माल होगी। समरथ किसी गुंडे की तरह मेरी बहन को चूमने लगा। फिर उसने उसे बिस्तर पर खीच लिया और उसके गाल पर किस करने लगा। मेरी बहन को ये सब जरा भी अच्छा नही लग रहा था पर आज उसे उस शैतान से चुदवाना ही था।
धीरे धीरे समरथ सिंह ने मेरी खूबसूरत बहन का सलवार कमीज निकाल दिया। अब समरथ के सामने मेरी बहन नंगी थी। प्रतिभा के बड़े बड़े ३८” के कबूतर काले रंग की ब्रा में कैद थे। समरथ मेरी बहन के बड़े बड़े गोल गोल खूबसूरत मम्मो को ब्रा के उपर से ही दबाने लगा और मजा लेने लगा। समरथ सिंह ५० साल का उम्र दराज मर्द था। उसकी बीबी, बच्चे और यहाँ तक की नाते पोते भी थे। इसके बावजूद उसे नई नई लड़कियों की कुवारी चूत मारना बहुत पसंद था और वो नयी चूत मारने के लिए कोई भी कीमत चुका सकता था। काले रंग की ब्रा और पेंटी में मेरी बहन प्रतिभा बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। समरथ सिंह ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और प्रतिभा को अपने पास लिटा दिया। उसके बड़े बड़े हाथ मेरी बहन के गोल गोल मम्मो को दबाने लगे तो प्रतिभा “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। कुछ देर बाद समरथ ने मेरी बहन की ब्रा और पेंटी भी उतार दी। अब तो गजब ही हो गया था। मेरी खूबसूरत बहन उस शैतान के सामने पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। प्रतिभा हमारे गाँव में सबसे खूबसूरत लड़की थी और उसका जिस्म बिलकुल भरा हुआ था। उसके भरे हुए जिस्म को देखकर चौधरी समरथ सिंह का लंड खड़ा हो गया और १०” तक लम्बा हो गया।
वो मेरी बहन के उपर लेट गया और उसके गुलाबी ताजे ताजे होठ पीने लगा। प्रतिभा आज अपने दिल पर पत्थर रखकर उस हैवान से आज चुदवा रही थी। धीरे धीरे उसे भी मजबूरन समरथ के होठो को पीना पड़ा। फिर समरथ मेरी बहन के ३८” के बड़े बड़े मम्मो को दबाने लगा और मजा लेने लगा। समरथ सिंह बहुत ही भारी भरकम कद वाला आदमी थी। वो शरीर से बहुत बलशाली था। इसलिए जब वो अपने बड़े बड़े हाथों ने मेरी बहन के मम्मे दबाने लगा तो वो “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करके चिल्लाने लगी। समरथ तेज तेज मेरी बहन के कबूतरों को दबा रहा था। फिर वो नीचे झुक गया और प्रतिभा के दूध को मुंह में लेकर चूसने लगा। वो हमारी तो मजा ले रहा था पर प्रतिभा को लग रहा था और दर्द हो गया था। मेरी खूबसूरत बहन को देखकर चौधरी सब कुछ भूल गया था और बस उसके बड़े बड़े ३८” के आम को चूसे जा रहा था।
प्रतिभा के मम्मे बहुत खूबसूरत थे। उसकी निपल्स बड़ी बड़ी और भरी हुई थी। निपल्स के चारो ओर बड़े बड़े काले काले घेरे बहुत ही सेक्सी लगते थे जिसे देखकर चौधरी पागल हो रहा था। वो एक हाथ से प्रतिभा के मम्मो को दबा रहा था तो दूसरे हाथों से प्रतिभा के चुच्चो को मुंह में भरकर पी रहा था और मजे ले रहा था। मेरी मासूम बहन तडप रही थी। उसका चौधरी से चुदवाने के बिलकुल दिल नही था पर आज उसे अपना मन मारकर उस हैवान से चुदवा ही था। आज चौधरी की हवेली में मेरी बहन की कसकर ठुकाई होने वाली थी। आज उसकी कुवारी रसीली चूत समरथ सिंह के मोटे लौड़े से कसके चुदने वाली थी। समरथ सिंह को मेरी बहन प्रतिभा बहुत ही खूबसूरत माल लग रही थी। वो उसकी तारीफ़ कर रहा था और उसके दूध को मजे से मुंह में लेकर चूस रहा था। मेरी बहन तडप रही थी।
समरथ सिंह ने ४० मिनट तक मेरी खूबसूरत बहन के मस्त मस्त मम्मो को बड़े प्यार से चूसा। अब वो उसके होठो को चूस रहा था और प्रतिभा से फ्रेंच किस कर रहा था। धीरे धीरे प्रतिभा को भी ये सब चुदाई के खेल में मजा आने लगा। फिर समरथ सिंह उसके पेट को चूमने लगा और धीरे धीरे प्रतिभा की सेक्सी नाभि तक आ गया। मेरी बहन की नाभि बहुत सेक्सी, सुंदर और गहरी थी। समरथ सिंह जीभ डालकर प्रतिभा की सेक्सी नाभि को चूस रहा था। फिर वो धीरे धीरे मेरी बहन के खूबसूरत पैरो पर आ गया। प्रतिभा के पैर बहुत गोरे, चिकने और सुंदर थे। चौधरी मेरी बहन के सफ़ेद गोरे पैरों को चूमे जा रहा था। कुछ देर बाद वो प्रतिभा के दोनों घुटनों को चूमने लगा। प्रतिभा जानती थी की आज वो कसके चौधरी के लौड़े से चुदने वाली थी। फिर समरथ सिंह मेरी बहन की मस्त मस्त जाँघों को किस करने लगा, चूमने और चाटने लगा।
प्रतिभा की मचल रही थी। उसे यौन उतेज्जना महसूस हो रही थी। चौधरी ने अपने दांत मेरी बहन की खूबसूरत जाँघों पर गडा दिए। और चुम्मी लेते लेते वो उसकी चूत पर पहुच गया। मेरी बहन प्रतिभा अभी नयी नयी जवान हुई थी। वो सिर्फ २० साल की कच्ची कली थी और बहुत ही सुंदर लग रही थी। उसकी चूत भी बहुत खूबसूरत थी। हमारे गाँव का शैतान समरथ सिंह बड़ी देर तक मेरी बहन की जवान कुवारी चूत के दर्शन करता था। वो गहरी नजरों से प्रतिभा की चूत को देख रहा था। प्रतिभा ने कल ही अपनी झाटे बनाई थी इसलिए उसकी चूत पूरी तरह से साफ और चिकनी थी। समरथ सिंह ने अपनी उँगलियाँ प्रतिभा के रसीले भोसड़े पर रख दी तो वो सिसक गयी। उसके बाद चौधरी मेरी बहन की कुआरी चूत को मुंह लगाकर पीने लगा। प्रतिभा को भी बहुत मजा मिल रहा था। वो अपने हाथों से अपनी ३८” की बड़ी बड़ी चुचियों को दबा रही थी। समरथ सिंह मेरी बहन की चूत को मुंह लगाकर पी रहा था और चूस रहा था। वो किसी चुदासे कुत्ते की तरह मेरी बहन की चूत चाट रहा था।
कुछ देर बाद तो मेरी खूबसूरत बहन जल्दी से लंड खाना चाहती थी। वो “…..ही ही ही ही ही…….अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” बोलकर चिल्ला रही थी। समरथ सिंह की जीभ मेरी बहन की चूत पर हर जगह इधर उधर घूम रही थी। उसे मेरी बहन की बुर चाटने में जन्नत का मजा मिल रहा था। “आई…..आई….. अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा.. चौधरी साहब…..चोदोदोदो…..मुझे कसकर चोदोदो दो दो दो” प्रतिभा चिल्लाने लगी। क्यूंकि वो अब और अधिक फॉरप्ले बर्दास्त नही कर पा रही थी। मेरी बहन प्रतिभा की चूत पूरी तरह से बंद थी और सील पूरी तरह से बंद थी। चौधरी समरथ सिंह जान गया की अब प्रतिभा चुदने को पूरी तरह से तैयार है। उसने उसके दोनों पैर खोल दिए और अपने लंड को वो फेटने लगा और ताव देने लगा। कुछ देर में समरथ सिंह का लंड १०” लम्बा हो गया और तनकर खड़ा हो गया। उसने अपने लंड को हाथ से पकड़कर मेरी खूबसूरत बहन की चूत पर लगा दिया और लंड से प्रतिभा के चूत के दाने को घिसने लगा। प्रतिभा तडप रही थी।
चौधरी बार बार अपने लौड़े से मेरी बहन के चूत के दाने को घिस रहा था। ऐसा करने से प्रतिभा को बहुत जोर की चुदास लग रही थी। कुछ देर बाद उस हरामी चौधरी से अपने लंड का सुपाडा प्रतिभा की चूत पर रख दिया और जोर का धक्का मारा। प्रतिभा की सील टूट गयी। समरथ सिंह का १०” लम्बा लौड़ा मेरी बहन की कुवारी चूत में गच्च से अंदर उतर गया। वो मेरी हसीन माल जैसी बहन को चोदने लगा। आज तो दोस्तों कमाल हो गया था। हमारे गाँव का चौधरी आज अपनी हवेली में ही मेरी जवान बहन को बेदर्दी से चोद रहा था। प्रतिभा “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करके चिल्ला रही थी। समरथ सिंह ने मेरी बहन की दोनों टांगो को खोल दिया था और जल्दी जल्दी प्रतिभा की चूत में लौड़ा दे रहा था। वो बहुत जल्दी जल्दी मेरी खूबसूरत बहन को चोद रहा था और उसकी जवानी का सारा रस लूट रहा था।
मेरी बहन आज कसके चुद रही थी। समरथ सिंह का लौड़ा बहुत मोटा था और वो जल्दी जल्दी अपनी कमर हिला हिलाकर मेरी बहन को चोद रहा था। प्रतिभा के चुच्चे भी जल्दी जल्दी हिल रहे थे। दोनों गरमा गर्म चुदाई का मजा ले रहे थे। आज चौधरी को मेरी बहन की बुर चोदकर जैसे जन्नत ही मिल गयी थी। आजतक उसे इतनी खूबसूरत लड़की को चोदने का मौक़ा नही मिला था। समरथ सिंह ने ३ राते मेरी बहन को रगड़कर चोद लिया। ३ दिन बाद जब मैं प्रतिभा को लाने गया तो वो चल भी नही पा रही थी। चौधरी ने कसके उसकी बुर चोदी थी। मगर वो बहुत खुश हो गया था और उसने ५० हजार का कर्ज मुझे दे दिया था। ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मेरा पति चोद नहीं सकता इसलिए मैंने ये कदम उठाया

हेलो दोस्तों मैं नीतू गुप्ता एक खूबसूरत औरत हु, औरत तो इसलिए कह रही हु क्यों की मैं शादी शुदा हु, पर मुझे आजतक सेक्स में कभी भी संतुष्टि नहीं हो पाई, आज मैं आपके सामने एक सच्ची कहानी कहने जा रही हु,

जब कोई पुरुष को अपने पत्नी से संतुष्टि नहीं मिल पाती है तो वो कही और जाके चोद के आ जाता है, जितना जेब में पैसा होता है उसके अनुसार उसको वैसा माल मिल जाता है पर एक औरत को अगर उसके पति से चुदाई में संतुष्टि नहीं मिलती है तो क्या करे, उसको तो इज्जत का भी परवाह है, और समाज का भी डर इस वजह से वो या तो किसी सगे संबंघी या तो कोई आसपास का इंसान, उसी के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाती है. मैं भी वही किया.

मैं 28 साल की हु मेरे शादी हुए तीन साल हो गए है, मेरा पति बहुत बड़ा बुजीनेस्स में है, काफी बड़ा कारोबार है दिल्ली में, वो अक्सर इंडिया से बाहर ही रहता है इस सिलसिले में, मेरे सास और ससुर दोनों बंगलुरु में रहते है अपने छोटे बेटे के पास. मैं अपने पति के व्यापर में ही हाथ बटाती हु, और पति जब बाहर होता है तब ऑफिस और फैक्ट्री का देखरेख करती हु, मेरा पति आज तक मुझे संतुष्ट नहीं किया है एक तो उसका लंड सिर्फ २ इंच का है और पांच मिनट में ही स्खलित हो जाता है मैं हमेशा प्यासी की प्यासी ही रह जाती हु,

बात पिछले संडे की है, मेरा पति दस दिन के लिए बाहर गया और ऑफिस में तीन दिन की छुट्टी हो गई, पति का फ़ोन आया की तुम दो दिन के लिए गोवा चले जाओ क्यों की गोवा में एक फैक्ट्री का काम सुरु करना है इसवजह से गोवा सरकार से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना है, मैं तैयार हो गई मैं अपने साथ मेरा अपना ड्राइवर करण को ले गयी.

करण को ले जाने का कारण ये था की मेरे पति करण पे बहुत बिस्वास करते है, और वो काफी ईमानदार है, उस टाइम तक मेरे मन में कोई भी ख्याल नहीं आया था की मैं इसे यूज करुँगी. गोवा पहुंच गई, होटल में दो कमरे लिए एक तो अपने लिए और एक ड्राइवर करण के लिए, शाम को गोवा के बीच का सैर करके आई और डिनर की, और फिर मैं बार में व्हिस्की पिने चली गई, करण भी साथ था, वो बस मेरी आवभगत में लगा हुआ था यस माम यास माम, मैंने करण को भी ऑफर की वो भी ले ले, पर वो मेरी इज्जत कर रहा था कह रहा था नहीं मैडम मैं नहीं लूंगा. पर मैंने उससे कहा कोई बात नहीं ले लो, बाहर है चलता है, मैं जानती हु तुम मेरा इज्जत बहुत करता है पर मैं कह रही हु.

उसके बाद करण भी पिने लगा, साला वो तो एक के बाद एक पूरा पि लिया, मैं भी काफी पि ली थी, मैं तो म्यूजिक पे थिरकने लगी, करण वही खड़ा खड़ा देख रहा था, करण भी काफी सुन्दर और जवान लड़का करीब २५ साल का था, देखने में काफी स्मार्ट था, ड्राइवर तो था पर बहुत ही स्मार्ट था इसी वजह से मेरे पति भी उसको बाहर ले जाते थे, मैंने करण को बुलाई की मेरे साथ डांस करने के लिए, वो काफी पिया हुआ था वो वही से मंद मंद मुस्कुरा रहा था, मैं पास आ गई और उसका हाथ पकड़ के ले आई, हम दोनों डीजे पे थिरकने लगे, वो मेरी कमरे पे हाथ रखा था और मैं भी उसके बाहों में बाह डाल के डांस कर रही थी.

उसके बाद तो वो खुल गया वो मुझे अपने में समेट के अपनी ले में आ गया, मेरी चुचिया उसके सीने से चिपक रही थी, उसके बाद मैंने उसके होठ पे एक किश कर ली, और दोनों वह से निकल पड़े, और अपने कमरे में आये करण बोला गुड नाईट मैडम, पर मैंने उसके कॉलर को पकड़ के उसको अंदर कर लिया अपने कमरे में और बोली गुड नाईट कैसे होगा जो तुमने मेरे जिस्म में आग लगा दिया उसको कौन बुझाएगा, वो अंदर आके कहने लगा नहीं मैडम साहब को पता चल जायेगा तो मुझे नौकरी से निकाल देंगे और मैं ये नहीं चाहता, मुझे अपनी बहन की शादी करनी है, ऐसे में अपनी नौकरी खोना नहीं चाहता, पिछली बार भी मुझे इसी वजह से नौकरी से निकाल दिया गया क्यों की साहब की बेटी मुझसे चुदवाती थी.

मैंने कहा अगर तुमने मना किया तो मैं तुम्हे नौकरी से निकाल दूंगी, फिर क्या था वो चुपचाप हो गया, मैंने उसके शर्ट को निकाल दिया, और और बेड पे धक्का देके गिरा दी, मैंने फिर अपने एक एक कपडे उतार दिए, और मैं उसके ऊपर बैठ गई, उसका लंड पूरा खड़ा हो चूका था और मेरी गांड के दरार में सेट हो गया था, मैंने उसके होठ को चूमने लगी, वो मेरी चूचियों को दबाने लगा, मेरी चूत से पानी निकलने लगा, करण काफी वाइल्ड हो गया था, वो मुझे निचे धक्का दे दिया और मेरी चूत को चाटने लगा, मैंने भी उसके बाल को सहलाने लगी, वो मेरी चूचियों को दोनों हाथो से दबा रहा था, और चूत का पानी चाट रहा था.

मैंने तो बस आआह आआआह आआअह आआअह करण आआअह क्या चूस रहे हो मुझे ऐसे ही चूसते रहो, तुम्हारा साहब तो आज तक मेरी चूत को मुह नहीं लगाया, वो तो मुझे ले भी नहीं सकता है सही तरीके से मैं तो सेक्स की भूखी हु, मेरी भूख तुम शांत कर दो, आआह करण करण का नाक और गाल में मेरे चूत का पानी लग गया था, पूरा मुझ चिपचिपा हो गया था, मैंने करण को खीच के ऊपर ले आई और पैर फैला दी, मैंने कहा करण अब बर्दास्त नहीं हो रहा है, मुझे चोद दो,

वो अपना मोटा काला सा लंड करीब ९ इंच का होगा मेरी चूत के ऊपर रख के अंदर डाल दिया, मेरा चूत काफी चिकनी हो चुकी थी पानी निकल रहा था पूरा गरम हो गया था, आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. उसके बाद तो क्या बताऊँ यार जबरदस्त तरीके से वो मुझे चोदने लगा. फिर तो वो चोदते चोदते भद्दी भद्दी गालियां भी दे रहा था, कह रहा था चुद साली आज मैं तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दूंगा, मैं भी कह रही थी आज मैं अपनी चूत और गांड फड़वाने के लिए तैयार हु मेरे राजा आज तू मुझे शांत कर दे.

और फिर करीब १ घंटे तक अलग अलग तरीके से मुझे चोदा और दोनों एक साथ खल्लाश हो गए, फिर थोड़े देर बाद फिर से वो मेरा गांड मारने लगा, और इस तरह से हरेक एक घंटे के अंतराल में वो मुझे कभी चोद रहा था कभी गांड मार रहा था, मैं खूब चुदी वो दोनों दिन गोवा में, मजा आ गया था ज़िंदगी का, अब तो मैं करण को कभी कभी घर पे भी रोक लेती हु, और रात रात चुदवाती हु, क्या करूँ मुझे तो अपनी भूख शांत करनी ही थी चाहे पति करे या तो कोई और, क्या करती पति चोद नहीं सकता इस वजह से मैंने ये कदम उठाया, मैं आपके जवाव का इन्तजार कर रही हु,

मामा ने मेरी सगी माँ की भरी हुई चूत में लंड डालकर दबाके चोदा

हेल्लो दोस्तों, मै मुन्नीलाल यादव आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

दोस्तों जब जब मेरे मामा मेरे घर आते थे, मेरी माँ तरह तरह के पकवान उनके लिए बनाने लग जाती थी। अब ये बात तो नार्मल है की हर बहन अपने भाई को बहुत प्यार करती है। पर वो बहुत जादा सजती सवरती थी। ये बात मुझे हजम नही होती थी।

“मुन्नीलाल !! जा बजार से पनीर और सब्जियाँ ले आ। आज तेरे मामा आ रहे है। और सुन बेटा मिठाइयाँ लाना मत भूलना। ले १००० का नोट” माँ कहती और मुझे झोला लेकर बजार भेज देती। मैं ये बात समझ नही पा रहा की माँ इतना जादा उतेज्जित आखिर क्यूँ हो जाती है। दोपहर के २ बजे मैं रेलवे स्टेशन अपनी मोटर साइकिल लेकर पहुच गया था। इन्तजार करते करते मेरी आँखें थक गयी थी। मामा की मथुरा छपरा एक्सप्रेस पूरा ३ घंटा लेट थी। बड़ी इन्तजार के बाद ट्रेन आये और मामा भी आये। मैंने उनको अपनी मोटर साइकिल पर बिठा लिया और घर ले आया। घर आते ही मेरी माँ मामा को लेकर अंदर कमरे में चली गयी और दरवाजा बंद कर लिया।

मैं हैरान था की आखिर कौन सी बहन अपने भाई से कमरे में दरवाजा बंद करके मिलती है। पर मैंने उनकी तरफ जादा ध्यान नही दिया। क्यूंकि मुझे विडियो गेम खेलना था। मामा को आये 5 दिन हो गए थे। मेरे पापा तो सुबह ही अपनी बैंक को निकल जाते थे। उनके पास मामा से बात करने का जादा समय नही था। मेरी माँ मामा को लेकर हमेशा कमरे में घुसी रहती और दरवाजा बंद ही रहता। उन दिनों दोस्तों मैं मुस्किल से 13 14 साल का अबोध लड़का था। मुझे चूत चुदाई के बारे में कुछ नही पता था। मैं जिस तरह भोला और सीधा था ठीक उसी तरह बाकी दुनिया को भी समझता था।

एक दिन दोपहर में मैं विडियो गेम अपने टीवी पर खेल रहा था। मुझे एक ग्लास पानी चाहिए था। इसलिए मैंने गेम को पास कर दिया और किचेन की तरफ आया तो देखा की मामा किचेन में खड़े थे और मेरी जवान चुदासी माँ को बाहों में भरे हुए थे। दोनो आपस में किस कर रहे थे। ये सब देखकर मेरा तो होश उड़ गया था। मैं एक दीवाल के पीछे से उनकी ये रासलीला देखने लगा। मामा ने मेरी 30 साल की जवान और खूबसूरत माँ को बाहों में भर रखा था। माँ ने एक मस्त साड़ी पहन रखी थी। वो मामा को जानू जानू…कहकर बुला रही थी। मामा ने मेरी माँ को कमर से पकड़ रखा था और उनके गुलाबी होठो को चूस रहे थे। फिर माँ कढ़ाई में पक रही सब्जी को चलाने लगी। मामा ने फिर से मेरी माँ को बाहों में भर लिया और सीने से चिपका लिया।

दोस्तों जब मैंने ये सब देखा तो मेरा तो दिमाग का फ्यूज ही उड़ गया था। मेरी माँ मेरे मामा से ही सेट हो चुकी थी। अब मुझे सब कुछ समझ में आ गया था की कमरा बंद करके कौन सा कांड कमरे में होता था। मेरा मामा बहनचोद था और मेरी माँ की रसीली चुद्दी[चूत] में लंड डालकर खूब कुटाई करता था। वो माँ को खूब पेलता चोदता और खाता था। उधर मेरी सगी माँ को भी उनका मोटा खाने को बुरी आदत लग चुकी थी। दोस्तों मैंने अब फैलसा कर लिया था की मैं उन दोनों की चुदाई अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करके अपने पापा को दिखा दूंगा जिससे वो कभी मामा को इस घर में दुबारा न घुसने दें। इसलिए मैंने वहां पर किसी से कुछ नही कहा। मैं दीवाल के पीछे छिपा रहा और सारे काण्ड को देखता रहा। मामा ने फिर से मेरी खूबसूरत जवान और चुदासी माँ की सेक्सी कमर में हाथ डाल दिया था।

“जान….चलो कमरे में चलते है। तुम्हारी चूत मारने की तलब लगी है” मामा बोले

“अरे रुको बाबा। मुन्नीलाल के लिए खाना तो पका दूँ। बेचारा कितना भूखा होगा। तुम कमरे में चलके टीवी देखो। मैं कुछ देर में आ रही हूँ। तब मुझे कसके चोद लेना!!!” मेरी माँ किसी छिनाल की तरह हंसकर बोली।

फिर मेरे टीटू मामा बेमन से उनके बेडरूम में चले गये और टीवी देखने लगे। अब मैं साफ़ साफ समझ गया था की मेरी चुदक्कड माँ मेरे टीटू मामा से ही फंसी हुई थी। जब जब वो हमारे घर पर आते थे, मेरी जवान चुदासी माँ की गर्म चूत में लौड़ा डालकर पेलते थे और कसके चूत बजाते थे। अब मेरा हर तरह का शक दूर हो चुका था। पर मैं अनजान ही बना रहा। कुछ देर बाद मेरी माँ ने खाना बना दिया। “मुन्नीलाल, खाना बन गया है बेटा। अगर भूख लगे तो किचन में जाकर निकाल लेना” माँ बोली और सीधे मामा के कमरे में चली गयी। और अंदर से दरवाजा उन्होंने बंद कर लिया। मैंने भी जल्दी से भागा और दरवाजे के छेद से मैं सब कुछ देखने लगा। मामा ने मेरी जवान खूबसूरत माँ को बाँहों में भर लिया और उसके गाल पर चुम्मी लेने लगे।

“ओह्ह्ह्ह जान कहाँ थी तुम। कितनी देर लगा दी। देखा मेरा लौड़ा भी इंजतार करते करते थक गया” मामा बोले और उन्होंने अपनी पेंट खोल पर लौड़ा मम्मी के हाथ में दे दिया। उनका लौड़ा सूख गया था। मेरी माँ एक बहुत ही खूबसूरत औरत थी। वो बहुत गोरी चिट्टी मॉल थी और उसका जिस्म बिलकुल भरा हुआ था। दोस्तों मेरी माँ को जब कोई भी मर्द बजार या किसी माल में देख लेता था तो उसका लंड ही खड़ा हो जाता था। वो मेरी माँ को कसके चोद लेने के सपने देखने लग जाता था। इतनी खूबसूरत औरत थी मेरी माँ। उसका जिस्म बिलकुल मक्खन जैसा गदराया हुआ था। और फिगर 36 30 और 32 था। इसी से आप अंदाजा लगा सकते है की वो कितनी झक्कास माल थी।

फिर मेरे मामा से माँ को बाहों में भर लिया और गाल पर किस करने लगे। माँ भी उनको चूमने लगी। फिर दोनों बेड पर लेट गये और चुम्मा चाटी करने लगे। मामा मेरी खूबसूरत माँ के उपर लेटे थे और उसके ताजे ताजे होठो को चूस रहे थे। मेरी माँ बहुत बड़ी वाली चुदक्कड औरत थी। माँ की लौड़ी अपने सगे से सेट हो गयी थी। फिर मामा ने माँ को दोनों बाहों में भर लिया और पेट और कमर पर सहलाने लगे।

“बहना, तेरी चूत में जो नशा मुझे मिलता है वो तो मेरी बीबी की चुद्दी मारने में भी नही मिलता है” टीटू मामा बोले

“क्यों भाभी की चूत कैसी है???” माँ ने किसी रांड की तरह हँसते खिलखिलाते हुए पूछा

“अरे बहन की लौड़ी की चूत बिलकुल छोटी सी सूखी हुई है। लगता है की किसी बकरी की चूत मार रहा हूँ। पर बहन तेरी चूत जब बजाता हूँ तो माँ कसम लंड की मैराथन दौड़ लग जाती है!!” टीटू मामा बोले

“चल चुदाई करते है भाई!!” मेरी माँ किसी देसी चुदासी रंडी की तरह बोली

“चल बहना” मामा बोले

उसके बाद दोनों अपने अपने कपड़े उतारने लगे। मामा ने अपने कपड़े निकाल दिए। और मेरी माँ से अपनी साड़ी और ब्लाउस खोल डाली। ब्रा निकाली तो माँ के 36” के बड़े बड़े दूध मैंने देखे तो मेरा भी लौड़ा खड़ा हो गया था दोस्तों। मैं उस कमरे के बाहर से लॉक वाले छेद से सब काण्ड देख रहा था। मामा मेरी माँ के उपर चढ़ गये। माँ अब सिर्फ पेटीकोट में थी और उपर से नंगी हो गयी थी। माशाअल्लाह क्या मस्त मस्त चूचियां थी माँ की। एक बार तो मेरा दिल करने लगा की आज मैं खुद ही अपनी माँ को चोदकर मादरचोद बन जाऊं। पर मैं ये सब ठुकाई वाले कांड करने के लिए अभी बहुत छोटा था। मुझे तो ये सब देखने में ही बड़ा मजा मिल रहा था। मेरी चुदक्कड अल्टर माँ ने मामा को दोनों बाहों में भर लिया और उनके जिस्म को बार बार सहलाने लगी। उधर मामा भी ऐसा ही कर रहे थे।

दोनों एक दूसरे के जिस्म को सहला रहे थे। फिर मामा ने माँ के रसीले होठो को चुसना फिर से शुरू कर दिया था। दोनों गरमा गर्म चुम्बन लेने लगे तो मामा का सूखा हुआ लंड फिर से खड़ा होने लगा।

“वाह रे बहना!! तेरी जैसी मस्त माल मैंने आजतक नही देखी है। तेरी रसीली चूत दुनिया की सबसे रंगीन और नशीली चुद्दी है” मामा बोले

“बहनचोद!! तो फिर इन्तजार क्यूँ कर रहा है। मुझे कसके चोद ना” मेरी माँ किसी लंड की प्यासी छिनाल की तरह बोली।

टीटू मामा ने मेरी खूबसूरत माँ के हसीन दूध को दाबना शुरू कर दिया। वो जल्दी जल्दी माँ के 36” के मम्मो को हाथ से दबाने लगे। माँ “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। उसे भी अपने बड़े बड़े बूब्स दबवाने में बहुत मजा मिल रहा था। मेरे टीटू मामा माँ के खूबसूरत गोल गोल मुसम्मी जैसे बूब्स को बार बार सहला रहे थे। बूब्स पर हाथ फेर रहे थे और सहला रहे थे। धीरे धीरे माँ पर सेक्स और वासना का गहरा नशा चढ़ रहा था। फिर टीटू मामा ने माँ की रसीली और मदमस्त छातियों को दबाना शुरू कर दिया। माँ सिसकियाँ लेने लगी। उसे बहुत मजा आ रहा था। मुझे नही मालुम था की मेरी माँ मेरे बाप से चुदवाती होगी की नही, पर मामा से चुदाने में उसे खूब मजा मिल रहा था। फिर टीटू मामा पर कामवासना पूरी तरह से हावी हो गयी। वो दोनों हाथों से माँ की एक एक छाती हो दबा रहे थे। मेरी चुदक्कड़ माँ सिर्फ पेटीकोट में थी। उपर से वो पूरी तरह नंगी थी।

आज मैंने पहली बार अपनी माँ को नंगी देखा था। दोस्तों मेरा भी लौड़ा उसे देखकर खड़ा हो गया था। मन कर रहा था की अभी कमरे में घुस जाऊं। टीटू मामा की गांड पर २ लात मारके उसे भगा दूँ, और अपनी माँ को कसके आज चोद लूँ और उसकी गांड भी मार लूँ। दोस्तों मेरा यही मन कर रहा था। उधर मैं दरवाजे के छेद से सारा चुदाई काण्ड देख रहा था। टीटू मामा जोर जोर से माँ के मम्मो को दबा रहे थे और मुंह में लेकर चूस रहे थे। वो इस समय मेरी माँ की दाई भरी हुई चिकनी और बेहद खूबसूरत छाती तो चूस रहे थे। उसका सारा रस पी रहे थे और दूध को जोर जोर से दबा रहे थे। मेरी आवारा माँ “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज निकाल रही थी। वो अपनी मुसम्मी को मजे से दबवा रही थी और भरपूर मजे ले रही थी।

साफ़ था की मेरी माँ को भी खूब मजे मिल रहे थे। फिर टीटू मामा ने उनकी बायीं छाती को हाथ में ले लिया और तेज तेज दबाने लगे। फिर मुंह में भरके पीने लगे। मेरी माँ चुदास की उतेज्जना में बार बार अपना मुंह खोल देती थी। उसका चेहरा बता रहा था की उसे भी खूब आनंद मिल रहा है। मामा तो मेरी माँ के दूध को ऐसा चूस रहे थे जैसे वो उनकी सगी बीबी हों। फिर माँ बहुत चुदासी महसूस करने लगी और “…..ही ही ही ही ही…….अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…..उ उ उ…” की आवाज निकालने लगी। माँ ने अपना हाथ नीचे की ओर डाल दिया और मामा के 9” के मोटे लौड़े को पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी। अब तो टीटू मामा को सेक्स का नशा और जादा चढ़ गया था। वो जोर जोर से माँ की निपल्स को चूसने लगे और बार बार अपने दांत उस पर गड़ाने लगे। अब तो मेरी माँ और जादा उत्तेजित हो गयी थी।

“ओह्ह्ह्ह माँ… अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ…चूसो चूसो….और चूसो…मेरे मम्मो  को…अच्छे से चूसो”  इस तरह मेरी छिनाल माँ चिल्लाने लगी। फिर मामा भी बहुत सेक्सी महसूस करने लगे और दोनों निपल्स को वो जल्दी जल्दी चूसने लगे। दोस्तों ये सारे कांड देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया था। उसके बाद टीटू मामा ने कोई आधे घंटे तक मेरी माँ की दोनों छातियों को मन भरके चूसा और दांत गडा दिए। मेरी माँ की छातियों पर लाल लाल कई जगह निशान बन गए थे। पर उन्होंने एक बार भी मामा को मना नही दिया था क्यूंकि उनको भी अपने दूध पिलाने में परम सुख मिला था। फिर मामा अब नीचे को बढ़ गए। वो गहरी नजरों से मेरी चुदासी माँ की सेक्सी नाभि को ताड़ने लगे। ओह्ह्ह मेरी माँ की नाभि बहुत सेक्सी थी। मामा उसे वासना की नजर से देखने लगे, फिर उसने ऊँगली करने लगे। उन्होंने अपनी जीभ निकालकर नाभि को चाटना शुरू कर दिया।

मेरी चुदक्कड माँ इधर उधर मचलने लगी और कुलांचे भरने लगी। टीटू मामा तो आज उनके खूबसूरत जिस्म को देखकर पागल हो गये थे। फिर उन्होंने माँ का पेटीकोट का नारा खोल दिया और निकाल दिया। फिर उनकी पेंटी भी निकाल दी। अब मामा मेरी माँ की चूत दे दर्शन करने लगे। माँ की चूत बिलकुल साफ, और सुंदर थी। एक भी झांट का बाल उस पर नहीं था। इस चूत में मामा ने कई बार कसके चोदा था पर जिनती बार वो इस चूत को मारते थे ये और जादा उनकी प्रिय चुद्दी बन जाती थी। टीटू मामा से अपना सीधा हाथ मेरी माँ की चुद्दी पर रख दिया और जल्दी जल्दी सहलाने लगे। मेरी रंडी माँ “आई…..आई….आई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज निकाल रही थी। कहना गलत ना होगा की उसे भी बड़ा आनंद मिल रहा था।

माँ को अपनी चूत पर साथ घुमाना बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मामा ने माँ के भोसड़े में लंड डाल दिया और उसे चोदने लगा। लगा की मामा ने किसी बिजली वाले सोकेट में अपना प्लग जोड़ दिया हो। माँ की चूत बड़ी गदराई हुई थी। मामा ने उस गद्देदार और फूली फूली चूत में अपना लौड़ा सरका दिया था और उसकी बुर का भोग लगाने लगे। मेरी अल्टर माँ ने मारे शर्म के अपनी आँखें बंद कर ली और अपने चेहरे को दोनों हाथो से छुपा लिया। सायद उसे शर्म आ रही थी। मामा उसे पक पक पेलने गे। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” माँ चिल्ला रही थी। मुझे उसकी आवाजे अच्छी लग रही थी। मामा तेज तेज कमर मटकाकर उसे बजाने लगा। उनका बेड चर्र चर्र की आवाज करने लगा। मेरे टीटू मामा ने मेरी सगी माँ को 50 मिनट नॉन स्टॉप चोदा और चूत में ही झड़ गए। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दे।

मा का नाजायज़ रिश्ता मेरे दोस्त के साथ है

हेलो फ्रेंड्स मेरा नामे मनोज है , मैं फरीदाबाद ( उप ) का रहने वाला हूँ. ये स्टोरी जो मैं आपके सामने रखने जा रहा हूँ ये मेरी रंडी मा शशि और मेरे क्लासमेट सचिन के बीच बने नज़ायज़ संबंधो के बारे में है , मेरी मा शशि एक गोरी , सुडोल , और कामुक महिला है जिससे देख के क़िस्सी का भी उससे चोद्ने का मन करने लगेगा. उसकी चुचिया एक दूं गोल और 38 साइज़ की है और गांद तो ऐसी है की जब वो सारी पहें के चलती है तो उसकी गंद मटकती है और बाकी लोग उसको ठोकने के सपने देखते , मेरी मा की एज 45 रही होगी उस टाइम और मेरा दोस्त 23 का था वो मेरे से 3 साल बड़ा था पेर मेरी ही क्लास मे था . मेरे पापा एक प्राइवेट केमिकल फॅक्टरी मे काम करते है तो मोस्ट्ली गुजरात ही रहते है , घर पे मैं और मेरी चुड़क्कड़ मा ही रहते है. मुझे पहले नही लगता था की मेरी मा ऐसी होगी हन पेर ये ज़रूर था की वो सारी ऐसे पहेनटी थी की कोक भी गरम हो जाए , उसके बूब्स उसके लो कट ब्लाउस से झाकते थे ,सारी नेट की ट्रॅन्स्परेंट होती थी , या फिर ब्रा की स्ट्रीप बाहर झकति रहती थी.

अब मैं स्टोरी पे आता हूँ मेरा फरन्ड सचिन को मैं घर लेके आया और मा से इंट्रो कराया वो मेरी मा को देखता रहगेया , हम लोग बात कर रहे थे तब भी वो मा को.ही देख रहा था ये मैने नोटीस किया . सचिन आंटीस का बहुत देवना है और मैने और उसने कई औंतयन छोड़ी है , पेर मुझे नही लगता था की उसकी नज़र मेरी मा पे भी होगी , अब वो रेग्युलर्ली मेरे घर आने लगा और मा के साथ फ्रेंड्ली होने लगा कई बार तो वो मेरे नही रहने पे भी आता था , एक दिन मुझे सचिन को.कॉल करनी थी तो.मैने मा का सेल उसे किया तो देखा की सचिन का नो. सेव्ड है तो मुझे कुछ डाउट हुआ , मैने फिर ंषगस चेक किया तो ई वाज़ शॉक्ड मा उससे छत कर रही थी न छत भी अब बहुत आयेज हो चुकी थी मा फोन पे नंगी हो चुकी थी अब बस बिस्तर बाकी था , मैने अब रोज़ चुप छाप मा के सेल ंषगस चेक करने शुरू किए तो मुझे पता चला की ये दोनो बस मेरे बाहर होने का वेट कर रहे है , मैने भी इन्हे मौका देने की सोची क्यूंकी मैं मा को ब्लॅकमेल करना चाहता था तक वो हमेशा मेरे कंट्रोल में रहे बस फिर क्या मैने मा से कहा मैं कल अपने फरन्डस के साथ लुक्कणोव जेया रहा हूँ नेक्स्ट दे मॉर्निंग में अवँगा.

मैं 2 बजे आफ्टरनून में घर से निकाला और देखने लगा , 3 बजे के आस पास सचिन घर मे आया , मा बे एक ब्लॅक कलर की सेक्सी ट्रॅन्स्परेंट सारी पहें रही थी. जिसके ब्लाउस में से हाफ बूब्स बाहर झाक रहे थे , वो दोनो अंदर गये मैं भी पीछे से अंदर गया तब तक वो दोनो बेड रूम में जेया चुके थे , मैं अपने रूम के वेंटिलेटर से सब देखने लगा और साथ में पिक्स भी लेने लगा , मा सचिन की आर्म्स में थी और सचिन ने सारी का पल्लू हटा दिया था और उनके बूब्स मसल रहा था और किस कर रहा था फिर उसने मा की लिप्स पे स्मूच करना स्टार्ट किया मा फुल सपोर्ट कर रही थी और वो भी स्मूच कर रही थी , सचिन बे धीरे से स्मूच करते करते एक हाथ शशि के पेटिकोट में डाला और उसकी चड्डी उतार दी , फिर सचिन मे मा की बूर में उंगली करनी स्टार्ट करदी मा मचलने लगी पे सचिन ने उसका मूह अपने स्मूच से बंद कर रखा था , फिर सचिन बे उसके ब्लाउस को ऐसे झटका से खोला की वो फट गया और मा के दूध के गोदाम को आज़ादी मिल गयी , उसका ब्रा उन्हे रोकने की नाकाम कोशिश करने लगा , सचिन उनके कभी मसल रहा था कभी काट रहा था और मा एंजाय कर रही थी और आहे भर रही थी , अब साची ने अपने कापरे उतरे और मा के सामने नंगा हो गया उसका 7 इंच का ताना हुआ लॉडा मा को चखने का वेट कर रहा था , मा उससे हिलने लगी तो सचिन ने उससे सक करने को कहा तो मा आनाकानी करने लगी पेर सचिन ने फोर्स किया तो वो सक करने लगी वो भी धीरे धीरे सचिन जैसे ही गरम हुआ उसने पूरा लॉडा मा के मूह मे तूस दिया और बाल पाकर कर अंदर बाहर करने लगा मा कुछ नही कर पा रही थी , जब उसने लॉडा निकाला तो मा लंबी लंबी सास ले रही थी और सचिन का लॉरा एक दूं चमक रहा था , अब सचिन की बारी थी उसने मा का पेटिकोट हटाया तो उसमे से मानो जन्नत निकल कर आई मा की गुलाबी बूर बीनना झाटों की , साची इसके टूट परा और उससे खाने लगा अब तो मा एकद्ूम गरम नो गयी थी और सचिन का फेस अपनी बूर में घुसा रही थी और ” आ आ ह्म आ आ आ म्‍म्म्मम अहमम्म्म” की मस्ती भारी आवाज़ निकल रही थी , अब सचिन बे मा की ब्रा निकल फेको और उसके बूब्स को मसल रहा था और बूर चटा रहा था , मा जैसे सातवें आसमान पे पहुच गयी थी और अचानक से ” आ अहमम्म्ममहहां.एमेम आह ” की आवाज़ और तेज़ हुई और मा झार गयी , उससे देख के लग रहा था की जैसे उससे जन्नत नसीब हुई है.

सचिन ने अब अपने औज़ार को मा की बूर से सताया और टाँगे चोरी करी मा की और एक प्यारा सा झटका दिए जिससे उसके लंड का टोपा मा की प्यासी बूर में घुस गया और मा ने “आह” करके एक गरम आँह भारी और आइज़ क्लोज़ कर ली , फिर सचिन बे एक और तोरा दमदार झटका दिया और मा की बूर को चीरता हुआ उसका लॉरा अंदर चलगाया , अब साची मा को पेलने लगा वो पूरे लॉडा पहले अंदर से बाहर निकलता फिर पूरा अंदर डालता , मा उतनी ही आहे भारती ,”आ आ एमेम.म्माहम्म्म्म, आराम से आहाहम्‍म्म,धीरे सचिन ” की आवाज़े कमरे में घूम रही थी फिर सचिन अचानक रुक गया मा ने उससे तुरंत पूछा तो उसे मा को कुटिया बनने को कहा , मा के पालतू कुटिया की जैसे उसकी बात मान रही थी अब उसने पीछे से मा की बूर पेलना शुरू किया और स्पीड भी बढ़ा दी , पुत्र कमरे में अब मा ही ” आ आहम्‍म्म्महह ” जैसी गरम आहों के अलावा उसकी जाँघो से मा के चूटर की ठुकाई की “पच पच पच पच” जैसी मधुर आवाज़ गूँज रही थी अब वो झरने वाला था तो उसने मा के बाल पाकर कर और तेज़ छोड़ने लगा जैसे वो क़िस्सी घोड़े की सवारी कर रहा हो और मा भी ” आ साची धीरे आ सचिन म्‍म्म्मममहह बस करो ओमम्म्मममहह” छीलाने लगी और दोनो एक साथ झार गये , और वो मा के उपेर ही फॉर गया फिर दोनो अलग हुए तो दोनो की सासे तेज़ भाग रही थी और मा के फेस पे एक ग्लो के साथ सॅटिस्फॅक्षन था .

इस इन्सिडेंट के बाद उसने मा को कई बार पेला , और गांद भी मारी , मैने भी उसे डरा कर उसकी मा को चोदा और अब हम दोनो अपनी मोम्म की स्वापिंग करते है.

बिजली मीटर रीडिंग करने वाले लड़के ने मेरी बीबी की चूत फाड़ी

हेल्लो दोस्तों, मैं विमल आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

दोस्तों जो घटना मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो ३ साल पुरानी है। मेरी नई नई शादी हुई थी और मेरी बीबी मयूरी बहुत ही सुंदर और सेक्सी माल थी। सुहागरात पर मैंने जमकर उसकी चूत मारी थी। पर उसकी सील पहले ही टूटी हुई थी जिससे मुझे काफी दुःख पंहुचा था। पर मयूरी एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी। इसलिए मैंने उसे कुछ नही कहा और रोज मैं उसकी चूत बजाता रहा। मुझे खूब मजा आया दोस्तों। मेरी बीबी मयूरी का जिस्म बिलकुल भरा हुआ था और २५ साल उसकी उम्र थी। मयूरी के जिस्म का फिगर 36 32 34 था। वो बहुत खूबसूरत लड़की थी। जब रात में मैं उसे नंगा करके उसकी चूत बजाता था तो मुझे बहुत मजा आता था। पर धीरे धीरे मुझे उसको लेकर डर भी लगने लगा था। क्यूंकि कई बार वो एक छिनाल की तरह पेश आती थी। पर उस पर हमेशा नजर रखता था। अगर मैं उस पर नजर ना रखता तो वो और मर्दों से चुदवा लेती।

मेरी बीबी मयूरी खूबसूरत तो बहुत थी पर उसका स्वाभाव बहुत चंचल भी था। वो गैर मर्दों को घर की बालकनी से झाँक झांक कर देखती थी। उसे नये नये मर्दों से हंसी मजाक करना बहुत पसंद था। इसलिए मुझे उसको लेकर हमेशा डर लगा रहता था। शादी होने के बाद उसने ३ बार मेरे घर में अपने पुराने आशिकों से चुदवा लिया था। ये बात मेरे पड़ोसियों ने मुझे बताई थी। इसलिए मैं और जादा डरने लगा था। जब मैं उससे उसके आशिकों के बारे में पूछता था तो वो बहुत बिगड़ जाती थी और तरह तरह से चिल्लाने लग जाती थी। उस दिन घर में कोई काम नही करती थी और सारा घर सर पर उठा लेती थी। एक दिन मैं सुबह जी अपने ऑफिस चला गया था। उस दिन मेरी बीबी मयूरी बहुत अच्छे मूड में थी। वो घर में भी बहुत सज धज के रहती थी। हमेशा खुले हुए गहरे गले वाले ब्लाउस को पहनती थी जो पीछे से भी बैकलेस हुआ करते थे। ऐसे कपड़ों में मयूरी इकदम मस्त चोदने पेलने लायक माल लगती थी। कोई भी मर्द उसे देख लेता तो पटक के चोद लेता।

मेरे जाने के बाद सुबह ११ बजे बिजली का मीटर रीडिंग लेने वाला नया लड़का मेरे घर पर आ गया था। वो अभी जल्दी ही नौकरी पर नया आया था। उसने मेरे घर की घंटी बजाई तो मेरी खूबसूरत और गदराये जिस्म वाली बीबी मयूरी निकली।

“मैडम मीटर रीडिंग करनी है!!” वो लड़का बोला

“आओ!!” मेरी बीबी मयूरी से हसंकर कहा

वो नया लौंडा अंदर चला गया। मयूरी उसे देखते ही फिसल गयी। क्यूंकि वो लड़का अभी मुस्किल से २२ साल का था, नौजवान और बहुत हैंडसम था। उसने एक पिली टी शर्ट कॉलर वाली और जींस पहन रखी थी। वो अंदर जाकर मीटर चेक करने लगा और रीडिंग करने के बाद बिजली का बिल निकलने लगा।

“भैया मैं आपके लिय चाय लाती हूँ!!” मेरी सुंदर बीबी मयूरी बोली और चाय बनाने चली गयी।

वो लड़का सोफे पर बैठकर इन्तजार करने लगा। जैसे ही मयूरी आई वो चाय की ट्रे को नीचे मेज पर रखने लगी तो उसका साड़ी का पल्लू सरक गया। और मेरी चुदासी बीबी का खूबसूरत संगमरमर जैसा जिस्म उस लड़के को दिखने लगा। मयूरी की आँखें उस लड़के को ताड़ने लगी। और वो लड़का मेरी बीबी के दूध को घूर रहा था। कुछ मिनट तक दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे। फिर मेरी खूबसूरत जिस्म वाली औरत थोड़ा संकोच कर गयी। मयूरी जान गयी की वो नया लौंडा उसके बूब्स को ताड रहा था। उसने जल्दी से अपने पल्लू को कंधे पर सरका लिया और शरमाकर वहां से चली गयी और रसोई में जाकर खड़ी हो गयी।

वो नया लौंडा चाय का कप उठाकर पीने लगा पर उसके तनमन में जैसे आग सी लग चुकी थी। साफ था की वो मेरी औरत को कसके चोदना चाहता था। उसने २ घूंट चाय ही पी फिर प्याला वहीँ मेज पर रख दिया। और सीधा अंदर रसोई में चला गया। उसने मेरी चुदासी बीबी मयूरी की आँखों में देख लिया था की वो भी चुदने के मूड में थी। वो अंदर रसोई में चला गया और उसने मयूरी को पीछे से पकड़ लिया।

“तुम ??? तुम???” मयूरी बोली तब तक उसने मयूरी को कमर पर दोनों हाथों से पकड़ लिया था और गालो पर पप्पी लेने लगा। फिर उसने बड़ी फुर्ती से मयूरी को पलट दिया और अब दोनों आमने सामने थे। वो नया बिजली का मीटर रीडिंग करने वाला लौंडा बहुत ठरकी था। उसे नये नये घरों की नई नई औरतों की चूत चोदना बहुत पसंद थी और आज वो मेरी खूबसूरत जिस्म वाली बीबी की चूत चोदने जा रहा था। उसने इमरान हाशमी की स्टाइल में मेरी चुदक्कड़ औरत मयूरी को पकड़ लिया और होठो पर किस करने लगा। वो जल्दी जल्दी मयूरी के होठ चूस रहा था। १५ मिनट तक वो यही करता रहा। फिर अंत में मेरी बीबी भी उससे पट गयी। मयूरी से उसे बाहों में भर लिया।

“मैडम!! आप बहुत हसीन हो!!” वो नया छोकरा बोला

“तो मेरी रसीली चूत तुम चोदोगे???” मयूरी उसकी आँखों में आँखें डालकर बोली

“मैडम अगर आप मुझे अपने खूबसूरत मम्मे पिलाओगी तो मैं आपकी चिकनी चूत को जरूर चोदूंगा!!” वो नया छोकरा बोला

उसके बाद मेरी चुदासी कैरेक्टरलेस बीबी ने उसे फिर से पकड़ लिया बाहों में भर लिया दोनों रसोई में बहुत देर तक खड़े रहे और एक दूसरे के होठ चूसते रहे और पीते रहे। उसके बाद मयूरी उसे लेकर कमरे में चली गयी। वहां दोनों बिस्तर पर लेटकर जबरदस्त रोमांस करने लग गये। एक बार फिर से वो मयूरी के गुलाबी ताजे गुलाब जैसे होठो को चूस रहा था। उसका हाथ मेरी बीबी के मम्मो पर आ गया और ब्लाउस के उपर से वो मयूरी के हरे भरे बूब्स को दबाने लगा। मयूरी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लगी। वो जोर जोर से मेरी बीबी के भरे हुए मम्मो को दबा रहा था। आज मयूरी को भी बहुत मजा आ रहा था। कई दिनों से उसका भी मन कर रहा था की किसी गैर मर्द का लंड वो खाए। आज उसका सपना पूरा होने जा रहा था। वो नया लौंडा मेरी चुदासी इश्कबाज बीबी को पहली नजर में पसंद आ गया था। दोनों बिस्तर में लेटे हुए थे और लपटा झपटी कर रहे थे। वो लड़का मेरी बीबी की रसीली छातियों को ब्लाउस के उपर से दबा रहा था। उसे तो जैसे आज जन्नत मिल गयी थी। दोनों अब गरमा गये थे।

कुछ देर में उस नये छोकरे ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और नंगा हो गया। वो बांका जवान छोरा था। उसका जिस्म भरा हुआ था और बॉडी शोडी सब बनी हुई थी। उसके गदराए जिस्म को देखकर मेरी चुदक्कड बीबी मयूरी तो बहुत खुश हो गयी थी। आज उसे एक नये मर्द से चुदने का गोल्डन चांस मिलने वाला था। उस लड़के ने धीरे धीरे मयूरी की साड़ी निकाल दी। मयूरी अब सिर्फ ब्लाउस पेटीकोट में आ गयी थी। उसका ब्लाउस तो बस नाममात्र का ब्लाउस था। आगे और पीछे दोनों तरफ से खुला हुआ था। सिर्फ ब्लाउस और पेटीकोट में मेरी औरत बीबी बहुत मस्त चोदने लायक माल लग रही थी। दोनों फिर से प्यार करने लगे। लड़के ने मयूरी को बिस्तर पर पेट के बल लिटा दिया। मयूरी का पीछे का खूबसूरत और चिकना जिस्म उसे साफ साफ दिख रहा था। वो लड़का आज मेरी औरत को कसके चोदना चाहता था। वो मयूरी के रूप रंग को देखकर पागल हो गया और पीछे सब जगह किस करने लगा।

मयूरी के बैकलेस ब्लाउस में उसकी चिकनी नशीली पीठ साफ साफ दिख रही थी। लड़का उसे पीठ पर चूमने लगा, कन्धों को चूमने लगा उर दांत से काटने लगा। फिर वो मयूरी की सेक्सी 32” की पतली कमर को किस करने लगा। मयूरी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”की सिस्कारियां निकालने लगी क्यूंकि वो बहुत जादा उत्तेजित हो गयी थी और उसे बहुत मजा आ रहा था। उस लड़के ने मेरी बीबी के ब्लाउस की डोर को दांत से पकड़कर खीचा तो ब्लाउस खुल गया। उसने ब्लाउस निकाल दिया। वो मयूरी के पैरों को सहलाने लगा। “आह आह राजा।।।।आजजजज।।।।मुझे कसके चोदो दोदोदोदोदो।।।” मयूरी बोली। उसके बाद तो वो मीटर रीडिंग करने वाला लड़का बिलकुल पागल हो गया था। धीरे धीरे वो मयूरी के पेटीकोट को उपर उठाने लगा तो उसके खूबसूरत टखने उस लौंडे को दिख गये। मेरी बीबी अभी भी पेट के बल बिस्तर में लेटी थी। वो लड़का उसके उपर सवार था और धीरे धीरे मयूरी के पेटीकोट को उपर उठाने लगा। वो बार बार मयूरी के पैरों को चूम लेता था। कुछ देर बाद तो बिलकुल गजब हो गया था।

उस चुदक्कड़ लड़के ने मयूरी का पेटीकोट कमर तक उठा दिया और उसकी खूबसूरत गोरी गोरी भरी भरी जाँघों को सहलाने लगा। मेरी बीबी पागल हो गयी थी। फिर वो बड़ी देर तक मयूरी की नंगी पीठ को सहलाता रहा और होठो से चूमता रहा। फिर उसने मेरी अल्टर आवारा छिनाल बीबी को पलट दिया और सीधा बिस्तर पर लिटा दिया। उस लड़के ने मयूरी का पेटीकोट का नारा खोल और निकाल दिया। मेरी बीबी पूरी तरह से नंगी हो गयी थी क्यूंकि आज उसने पेंटी भी नही पहनी थी। अब मयूरी उस गैर मर्द के सामने पूरी तरह से नंगी थी। वो चूत का शिकारी  मेरी बीबी की भरी हुई उफनती जवानी को देखकर बिलकुल पागल हो गया था। वो मयूरी पर लेट गया और पूरे जिस्म में किस करने लगा। दोनों से फिर एक दूसरे को बाहों में भर लिया। कुछ देर बाद वो मेरी औरत के 36” के बहुत ही खूबसूरत और रुई जैसे मुलायम मम्मो को हाथ से दबाने लगा। मयूरी “…..ही ही ही ही ही…….अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की सिस्कारियां भरने लगी।

दोनों ऐश करने लगे। उस लड़के को खूब मजा मिल रहा था जबकि मयूरी को भी ऐश मिल रही थी। आज वो एक गैर मर्द से अपने दूध दबवा रही थी। कुछ देर बाद वो छोकरा मयूरी के दूध को मुंह में लेकर पीने लगा। उसे तो बहुत सुख मिल गया था। इधर मयूरी भी बहुत सेक्सी महसूस कर रही थी। मेरी बीबी के दोनों मम्मे 36” के थे और बहुत बड़े बड़े गोल गोल थे। वो मुंह में देख मम्मो को चूस रहा था। जैसे मयूरी उसकी अपनी बीबी हो। वो हाथ से दूध को तेज तेज दबा भी रहा था। मयूरी भी उसे चेहरे, ओठो, माथे पर किस कर लेती थी। वो बार बार उस लड़के की कमर और पुट्ठों पर अपने हाथों से सहला रही थी। जिससे दोनों को बहुत चुदास चढ़ गयी थी। मेरी खूबसूरत जिस्म वाली बीबी के दूध को माशाअल्लाह थे। 36” की विशाल छातियों की निपल्स के चारो ओर काले काले गहरे रंग के घेरे थे जो बहुत सेक्सी लग रहे थे। वो लड़का मेरी औरत को अपनी औरत समझकर उसके दूध पी रहा था और दोनों छातियों को हाथ से मींज रहा था।

वो निपल्स को उँगलियों से छेड़ रहा था और ऐठ रहा था। इस तरह दोनों गर्मा गर्म मनोरंजन कर रहे थे। मेरी चुदासी बीबी मयूरी की चूत तो बिलकुल गीली हो गयी थी क्यूंकि वो मीटर रीडिंग करने वाला लड़का आधे घंटे से उसके दूध पी रहा था। उसका तो दिल ही नही भर रहा था। वो जितना जादा दूध पिता था उतना उसकी वासना बढ़ जाती थी। उसके बाद उस लड़के ने मयूरी के सिर के नीचे ३ मोटी तकिया लगा दी। मयूरी का सिर उठ गया और उस लड़के से अपना लौड़ा मेरी बीबी के मुंह में डाल दिया।

दोस्तों मैंने आपसे बाताया की मेरी औरत तो शुरू से बड़ी छिनाल थी। हमेशा नये नये लंड खाने की फिराक में रहती थी। जैसे ही उस लड़के ने लंड मयूरी के मुंह में डाल दिया, मयूरी को बहुत मजा आया। वो जल्दी उसका लौड़ा चूसने लगी। मयूरी को तो जैसे आज स्वर्ग ही मिल गया था। वो जल्दी जल्दी उस लड़के का लौड़ा चूसने लगी। आज मयूरी उससे कसके चुदाना चाहती थी। वो लौड़ा चूसना भी बहुत पसंद था। लड़का जल्दी जल्दी अपनी कमर को चलाने लगा और उसका लंड जल्दी जल्दी मेरी छिनाल बीबी के मुंह में जाने लगा। मयूरी उसके लौड़े को हाथ से फेटने लगी। दोनों पर सेक्स का भूत चढ़ा हुआ था। मयूरी के मुंह में उस लड़के ने आधे घंटे चोदा। उसके बाद उसने मेरी औरत के दोनों पैर खोल दिए और मयूरी की गुलाबी चूत के दर्शन करने लगा। फिर वो लेटकर मयूरी की चूत को पीने लगा। उसे बहुत मजा आ रहा था। मयूरी“आई…..आई….आई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज निकाल रही थी। वो जल्दी जल्दी मयूरी की चूत पी रहा था। उसकी चूत का नमकीन सौंधा सौंधा स्वाद उस लौंडे को बहुत पसंद आ रहा था। उसे लगा की जैसे काला नमक का स्वाद उसे मिल रहा हो। उसमे मयूरी के भोसड़े को 20 मिनट तक पीया और मजा मारा।

फिर उसने अपना 8” का मोटा लंड मयूरी की चूत के छेद पर रख दिया और धक्का दिया। लंड अंदर सरक गया। वो जल्दी जल्दी मेरी आवारा बीबी को चोदने और खाने लगा। मयूरी चुदने लगी। उसे बहुत मजा मिल रहा था। उसका एक गैर मर्द का लंड खाने का सपना आज पूरा हो गया था। मयूरी की रसीली चूचियां जल्दी जल्दी उपर नीचे हिलने लगी। ये देखकर उस लड़के को और जादा सेक्स चढ़ गया और वो तेज तेज कमर चलाकर मेरी औरत की चूत मार रहा था। इतनी खूबसूरत औरत को चोदकर आज उस लड़के ने जैसे गंगा ही नहा ली थी। वो जल्दी जल्दी मेरी औरत को चोद रहा था, खा रहा था। मयूरी की जवानी का भोग लगा रहा था। उनके यौवन रस को लूट रहा था।

कुछ देर बाद वो राक्षस बन गया और उसने अपने हाथ मेरी औरत के चुच्चों पर रख दिए और जोर जोर से दबाने लगा और कमर घुमा घुमाकर मेरी औरत को चोदने लगा। मयूरी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हममममअहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज निकाल रही थी। उस लड़के ने मेरी चुदक्कड़ बीबी को 2 घंटे चोदा फिर चला गया। ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

Sex with Girl Friend Sex Story

Hello friend, My Name is Nikhil Working in a Private firm in Mumbai, I wish to share my sexy experience with you, hope you will like it. This is my first story so please may forgive if any mistake.  I had a few months ago when I met my girlfriend.  I had little interaction with women. My virginity was a thing I soon wanted to let go and wanted some one to make love. I was too shy/ scared to go to a prostitute. Hence I was looking for a girl that I can be in a relationship with.

It was a sunny day in the November of Mumbai. Me and my friend were coming back from Kurla Station after watching a movie, due to Sunday the train  was less crowded and we could stand comfortably. From station a girl in green dress got on the Bus. She was wearing a short dress above her knees and her milky legs were visible. She gave us a glance and looked the other side.

My friend told me that this is an ex of his colleague and he met her in some parties. I found the girl very attractive, let me explain her to you. Fair and smooth skin, slim built, big eyes and long hair, sexy back. I wanted her badly when I saw her and also her bare legs were making my mouth water. I told my friend that I want to have her. He told me that he can introduce me but dont know how she will react.

We went to her and he started talking, she was hesitant at first then she joined the conversation. I got to know that she was looking for a place, I had once near my home and told her I can show her the area. She wanted to change home in next 10 days hence she reluctantly agreed to meet me and we exchanged numbers.

Next day she came near my place. I showed her the vacant house, I knew the owner and got her a sweet deal. She was happy and thanked me, her new place was few meters away from mine and I thought now I can get a chance.

I helped her move and we became good friends. She was from Ludhina, and I was a big fan of Ludhina girls beauty. She started coming to my place for dinners and also on Sundays to watch movies and hang out.

I noticed a change in her behaviour also, she started wearing shorts while visiting me, her T shirts were becoming tighter and she bent over many times to expose her milky breasts. I was losing my sleep and wanted to take the next step.

One Sunday afternoon it was cloudy, she was sitting on the sofa and crossed her legs. I couldn’t resist and put my hand on her thigh. She gave me a sexy smile. I got more confidence and started moving my hand, she kept smiling, this was a sign for me and I gave her a kiss.

She was waiting for my move and we were in each other arms vigorously kissing each other, I gave her many deep french kisses before I started cupping her breasts. This experience was making me horny by every passing second. I wanted her badly and a gorgeous girl was in my arms, waiting for me to fuck her. It was a dream becoming true for me.

I undressed her, she was wearing Black bra and Red panty. She was lying totally nude in front of me. Her pussy was shaved, her nipples were dark and body was flawless. I was stunned for a few moments looking at the beautiful body. I started sucking her nipples, I was getting hard at her every moan. I moved to her wet pussy and started licking her, I was in heaven at that time.

After a few minutes of foreplay I was ready to fuck her and blow my load into her. I mounted her from top and inserted my cock in her vagina. She was very tight and I was getting extreme pleasure. After a few strokes I was ready to cum, I took my cock out and came all over her stomach.

She wiped her belly and we layed on the bed for a long time, I was feeling her breath on my neck and it was a heavenly experience. We went to the shower together to clean up and had a great time bathing when she took my cock in her mouth and gave a great blow job. I was feeling great to loose my virginity with a pretty girl like her. The feeling that I can fuck her now anytime was amazing.

After that we had many sessions and they were equally passionate. Now she has shifted abroad with her family. I had many sexual encounters after that. I will share them in next stories please visit merisexstories.com for latest updated stories

मामी की चूत को चोद कर, उनसे पैसे लिये

हेल्लो दोस्तों, मै आप सभी का नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम में स्वागत करता हूँ। मेरा नाम दीपक वर्मा है। मै  लखनऊ का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र लगभग 19 साल होगी। मै आज आप को अपनी जिंदगी की पहली चुदाई के बारे में बताने जा रहा हूँ। मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी को नही चोदा था।  मैंने अपने पहली चुदाई अपने मामी को चोद कर किया।  मै बहुत सीधा और शर्मीला लड़का हूँ।  मेरी तो लड़कियों के नाम से फटती है, मै तो लडकियो से ठीक बात भी नही कर पाता हूँ। इसलिए मेरी अभी तक कोई गर्लफ्रेंड नही है और मैंने अभी तक चुदाई भी नही किया था।  मैंने तो कभी सोचा भी नही था की मेरी पहली चुदाई मेरी मामी को चोदकर होगी।

एक महीने पहले की बात है, हर साल गर्मी को छुट्टियों में जैसे हर कोई अपने मामा , नाना के घर जाता है¸ उसी तरह मै भी इस गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के घर गया था। मुझे तो पाता भी नही था की वहां मेरी पहली चुदाई की कहानी बन जायेगी। अभी तक जो केवल वीडियो में देखा था वो सच होने वाला था लेकिन  मुझे इस बात की जरा भी अंदाजा नही था।  मेरे मामा के घर में केवल मेरे मामा, मामी , नानी और मेरी एक छोटी मौसी रहती थी।  मेरे मामा एक नम्बर के नशेड़ी थे, और मेरी मामी तो एक नम्बर की अव्वल माल थी।  मामा अपने नशे में ही रहते थे जिससे वो मामी के ऊपर ज्यादा ध्यान नही देते थे। मामी की जवानी बेकार हो रही थी। मामा तो उनकी चुदाई का कोटा भी नही पूरा कर पाते थे।

मै मामा के घर पहुँच, मैंने अपने नाना और नानी के पैर छुए और और साथ में मामी के भी पैर छुए, मामी के पैर इतने गोरे और चिकने थे की मेरा तो मन ही नही कर रहा था हटाने को।  जब मैंने मामी के पैर छुए तो मेरे हाथो के स्पर्श से मामी ने अपनी आंखे बंद कर ली। शायद किसी मर्द का स्पर्श उनको उत्तेजित करता है।  मामी ने मुझसे कहा – दीपक बहुत दिन बाद आये हो” ।  मैंने कहा – “हाँ मामी वो क्या है की मेरी पढाई चल रही थी अब छुट्टी हुई।  तो मने सोचा चलो मामा के घर ही घूम आता हूँ”।

मामी ने कहा – आओ अंदर बैठो। मै अंदर कुर्सी पर बैठ गया। उन्होने एक ग्लास पानी और साथ में मीठा मेरे लिये लाई। मैंने पानी पीया और मामी से कहा – मुझे थोडा आराम करना है थक गया हूँ।  मामी ने कहा – हाँ आओ बेड पर लेट जाओ।  मै आराम करने के लिया मामी के बाद पर लेट गया।

आराम करने के बाद जब मै उठा तो मैंने देखा, मामी सामने वाले सोफे पर लेटी हुई थी, और उनके साडी का पल्लू नीचे गिर गयी थी और उनकी चूची थोड़ी सी ब्लाउस से बाहर निकली हुई थी।  उनकी आधी चूची कितनी गोरी थी, उनके गोरे मम्मो को देख कर मेरा लंड तो खड़ा ही हो गया। मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार सच में चूची को देखा था।  मेरा लंड मेरे काबू में नही था,  मै वहां से उठ कर बाथरूम में चला गया और हमेसा की तरह अपने लंड को शांत करने के लिये मुठ मारने लगा।  मै तो मामी के ही बारे में सोच रहा था।  मैंने सोचा अगर किसी तरह मामी की चूत चोदने को मिल गये तो मजा आ जाये। मै उनके ही बारे में सोच कर मुठ मार रहा था।  थोड़े ही देर में मेरा वार्य निकलने लगा।  जिससे मेरे लंड को बहुत शांति मिली। मुठ मारने के बाद जब मै बाथरूम से बाहर निकाला तो मैंने सोचा कुछ खान खा लेता हूँ।  लेकिन खाना निकलने के लिये मामी को जगाना पड़ता।  मै मामी को जगाने के लिये उनके कमरे में गया, मामी लेटी हुई थी मैंने मामी को बुलाया – मामी उठो खाना निकाल दो मुझे खाना खाना है।  मेरी नजर उनकी चूची पर ही टिकी थी।  मामी उठ गई उन्होंने अपना पल्लू ठीक किया और मेरे लिये खाना और पानी लेकर आई।  मैंने खाना खाया।  मामी ने मुझसे कहा – तुम सो रहें थे इसलिए मैंने तुम को नही जगाया। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है।

शाम हुई तो मै बाहर घूमने के लिये चला गया।  बहुत देर घूमने के बाद मै फिर से घर आ गया।  धीरे धीरे रात हो गई, मामा हर रोज की तरह रात में दारू पीकर आये, वो इतने नशे में रहते है की जहाँ भी जगह पाते है वही लेट जाते थे।  मामी ने मेरे लिये आगंन में बिस्तर लगाया था, मामा नशे में आके मी बिस्तर में लेट गये।  मामी ने मुझसे कहा – “उनको वहीँ लेटे रहने दो तुम तुम मेरे कमरे में लेट जाओ”। मैंने कहा – ठीक है मै अंदर ही लेट जाता हूँ।  मै मामी के बिस्तर में लेट गया, मुझे हल्की सी नीद आ रही थी। कुछ देर बाद मामी कमरे में आई उनको लगा मै सो रहा हूँ, इसलिए उन्होंने नाइटी पहनने के लिये अपनी साडी को निकाल दिया अब वो केवल ब्लाउस और पेटीकोट में थी। उन्होंने अपने ब्लाउस के बटन को भी खोल कर निकाल दिया ।  ब्रा में उनकी चुचियाँ तो मस्त लग रही थी।  इसके बाद उन्होंने अपनी पेटकोट भी निकाल दी।  अब तो वो क़यामत लग रही थी।  फिर उन्होंने अपनी नाइटी को पहन लिया और मेरे बगल में लेट गयी।  ये नजारा देख कर मेरा लंड अपने आप से बाहर हो रहा था।  मैंने अपने लंड को किसी तरह से काबू किया।  मामी को ब्रा और पैंटी में देख कर तो मेरी नीद ही उड़ गयी।  कमरे की लाईट नही जल रही थी, इसलिए मै चुपके से लेटा हुआ था, मामी को कुछ ही देर हुआ था लेटे हुए, मैंने जान कर करवट बदली और अपने हाथो को मामी के बड़े बड़े मम्मो पर रख दिया।  मामी को लगा की ये सो रहा है, इसलिए हाथ रख दिया होगा।  मेरे हाथ रखने से मम्मी भी कुछ देर में गरम हो गई। कुछ देर बाद उन्होंने मेरे हाथो को अपने हाथो में पकड लिया और अपने मम्मो को दबाने लगी।  मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योकि मेरे हाथो से पहली बार किसी की चूची दबाई जा रही थी।  मै चुपचप लेट रहा।  बहुत देर तक मेरे हाथो अपनी चूची मसलने के बाद उन्होंने मेरे हाथो को अपने कपडे के अंदर कर लिया और अपनी मुलायम चूची को मेरे हाथो में पकड़ा दिया था।  मेरे मन तो कर रहा था की मै उनको मुलायम मम्मो को दबाऊ लेकिन मुझे डर लग रहा था, इसलिए चुपके से लेटा रहा।  मामी मेरे हाथो से अपने मम्मो को खूब दबाया।

 बहुत देर तक मेरे हाथो से अपने मम्मो को दबाने के बाद उन्होंने मेरे हाथ को अपनी चूत के पास ले गई और मेरी उंगलियो को अपनी चूत में डालने लगी, मै तो बेकाबू होने लगा था।  मामी धीरे धीरे मेरे उंगलियों को अपने चूत में डाल रही थी।  मैंने भी मामी के साथ हल्का सा जोर लगाके मामी की चुतं में अपनी उंगलियो को डालने लगा। बहुत देर तक ये खेल चलता रहा।  जब मामी ने अपनी चूत से पानी निकाल लिया तब उन्होंने मेरे हाथ को अपनी चूत से निकाल दिया।  मुझे तो उस दिन बहुत मजा आया।  कुछ देर बाद मामी सो गई लेकिन मै नही सो पा रहा था , मैंने अपने लंड को पकड कर मुठ मारने लगा।  थोड़ी देर बाद जब मेरा माल निकल गया तब मुझे भी कुछ देर में नीद आ गई।  सुबह हुई जब मेरी आंखे खुली तो मैंने देखा मामी अपने कमरे में झाड़ू लगा रही है, वो हल्का झुकी हुई थी और उनके ब्लाउस से उनकी चूची लटक रही थी।  मेरा तो उस दिन सुबह सुबह ही चूची के दर्शन हो गये। मामी ने मुझे देखा तो अपना पल्लू संभाल लिया।

                                                                                             मैंने अपने मन में सोचा कल रात को तो मेरे हाथो से अपनी चूची को मसल रही था और आज अपना पल्लू संभल रही है।  कुछ देर बाद वो मेरे लिये चाय और साथ में नमकीन लाई।  मैंने चाय पीया।

मैंने मामी से पूछा मामा कहा है तो उन्होंने कहा डयूटी गये है अब शाम को आयेगे। मै मामी के कमरे में बैठ कर टीवी देख रहा था, थोड़ी देर बाद मामी आई और उन्होंने मुझसे कहा – जाओ नहालो और फिर खाना भी खा लो। मै नहा के आया तो मामी मुझे बहुत ध्यान से देख रही थी, मैंने उनसे पूछा क्या हुआ ,तो उन्होंने कहा – “बहुत स्मार्ट लग रहें हो”। मैंने भी मजाक में कह दिया आप मुझे लाइन मार रही है क्या। तो मामी हसने लगी। मैंने उनके ही कमरे में खाना खाया।

इसी तरह से तीन दिन बीता, मामी ने मुझसे कहा तुम मेरे कमरे में ही लेटा करो तुम्हारे मामा दारू पिये रहते है तो मै ठीक से सो नही पाती हूँ। रात हुई मै हर रोज की तरह उस दिन भी पहले लेट गया और आँख बंद करके मामी का इंतजार करने लगा।  मामी कमरे में आई और अपने कपडे को बदला, मै ये सब देख रहा था। लाईट बंद करके मामी लेट गई , उन्होंने मुझे देख लिया कि मै उनको देख रहा हूँ। मामी ने मेरे हाथो को पकड़ा और मुझसे कहा – मै जानती हूँ तुम जाग रहें हो और तुमने मुझे कपडे बदलते हुए भी देख लिया है। उन्होंने मेरे हाथो को अपने मम्मो पर रख कर मुझसे कहा – दीपक मेरा चुदने का बहुत मान कर रहा है तुम्हारे मामा हमेसा नशे में ही रहते है क्या तुम आज मेरी चुदाई करोगे???   कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा मै आप को चोद तो दूँगा लेकिन मेरी एक शर्त है आप को मुझे एक रात कि चुदाई के 1000 रुपये देने पड़ेगे। वो मान गई। आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है।

मैंने उनके नाइटी को जल्दी से निकाल दिया और उनके होठो को अपने मुह में भर कर चुदने लगा। ,मामी भी बहुत जोश में थी उन्होंने भी मेरे मुह में अपनी जीभ डाल दी और मेरे होठो को पीने लगी। हम लोगो का जोश बढ़ता ही जा रहा था। मै उनके मम्मो को दबते हुए उनके होठो को अपने दांतों से काट रहा था। जिससे वो अपने बदन को   टाइट कर लेती और मुझसे और भी छिपक जाती। मै लगातार उनके बड़े बड़े और मस्त मम्मो को मसलते हुए उनको होठ को पी रहा था। बहुत देर तक उनके होठो को पीने के बाद मैंने उनकी ब्रा को निकाल दिया और उनकी चूची को अपने दोनों हाथो से पकड कर खिचने लगा और उनके मम्मो के निप्पल को अपने दांतों से जानवरों कि तरह काटने लगा। जिससे मामी तो …अहह  ओह ओह ऊ ऊ .. करके सिसकने लगती। मुझे बहुत मजा आ रहा था, और साथ में मामी तो अपनी होने वाली चुदाई का पूरा मजा उठा रही थी। काफी देर तक मामी कि चूची को पीने का खेल चलता रहा।

उनकी चूची को पीने और मसलने के बाद मैंने मामी कि पैंटी को अपने हाथो से सहलाने लगा। मामी अब और भी कामातुर होने लगी, उन्होंने अपने मम्मो को अपने ही हाथो से जोर जोर से दबाने लगी। मैने धीरे से उनकी पैंटी को निकाल दिया और उनकी कमसिन, रसीली और नाजुक चूत को अपने हाथो से सहलाने लगा। मैंने उनकी चूत की गुलाबी दाने को अपने उंगलियो हिलाने लगा । जब मै उनकी चूत के दाने को अपने हाथो से हिला रहा था तो ,मामी अपने बदन को रोक नही पा रही थी और अपने कमर को हवा में उठा लेती। मैंने धीरे धीरे उनके चूत के दाने को खूब तेजी से हिलाने लगा जिससे मामी तो … उह उह उह … आह आह अह्हह्ह अह्ह्ह … सी सी से….. करने लगी। इसके बाद मैंने मैंने अपनी उंगलियो को उनकी चूत में डालने लगा, मैंने धीरे धीरे अपनी चारो उंगलियो को उनकी चूत में डाल दिए और मामी तो तडप उठ और तेज तेज से चीखने भी लगी।

उनकी चूत में उंगली करने के बाद मैंने अपना लंड निकाला, मेरे लंड को देख कर मामी खुश हो गई। मैने अपने लंड से पहले मामी की चूत में धीरे से उनकी चूत के दाने में रगड़ने लगा, जिससे मामी ने बेड के चादर को जोर से पकड लिया। मैंने धीरे से अपने मोटे से लंड को मामी की चूत में डाल दिया जिससे मामी चीख पड़ी, मैंने उनके मुह में अपने हाथ की उंगलियां रख दी और उनकी चूत को चोदने लगा। मामी मेरे उंगलियो को चूसते हुए मुझसे मस्ती से चुदवा रही थी। धीरे धीरे मेरी स्पीड बढ़ने लगी और मामी भी बहुत दर्द में थी तो उन्होंने मेरी उंगलियो को अपने दांतों से कटने लगी। मैंने अपने उंगलियो को निकाल लिया और उनकी चूत को खूब तेजी से बजाते हुए उनके होठो को काटने लगा जिससे वो ……..अह्हह्ह आह हह्ह्ह ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह …उह्ह्ह्ह्ह उह्हह  ऊ ऊ ऊ ऊ ऊह्ह्ह्ह्ह ना ना ना ……माँ माँ ………प्लीस्स्स्स प्लीस्स्स्स्स   करके चीखने लगी। मेरा लंड मामी की चूत में इस तरह से घुस रहा था जैसे गाड़ी का साकर अंदर बाहर हो रहा है।  मामी को बहुत मजा आ रहा था। जब मै उनको चोद रहा था तो उन्होंने मुझसे कहा दीपक तुम अपना माल मेरी चूत में ही गिरा देना क्योकि मुझे माँ बनना है और तुम्हारे मामा तोमुझे ठीक से चोद नही पते है पाने नशे की वजह से। मैंने कहा ठीक है।

मेरी रफ़्तार और भी बढ़ने लगी, मै अपनी मामी की चूत को बड़ी तेजी से चोद रहा था और मामी ने अपनी कमर को हवा में उठा दिया। इससे पता चल रहा था कि उनको कितना मजा आ रहा था। कुछ देर बाद ऐसा लग रहा थी कि मेरा माल निकलने वाला है मै अब तो ओर भी जोर लगा के उनको चोदने लगा और मामी ब्याकुल होकर चीख रही थी। थोड़ी ही देर में मेरा माल मामी की चूत में गिर गया। चुदाई खत्म करने के बाद मैंने मामी से कहा – अगर आपको बच्चे चाहिए तो आप मुझसे कुछ दिनों तक लगातार चुदवा लीजिए जिससे आप गर्भवती हो गयेगी। मामी मान गई।

उस रात के बाद मैंने मामी कि खूब चुदाई कि और उनको प्रेग्नेंट कर दिया और साथ में मैंने उनसे पैसे भी ले लिये। नौ महीने बाद मामी को लड़का हुआ वो माँ बन गई और नई बिना शादी के बाप बन गया।  आप ये कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहें है।

मेरे पति ने मुझे मेरी सुहागरात पर नौकर से चुदवाया

हेलो दोस्तों, सुष्मिता आप सभी का नॉन वेज स्टोरी में बहुत बहुत स्वागत करती है। मैं भारत की नंबर १ हिंदी सेक्स स्टोरी साईट पर आप लोगो को अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ। मैंने २५ साल की बहुत की खूबसूरत लड़की थी। मेरे गाल बहुत गुलाबी थे और मेरा चेहरा किसी ताजे गुलाब जैसा था। जब मार्केट में मैं कहीं शोपिंग करते जाती थी तो सभी दुकानदार मेरे बड़े बड़े बूब्स देखते थे और ताड़ते रहते थे। मेरे बूब्स ३८” के थे। मैं इतनी सुंदर लकड़ी थी की मुझे सभी लोग चोदने की गुप्त इक्षा रखते थे। मैं किसी फूल जैसी फ्रेश माल लगती थी।

मैंने इन २५ सालों में किसी लड़के से चुदवाया नही था। पर मेरी चुदवाने की और लंड खाने की बहुत ज्वलंत इक्षा थी। एक दिन मैंने अपनी चूत में डालने के लिए डिलडो एक ऑनलाइन कम्पनी से मंगवाया था। पता नही कैसे जब कोरियर वाला डिलडो की डेलिवरी लेकर मेरे घर आया तो डिलडो पापा के हाथ में लग गया। उन्होंने वो पैकेट खोलकर देखा तो बहुत दंग रह गयी।

“क्या क्या चीज है बेटी???” पापा गुस्साकर बोले

“पापा ! ये डिलडो है ! कुवारी लड़कियां को जब कोई लड़का चुदवाने के लिए नही मिलता तो वो इस डिलडो को अपनी चूत में डाल लेती है और खुद अपनी चूत इससे चोद लेती है। इससे डबल फायदा होता है। एक तो लड़कियों की चूत इससे चुदकर शांत हो जाती है और उनको किसी लड़के को चुदवाने के लिए चोरी छुपे अपने घर नही बुलाना पड़ता। इससे लड़कियों का काम भी हो जाता है और उनकी समाज में बदनामी भी नही होती!” मैंने पापा को बताया

शुरू शुरू में वो बहुत गुस्सा हुए मेरी बात सुनकर।

“बेटी! मुझे साफ साफ़ बता की क्या तेरी चूत अब लंड मांगती है क्या??? क्या अब तुमको किसी लम्बे लौड़े लंड की जरूरत महसूस होती है???’ पापा बोले

“हाँ !! पापा जी !! अब मैं २५ साल की जवान लड़की हो गयी हूँ !! अब मेरा चुदवाने का बहुत दिल करता है!!” मैंने पापा से कहा

दोस्तों, कुछ दिन तक मैंने डिलडो को अपनी चूत में डालती रही और ऐसे ही काम चलाती रही। फिर पापा मेरी शादी देखने लगे क्यूंकि उनको डर था की कहीं मैं चुदवाने के लिए किसी लड़के के साथ ना भाग जाऊं। १ हफ्ते बाद मुझे देखने एक लड़का आया। वो बहुत दुबला पतला लड़का था। उसका नाम रंजन था। मुझे उसको देखकर थोडा डाउट हो रहा था।

“सुष्मिता जी !! आप मुझे बहुत पसंद है!! आपको मुझसे कुछ पूछना हो तो पूछ लीजिये??” रंजन बोला

“आप इतने दुबले पतले है!! देखने से तो आप नामर्द लगते है!! शादी के बाद मुझे आप अच्छे से चोद तो लेंगे ना???” मैंने पूछा

“ये कैसी बात कर रही है आप सुष्मिता जी??? मैं देखने में चाहे जितना दुबला पतला सीक जैसा हूँ , पर शादी के बाद मैं आपको अच्छे से चोद लूँगा। आप परेशान ना हो। मैं बिस्तर पर बहुत अच्छा हूँ। मैंने कई लड़कियों को पूरी पूरी रात पेला है। आप खामखा परेशान हो रही है। मैं आपको अच्छे से चोद लूँगा!!” रंजन बोला

उसके बाद दोस्तों मैंने अपने पापा से कह दिया की लड़का मुझे पसंद है। शादी होने के बाद मैंने अपने पति रंजन के घर हरदोई में विदा होकर आ गयी। वो यहाँ पर एक प्राइवेट कम्पनी में काम करते थे। जिस दिन मैं अपने पति के घर पहुची, उसी दिन हमारी सुहागरात थी। मेरे पति को कम्पनी की तरफ से एक अच्छा बंगला और एक नौकर मिला हुआ था। रात में पति ने मेरी सुहागरात के लिए अच्छी तरफ से कमरा सजाया था। जैसे ही रात के १२ बजे हम हसबैंड वाइफ एक दुसरे से प्यार करने लगे। मेरे पति रंजन ने मेरे रसीले होठ खूब चूमे और जी भर के पिये। धीरे धीरे उन्होंने मेरा ब्लाउस खोल दिए। जब वो मेरे ३८” के रसीले बूब्स दबाने लगे तो मुझे बहुत अच्छा लगा।

रंजन अच्छी तरफ से मेरे आम हाथ में लेकर दबा रहे थे। मेरी चुच्ची बहुत ही कमाल की, बहुत सुंदर थी। मेरे पति मेरे मम्मो को दुनिया के सबसे हसीन और खूबसूरत मम्मे बता रहे थे। उन्होंने मुँह में भरके करीब १ घंटे तक मेरे दूध मस्ती से पिये और खूब मजा लिया। धीरे धीरे उन्होंने मेरी शादी की साड़ी निकाल दी और मेरे सेक्सी पेट के नीचे बंधे पेटीकोट का नारा पतिदेव से खोल दिया। फिर मेरा पेटीकोट निकाल दिया और मेरी चड्डी के उपर से मेरी चूत सहलाने लगे। दोस्तों, आज मुझे बहुत खुशी मिल रही थी। क्यूंकि आज मैं चुदने वाली थी। आज मैं अपनी चूत में रोज की तरह डिलडो नही बल्कि असली लंड खाऊँगी। ये बात सोच सोचकर मैं खुशी से फूली नही समा रही थी।

कुछ बेड तक मेरी चूत को चड्ढी के उपर से सहलाने के बाद पति ने मेरी चड्डी निकाल दी और मेरी चिड़िया [चूत] उनको दिखने लगी। मेरी बुर हल्की सांवली और गुलाबी रंग की थी। पति मेरी चूत को छूने लगे और सहलाने लगे। फिर वो मस्ती से मेरी चूत पीने लगी। मुझे तो जैसे आज स्वर्ग की प्राप्ति हो गयी थी। मेरे पति रंजन ने आधे घंटे तक मेरी चूत पी। उनका लंड मैंने देखा। जहाँ पति काफी दुबले पतले और सीक की तरफ थे, उनका लंड आम मर्दों की तरफ ही मोटा था। जब मैंने उनको पहली बार देखा था तो मुझे शक था की पता नही दुबले पतले पति मुझे चोद जाए या ना चोद पाए। पर अब पति का लंड का दीदार करने के बाद मेरा शक दूर हो गया था। मेरी गुलाबी चूत को अच्छी तरह से पीने के बाद पतिदेव ने मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने अपनी आँखें मूंद ली और मस्ती से पति रंजन को बाहों में भरके चुदवाने लगी। दोस्तों, मैं तो यही सोच रही थी की पति से रातभर चुदवाउंगी और मजे से सारी रात गुलछर्रे उड़ाऊँगी पर दोस्तों १० मिनट बाद ही मेरा साथ डबल क्रोस हो गया। मेरे साथ धोखा हो गया। मेरे पति सिर्फ १० मिनट में मुझे चोदकर झड़ गये। दुबारा उनका लंड खड़ा ही ना हुआ। मुझे इस बात पर बहुत गुस्सा आ गया।

“ये क्या जी??? क्या बस आपने मुझे १० मिनट चोदने के लिए ही शादी की है???’ मैंने आँखे तरेर कर पूछा

“जान!!….रुको, अभी मैं लंड को दोबारा खड़ा कर रहा हूँ!” पति बोले और हाथ से जल्दी जल्दी अपना लौड़ा फेटने लगे। पर दोस्तों ऐसा करते करते २० मिनट हो गया और उनका लौड़ा खड़ा ही ना हुआ। मैंने उनका लंड मुँह में लेकर खूब चूसा भी, पर भी ना खड़ा हुआ। मैं फूट फूट रोने लगी किसी छिनाल की तरह “हाय ! मेरा तो करम ही फूट गया इस हिजड़े आदमी से शादी करके। ये नामर्द तो सिर्फ १० मिनट में आउट हो गया। मैंने क्या क्या नही सपने देखे थे की सुहागरात पर पति से सारी चुदवाउंगी और मजे मारूंगी। पर अब तो ये बस सपना ही रहा गया” मैं इस तरह से फूट फूट कर रोने लगी। मेरे पति को मेरा दुःख देखकर बहुत बुरा लगा।

“जान!! मैं तुम्हारी किस्मत नही फूटने दूंगा!! रुको, मैं तुम्हारे लिए लौड़े का इंतजाम करता हूँ!” पति बोले। कुछ देर बाद वो हमारे घर का नौकर श्याम को लेकर कमरे में आ गये।

“बीबी!! आज तुम्हारी सुहागरात है!! आज तुम इस नौकर से सारी रात चुदवा लो!” पति बोले। मैं बहुत खुश हो गयी। मेरे पति को ये नौकर कम्पनी की तरफ से ही मिला था। वो मेरे पास आ गया और नंगा होकर मेरे बगल लेट गया। मेरे दूध वो पीने लगा। मेरे आम बहुत खूबसूरत थे। नौकर श्याम मजे लेकर मेरी चुचि पी रहा था। फिर धीरे धीरे वो मेरी चूत पर आ गया और मेरी लाल लाल चूत को वो मजे से पीने लगा। कुछ देर बाद श्याम ने अपना लंड मेरे भोसड़े में डाल दिया और मुझे चोदने लगा। मैं डर रही थी की कही वो भी १० मिनट में जा झड़ जाए, पर ऐसा नही हुआ उसने मुझे आधे घंटे तक बिना रुके चोदा तो जैसे मुझे जन्नत दिखने लगी। मेरे पति रंजन मुझे नौकर श्याम से चुदते देखने लगे तो सायद उनको जलन होने लगी। वो कमरे से बाहर चले गये।

मैंने नौकर श्याम को अपनी बाहों में लपेट लिया।

“मेरे दिलबर!! मेरे जानम श्याम !! आज अपनी बीबीजी को अपनी सच वाली बीबी समझ लो!! मेरे सैयां आज मुझे रगड़कर चोदो तुम, समझ लो की आज रात के लिए मैं तुम्हारी ही बीबी हूँ” मैंने श्याम से गुजारिश की। उसके बाद तो वो मुझे अपनी औरत की तरह पेलने खाने लगा। मेरे होठ और मेरे मम्मे अपनी मर्जी से वो पीने लगा। आज रात के लिए मैं उसकी मासुका बन गयी थी। मेरे ढूधिया जिस्म को मेरा नौकर श्याम अपने हाथ और ओंठो से सहला रहा था। मेरे एक एक अंग को वो चूम रहा था और चाट रहा था। मुझे वो बहुत कायदे से ले रहा था और चोद रहा था। मेरे दोनों हाथों की उँगलियाँ उसके दोनों हाथों में फसी हुई थी। मैं चुद रही और उसका लंड खा रही थी। दोस्तों, आप समझ सकते है की आधे घंटे से जादा का वक़्त हो गया था और मेरा प्यारा नौकर श्याम अभी तक नही आउट हुआ था।

उसका मोटा लौड़ा बार बार मेरी रसीली चूत में जाता था और बाहर निकाल जाता था। नौकर के धक्के से मेरे ३८” के मोटे मोटे दूध हिल रहे थे। वो बहुत तेज तेज मेरे भोसड़े में धक्का मार रहा था जिससे मेरे दूध उपर की तरफ जम्प मार जाते थे। मैं आआआअ आहा आह आह उह उह उंहू उंहू की आवाजे निकाल रही थी। नौकर श्याम मुझे उसी तरह से पेल रहा था जैसे कोई आदमी अपनी औरत को सुहागरात पर बजाता है। मेरे जिस्म पर सब जगह सिर्फ और सिर्फ श्याम का कब्जा था। मैंने उनके लौड़े की दासी बन चुकी थी।

“बस यहीं श्याम!!….बस यही लंड डालते रहो!!….आआअ ऊऊऊ ओह्ह्ह्ह रुकना मत श्याम !!…रुकना मत…यही पर लंड डालते रहो! और मुझे चोदते रहो!” मैंने बार बार कह रही थी। मेरे चुदासे नौकर श्याम ने मुझे अपने सीने में छुपा लिया था। मैं पूरी तरह से उसकी दासी बनी हुई थी। उनसे मुझे किसी गठरी की तरफ अपने दिल में और बाहों में भर रखा था। मैं चुद रही थी और मेरे मुँह से तरफ तरफ के शब्द निकल रहे थे। मेरी हर एक आवाज, हर एक शब्द मेरा नौकर श्याम सुन रहा था। मेरी आँखें बंद थी और मैं शान से चुदवा रही थी। दोस्तों, उसने मुझे पूरा १ घंटा ५ मिनट नॉन स्टॉप चोदा। इस दौरान उसने हजारों बाद मेरे लाल लाल खूबसूरत भोसड़े में अपना पहलवान जैसा लौड़ा डाला और निकाला होगा। उसके बाद वो मेरे भोसड़े में ही झड़ गया। मैंने उससे लिपट गयी और उसके गालों पर मैंने चुम्बनों की बारिश कर दी।

मैं श्याम को आज की रात के लिए अपना दिलबर, अपना पति मान लिया और उससे खूब प्यार किया। उसको मैंने बहुत प्यार दिया। मेरा गांडू नौकर ये भूल गया की वो मेरा पति नही नौकर है। जब मैंने एक बार मस्ती से चुदवा लिया तो मुझे बाथरूम लगी। मैं बाहर मुतने के लिए गयी। जब बाहर निकली तो देखा मेरे पति ड्रिंक कर रहे थे। सायद अपनी शादी शुदा औरत को किसी गैर मर्द से देखकर उनको बहुत जलन हो रही थी, इसी लिए वो ड्रिंक करने लगे थे। मैं पति से जाकर चिपक गयी।

“क्यों जान !! अब बताओ श्याम तुमको कायदे से चोद पाया की नही???” पति ने पूछा

“अरे जी !! वो गांडू तो बहुत मस्त चुदैया है!! उसने मुझे पूरा १ घंटा ५ मिनट चोदा!!” मैंने कहा

“जाओ सुष्मिता!! आज नौकर के साथ जाकर मजे मारो। मैं तुमको चोद नही पाया तो क्या, तुम्हारे लिए मैंने लंड का बंदोबस्त तो कर दिया!” मेरे पति बोले। मैंने उसको गाल पर चुम्मा दिया और थैंक्स बोला। फिर मैं अंदर कमरे में आ गयी। हमारा नौकर श्याम फिर से मुझसे प्यार करने लगा। मुझे देर में उनके मुझे अपने लंड पर बिठा लिया और अपनी कमर पर बिठाकर चोदने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था ये देखकर। हमारा नौकर श्याम एक बहुत ही काबिल चुदैया था। उसने मुझे अपने लंड पर बिठा लिया था और चोद रहा था। मैंने अपने दोनों हाथ पीछे की तरह कर दिए और बेड पर टिका दिये उसके बाद मैं अपनी कमर उठा उठाकर मजे से चुदवाने लगी।

श्याम भी तेज तेज धक्के नीचे से मेरी चूत में मारने लगा। दोस्तों, इस तरह की ठुकाई में बहुत नशा मिल रहा था मुझे। मेरा चेहरा श्याम की तरफ था। हम दोनों एक दुसरे को चोद रहे थे। श्याम का लौड़ा १०” इंच लम्बा था और पूरा का पूरा मेरी गुलाबी चूत में धस गया था और मजे से मुझे पेल रहा था। मैंने अपना सारा वजन अपने दोनों हाथों पर डाल दिया और पीछे की तरफ झुककर मैं मजे से मैं उपर नीचे धक्के मारने लगी। मैं किसी घोड़ी की तरफ अपने नौकर श्याम के लंड को अपनी चूत में लेकर सवारी कर रही थी। आह ओह्ह्ह माँ माँ उई उई आहा आ  की मीठी आवाजे मैंने निकाल रही थी। मेरी आँखों में चुदते समय एक अजीब सा नशा छा गया था। जैसे मुझे नींद सी आ रही थी। मेरा नौकर श्याम मेरी योनी में लंड डालकर मेरे साथ योनी मैथुन सफलतापूर्वक पर रहा था। वो एक माहिर खिलाड़ी था। दोस्तों, सच में श्याम के साथ सम्भोग करना एक यादगार अनुभव था। हम दोनों घंटो प्यार करते रहे। फिर मुझे लगा की मेरी रसीली चूत से माल छूटने वाला है। मेरा जिस्म अकड़ गया था। मैं पूरी तरफ से श्याम के लौड़े के वश में आ चुकी थी। मैंने खुद की कमर और चूत को रोक नही पा रही थी।

मैं किसी घुड़सवार की तरफ अपने नौकर श्याम के लंड की सवारी बड़ी तेज तेज करने लगी। कुछ देर हम हम दोनों एक साथ झड़ गये। मेरी गर्म और दहकती चूत में श्याम के १०” लम्बे लौड़े ने अपना माल छोड़ दिया। उधर मैंने भी अपनी पिचकारी छोड़ दी। उसके बाद दोस्तों, मेरे पति महीने में २ ३ बार नौकर श्याम को बुलाकर मुझे चुदवा देते थे। मेरे पति रंजन भले मुझे चोद नही पाते थे, पर मेरे लिए नौकर के लौड़े का इंतजाम को खुशी खुशी कर देते थे। मुझे अपने पति से जो सिकायत थी वो अब दूर हो गयी थी। ये कहानी आप लोग नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अपनी बीबी को बॉस से चुद्वाकर मैं मेनेजर बन गया और लाखों कमाये

बात एक साल पहले की है। मैं बेरोजगार था और नौकरी की तलाश कर रहा था। मेरी पढाई 3 साल पहले खत्म हो गयी थी। घर वाले चाहते थे की मैं जल्द से जल्द कोई काम पकड़ लूँ और पैसे कमाऊं। पर बदनसीबी मेरा पीछा नही छोड़ रही थी। मेरे सारे दोस्त अच्छा पैसा कमा रहे थे। मेरा बाप जो की पाप था मेरे पीछे।पड़।गया और हमेशा मेरी गाड़ में ऊँगली करता रहता था।

मेरी शादी भी हो चुकी थी। मेरे 3 भाई और।4 बहने थी। मेरे बाप ने मेरी माँ को खूब चोदा था और चोद चोद कर।इस महंगाई में भी 7 बच्चे चूत से निकाल दिए थे। अब मेरे बाप की गाड़ फटी थी। आमदनी अठन्नी थी, और खर्चा रुपैया था। सच में दोस्तों बड़ा बुरा हाल था। भगवान ना करे किसी लड़के को ऐसे।दिन देखने पड़े। मेरा बाप मेरे साथ साथ सभी भाइयों की गाड़ में ऊँगली करता रहता था। बस सुबह से शाम तक एक ही बात चिल्लाता था तुम लोगों की शादी कर दी है।

अब तो शरम खाओ। घर।से बाहर।निलको कुछ कमा के लाओ। मेरा बाप एक सरकारी दफ्तर में।चपरासी था। कुल 12000 ही मिलते।थे और हम भाइयों की शादी के बाद तो 3 बहुवे घर में आ गयी थी। 12  15 लोग अब घर में हो गए थे। मेरा बाप हमेशा झल्लया रहता था।
इतनी चुदाई करने की क्या जरूरत थी?? भोसड़ी के मेरी माँ को चोद चोद के इतने बच्चे पैदा कर दिए!!  मैं मन ही मन अपने बाप को गाली देता था।

मेरा बाप एक नम्बर का ठरकी भी था। रात 9 बजते ही मेरी माँ को बुला लेता था और कमरा बन्द कर लेता था। अब भाई बहन जान जाते थे की हमारी माँ चुद रही होगी। मुझसे कोई काम नौकरी नही मिल रही थी। मेरी बीबी भी आये।दिन मेरी गाड़ में ऊँगली करती रहती थी। बड़ी किस्मत से कुछ दिनों बाद मेरे एक दोस्त ने मुझसे mr मार्केटिंग representative बना दिया। मुझसे अपने शहर सीतापुर में ही दवा कंपनी में काम मिल गया था।

मैं बहुत खुश था कि अब बाप को कुछ ना कुछ हर महीने दूंगा। मुझसे 12000 की सैलरी ऑफर हुई थी। ऊपर से ta और da  मैं पहले नही समा रहा था। मैं जोश से काम करने लगा। मुझसे कंपनी की दवा 1 लाख रुपए की हर महीना बिकवानी थी। मैंने काम शूरु कर दिया। सबसे पहले मुझसे 15 दिनो के लिए दिल्ली भेजा गया। वहां पर सुबह से शाम तक ट्रेनर दवा के बारे में बताते थे। डॉक्टर्स को कैसे दवा की खूबी बतानी है, कैसे पटाना है सब सिखाते।थे।

मैं थोड़ा दब्बू था। डॉक्टर्स से कम बात करता था, इसलिए मेरा परफॉर्मंस अच्छा नही था। एक महीना गुजर गया और मेरी केवल 20 हजार की दवा बिकी।
रविंदर!!।अपनी सेल बढ़ाओ वरना अगले महीने जोनल मेनेजर सीतापुर आ रहे है। तुमको निकाल भी सकते है  मेरे बोस विकास अग्गरवाल से मुझसे कहा।
मैंने विकास यानि अपने बॉस से कहा कि मैं थोड़ा दब्बू हूँ। डॉक्टर्स से खुल कर बात नही करता हूँ, सायद इसीलिए डॉक्टर दवा नही लिख रहे है।

विकास बोला की डॉक्टर्स को पटाओ, उनसे खूब बात करो। घर परिवार का हाल चाल लो, तब बात बनेगी। मैं कोसिस करने लगा। एक महीने की सलरी मुझसे मिल गयी।। मैंने।डॉक्टर्स को पटाना।शूरु किया पर इसमें भी बड़ी प्रॉब्लम थी। कुछ डॉक्टर्स बड़े घाघ होते थे। सीधे सीधे कहते की अगर 1 लाख की दवा लिखेंगे तो 20 % लेंगे। कुछ डॉक्टर्स तो इतने।चंडाल होते थे की 30% 40% कॉमिशन मांगते थे।

दूसरा महीना निकल गया। डॉक्टर्स की बड़ी खुशामद करने के बाद मेरी 50 हजार की सेल हुई। दिल्ली से।ज़ोनल मेनेजर आया और उसने मेरे बॉस विकास से कहा कि ये लड़का काम नही कर पा रहा है। इसे निकलना पड़ेगा। मेरा तो कालेजा मुँह में आ गया। मेरी तो गाण्ड फट गई। अभी 2 नौकरी लगी और अभी ही छूटने की बात होने लगी। वहां घर पर मेरा बाप मेरे हर भाई से कम से कम। 7 8 हजार हर महीने मांग रहा था घर का खर्चा चलाने के लिए। वो ये जान पाएगा की मेरा काम।छूट गया है तो मेरी माँ ही चोद देगा। मैंने सोचा।

जोनल मेनेजर के जाने के बाद मैं अपने बॉस विकास से रोने लगा की सर, प्लीज मेरी नौकरी बचाइए। विकास बहुत अच्छा आदमी था। अगले हफ्ते मेरे बड़े भाई के बेटे का मुंडन था। मैंने विकास को बुलाया था। मेरी बीबी सोनिया विकास के लिए एक ट्रे में रसगुल्ला, बर्फी, पानी लेकर गयी थी। मैं सोनिया से कह दिया था कि विकास की अच्छी खातिर करना। वही दुनिया में इकलौता आदमी है तो मेरी नौकरी बचा सकता है।

सोनिया ने क्रीम कलर की।साडी पहनी थी। थोड़ा गहरे गले का ब्लॉउज़ पहना था। सोनिया बिलकुल मेरे कहने पर।चलने।लगी। उसने विकास से नमस्ते किया। मिठाई दी। और हाल चाल पूछा। मैं दूर खड़ा विकास को।देख रहा था। मेरी जवान और।दूध।सी गोरी बीबी का जादू विकास पर चल रहा था। ये।देखकर मैं बहुत खुश था। पहली मुलाकात में मेरी जवान बीबी सोनिया विकास के दिल में बैठ गयी। विकास कुंवारा था और  लड़कीबाजी में बड़ा लल्लू था।

धीरे 2 मैं विकास को किसी ना किसी बहाने से घर बुला लेता था। सोनिया को उसके पास छोड़कर खुद बाहर चला जाता था। मैं चाहता था कि अगर विकास सोनिया से फस जाए तो मेरी नौकरी बची रहेगी। मैं भी सोचता की पैसे के लिए क्या क्या करना पड़ता है। अपनी बीबी को भी दूसरे से चुदवाना पड़ता है। सोनिया भी बड़े गरीब घर से थी, इसलिए विकास से चूदने को तैयार हो गयी थी। वो यही चाहती थी की मेरी नौकरी चलती रहे और मैं अपने पाप रूपी बाप को 7 8 हजार देता रहूँ।

मैंने अपनी खूबसूरत बीबी को समझाया कि अपनी चूत का क्या अचार डालेगी। अगर मेरा बॉस विकास तुझे चोद भी लेगा तो क्या तेरी चूत पर उसका नाम छप जाएगी। चमड़े की 2 इंच चूत को एक आदमी चोदे या दो ,क्या फर्क पड़ता है। अगर तुझको चुद्वाकर मेरी नौकरी बच जाए तो क्या गलत है। ऊपर से मेरा मादरचोद बाप आये दिन हम भाइयों को हर दिन घर से निकलने की धमकी दे रहा था। बस एक ही बात वो कहता था हर महीने पैसा दो या घर छोड़ दो।

सारी समस्या सुनकर सोनिया मेरे बॉस से चूदने को तैयार हो गयी। मेरे इशारे पर सोनिया विकास को रोमैंटिक मैसैज भी कर देती। उधर विकास भी लाइन लेने लगा। एक दिन विकास ने अपने फ्लैट पर पार्टी थी। हम हस्बैंड वाइफ को बुलाया। मैंने सोनिया को गहरे गले का टाइट ब्लॉज़े पहनने को कहा। काम बन गया। सोनिया उफ्फ्फ! कयामत लग रही थी। उसके बदन का गोश उसकी उभरी छतियों से झलक रहा था।

मैं कुछ बहाना बना दिया और वहां से घर चला आया। सोनिया को मैंने विकास के फ्लैट पर।छोड़।दिया। तीर निशाना पर लगा। विकास सोनिया को देखकर फ़िदा हो गया। उसने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा सोनिया! क्या मुझसे सीक्रेट अफेयर करोगी। सोनिया ने हँसकर हाँ कर दी। पार्टी खत्म होने के बाद विकास सोनिया को बेडरूम में ले गया। सोनिया मुस्कुराकर विकास के कहे पर नाचने लगी, विकास ने मेरी जवान और बेहद खूबसूरत बीबी की पतली कमर में हाथ दाल दिया।

सोनिया सिहर गयी।
विकास जी! कहीं किसी को इसके बारे में पता ना चल जाए?? कहीं ज़माने को हमारे ऑफर के बारे में पता ना चल जाए??  सोनिया ने शर्माकर कहा।
विकास मेरी बीबी की कमर में हाथ डालके झूमने लगा।  ज़माने को हमारे अफेयर के बारे में पता नही चलेगा!  विकास बोला
पर मेरे पति रविंदर की नौकरी का क्या?? जोनल मेनेजर तो उनको निकलना चाहते है??  सोनिया ने हमारे मतलब की बात कही।

वो मैं संभल लूंगा!  विकास बोला। उसने ग्रे सूट पहन रखा था और टाई लगा रखी थी। वो बहुत जम रहा था। अब वो मेरी जवान बीबी को चोदने वाला था। मैं अच्छी तरह जानता था कि मेरी जवान बीबी आज मेरे बॉस से चुद जाएगी।
तो भी ठीक है! मैं आपसे सीक्रेट अफेयर करुँगी! सोनिया से मुस्कुराकर कहा।
विकास ने उसे अपनी ओर घुमाया, उसे जरा नीचे झुकाया और मेरी दूध सी गोरी बीवी के लबों से लब जोड़ दिए।

उफ्फ्फ!! मेरी कयामत बीवी की सांसें विकास के नाक में उसकी रग रग में समा गई। वो मेरी बीबी सोनिये के पर्फ्यूम में डूब गया। मेरी बीबी भी विकास के मुँह से मुँह जोड़कर उसे चूमने लगी। एक शादी शुदा औरत जो हर रात छुड़ाकर और भी खिल जाती है, विकास से भाप लिया कि सोनिया की चूत बेहद चिकनी, नमकीन और मादक होगी। विकास भी मुँह चलाने लगा और उसने अपनी जीभ मेरी बीबी के मुँह में दाल दी। ठीक सोनिया ने भी ऐसा ही किया। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है।

दोनों गरमागरम।चुम्मन लेने लगे। एक खिली हुई परायी औरत को पाकर विकास की ख़ुशी का ठिकाना नही था। वो।सोनिया को।अपनी बीबी की तरह गहराई।से मुँह में।मुँह डालकर।चूमने।लगा। हाय!! सोनिया इतनी गर्म।थी की विकास के बदन में आग लग गयी। उसके जिस्म में कामदेव जाग गया। ये कामदेव अब सोनिया को चोद के ही मानेगा। विकास ने जान लिया। दोनों फ्रेंच किस करते करते बेड पर गिर गए।

सोनिया डार्लिंग! ई मिस यू सो मच! ई लव यू सो मच! विकास कहने लगा। सोनिया के अंदर की चुदास जग गयी। आज उसे भी एक नया लण्ड का स्वाद मिलने वाला था। सोनिया उसे किस करती रही। उसने विकास का सूट निकाल दिया। फिर उसकी टाई निकाल दी। सोनिया बहुत।गर्म और उत्तेजक हो गयी। वो पागलों की तरह मेरे बॉस विकास की वाइट शर्ट के बटन खोंलने लगी।

मेरी कामुक और चुदासी बीबी के गदराए बदन को देखकर विकास पागल हो उठा। सोनिया के अभी बच्चे नही हुए थे, इसलिए उसकी छातियां बेहद किसी थी। सोनिया की छातियां देखकर विकास सब कुछ भूल गया। उसके हाथ मेरी बीबी के स्तनों पर जाने लगे। जिस सोनिया को लेकर उसने तरह तरह की रोमांटिक कल्पनाएं की थी वो आज सच होने वाली थी। आज मेरी खूबसूरत बीबी उसकी बाँहों में थी वो भी सारी रात चुदवाने के लिए। विकास अचानक से बैठ गया और खुद को 2 4 चांटे मारने लगा।

उसे अपनी किस्मत पर विश्वास नही हो रहा था। वो विस्वास ही नही कर पा रहा था कि आज उसे सोनिया चोदने खाने को मिल गयी है। सोनिया विकास के डनलप के मखमली बिस्तर पर लेट गयी और कुलांचे भरने लगी। मेरी जवान बीबी ने अपनी मदमस्त छातियां विकास को उप्पर करके परोस दी। सोनिया के भरे हुए स्तनों की भूण्डिया ब्लॉउज़ के ऊपर से झलक रही थी। सोनिया खुद विकास जैसे कुंवारे गबरू जवान मर्द से पूरी रात चुदवाना चाहती थी।

सोनिया ने अपने हाथ पीछे किये और खुद अपना ब्लॉउज़ के बटन खोंलने लगी। उसने हाथ भर भर के लाल चूड़िया पहन रखी थी। सोनिया ने नीली शेड वाली लिपस्टिक लगायी थी। पायल भी पहनी थी। वो बिलकुल आइटम और छमिया लग रही थी। लाल रंग की खन खन करती चूड़ियों को सोनिया जैसी हसीना को पाने के बाद विकास को एक पल के लिए लगा की वो उनकी अपनी बीबी है।

विकास मेरी बीबी की चूड़ियों से खेलने लगा और सोनिया ने अपना गहरा ब्लॉज़े उतार दिया। उसने ब्रा भी उतार दी। विकास तो जैसे बेहोश होते होते बचा। विकास चूड़िया छोड़ मेरी बीबी की दुधारू छातियां पिने लगा। उसका असलहा खड़ा हो गया। सोनिया की मुलायम छतियों को आजतक मेरे सिवा किसी ने हाथ भी नही लगाया था। आज कोई पराया मर्द मेरी बीबी की छतियों को दबा रहा था और पी रहा था।

विकास ने मेरी बीबी की छतियों को मुँह में भर लिया। वो मस्त होने लगी। सानिया की चूत टाइट और गीली होने लगी। वो अकड़ने लगी। विकास पूरी शिद्दत से मेरी बीबी की पुस्ट दुधभरी छातियां पिता रहा। उसे महसूस हुआ की जैसे वो अपनी बीबी की छातियां पी रहा हूँ। सोनिया ने शर्ट उतार फेकी। अब वो विकास की ब्लैक लेदर बेल्ट खोंलने लगी। सोनिया भी आज एक नए लण्ड को चूसना चाहती थी।

जैसी ही विकास ने अपनी पैन्ट उत्तरी सोनिया ने अपने दांतों ने उसका अंडरवेअर फाड़ दिया  और लण्ड को अपने मुंह में झपट लिया और जन्मों जन्मों की प्यासी की तरह विकास के हत्ते कट्टे 10 इंची लण्ड को दोनों हाथों से पकड़ चुसने लगी। मेरी बीबी ने बड़ी शिद्दत से अपनी दोनों आँखे बंद कर ली और विकास के पुस्ट लण्ड को अपने मुंह में गले तक ले जाकर चूसने लगी। विकास भी मस्त हो गया। विकास कुंवारा था, इसलिए आजतक उसने किसी लकड़ी ने लण्ड नही चुस्वाया था। मेरी बीबी ने उसे खुश कर दिया।

विकास को लगा कहीं उसका मॉल ना निकल जाए। उसने सोनिया के पैर खोल दिए, पैंटी उतार दी। हमारी शादी को अभी जादा साल ना हुए थे, इसलिए सोनिया की चूत आज भी नयी, टाइट और कुंवारी लगती थी। विकास के ऊँठ मेरी बीबी सोनिया की गरम चूत से टकराये तो जैसे आग लग गयी। विकास मेरी बीबी की चिकनी चूत को चाटने लगा। सोनिया गरम साँसे छोड़ने लगी। आखिर विकास मेरी जवान बीबी को चोदने खाने लगा।

मेरा बॉस विकास मेरी खूबसूरत बीबी के रूप पर लूट गया था। कहने को तो वो मेरी बीबी की चूत चोद रहा था, पर असलियत में वो मेरी बीबी सोनिया के चेहरे को चोद रहा था। मेरे छेने जैसी रसभरी बीबी आज बिलकुल नंगी और बेपर्दा होकर विकास से चुदवा रही थी और उसकी हवस को शांत कर रही थी। समय के साथ साथ विकास मेरी खूबसूरत बीबी को और गहराई से चोदता चला गया। उसकी नजरे मेरी बीबी से ना हटती थी। सोनिया ने उसपर जादू कर दिया था।

वो सोनिया की आँखों में आँखें डालकर उसे चोद खा रहा था। पूरी रात ये प्रेमालाप चला। मेरी बीबी ने खूब चुद्ववाया। खूब मेरे बॉस का सेवा सत्कार किया। विकास ने मेरी बीबी की गाण्ड भी मरी। उसके छतियों को लण्ड को सैंडविच जैसा दबाकर उसके मम्मे भी चोदे। सुबह सोनिया ने विकास के फ्लैट पर नहाया। ब्रेकफास्ट किया और ऑटो पकड़ घर आ गयी।

काम हुआ??  मैंने अपनी बीबी को आँख मारी और पूछा
मुर्गा मेरे रूप के जाल में फस गया है!  सोनिया बोली
मैंने सोनिया को गले लगा लिया।

अपनी बीबी को बॉस से चुदवाने का बड़ा फायदा हुआ। विकास ने 5 हजार पर एक लड़का अपने पैसे से अलग रख लिया। वो 50 हजार की दवा हर महीने बेच देता और 50 हजार की दवा हर महीने में बेच देता। इस तरह मेरी नौकरी बच गयी। हाँ हर 15 दिन में मुझसे सोनिया को विकास के फ्लैट पर भेजना पड़ता उसे।चुदवाने के लिए। कभी कभी तो सोनिया 2 3 दिन बाद घर लौटतीं। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है।

5 सालों बाद विकास जोनल मेनेजर बन गया। और मैं उसकी जगह पर सीतापुर का एरिया मेनेजर बना दिया गया। अब मैं हर महीने 60 हजार से ज्यादा पाने लगा। पर मैं कभी अपने बॉस विकास के अहसान को नही भुला। मैंने सोनिया को विकास ने बात करने की छूट दे दी। सोनिया अब भी विकास से फ़ोन से बात करती रहती। कभी कभी जब विकास को सोनिया की बड़ी याद सताती तो मैं उसे छूट दे देता। सोनिया दिल्ली जाकर विकास ने थोड़ा चुदवा लिया करती थी।

अब मेरा हरामी बाप बड़ा खुश था। मैं हर महीने 20 हजार रुपए अपने बाप के हाथ में रख देता था। मैंने दवा कंपनी में एरिया मेनेजर बन लाखों रुपए कमाये और पक्का मकान भी बना लिया।

दोस्त की बहन बबली की चुदाई की सच्ची कहानी

दोस्तों आपको मेरा प्यार भरा नमस्कार, आज मैं आपके लिए एक बड़ी ही सेक्सी कहानी लेके आया हु, ऐसे मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम का जबरदस्त फैन हु, क्यों की यहाँ की सारी कहानियां बड़ी ही मस्त होती है, तो मैंने भी सोचा की क्यों ना मैं भी आज अपने दोस्तों को अपनी ये सच्ची कहानी पेश करूँ, ये कहानी मेरे दोस्त की बहन बबली के बारे में है, मैंने कैसे बबली को ससुराल में चोदा, रात भर छोड़ने के बाद कैसे वो सुबह सुबह नंगड़ा नंगड़ा कर चल रही थी आज मैं पूरी व्याख्या करूँगा, अब मैं सीधे कहानी पे आता हु,

मेरा नाम कौशल है, मेरा एक दोस्त है रविश, हम दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त है, बचपन से ही हमारी दोस्ती है, रविश को चार बहन है, उसमे से सबसे छोटी बबली है, बाकी तिन को मैं भी दीदी ही कहता हु, और बबली मुझे भैया कहती है, क्या बताऊँ दोस्तों मुझे लगता है की मैंने अपने दोस्त के साथ विस्वासघात किया, पर बबली के साथ मैंने वही किया जो वो चाहती थी, तो मैं कहा गलत हु, आप ही बताओ, मैंने बबली को खुश किया, वो चाहती भी यही थी की मैं चोदूँ और वक्त और हालात ऐसा बना की मैं भी अपना लण्ड बबली को दे दिया. बबली की शादी को हुए पन्दरह दिन ही हुए थे, शादी के बाद वो अपने ससुराल चली गई, हमलोगो में शादी के १० दिन बाद ही लड़की को उसके ससुराल रुकसद लाने (लड़की को लाने ) जाना होता है, तो रविश की माँ बोली बेटा कौशल तुम ही चले जाओ बबली को लाने के लिए, क्यों की रविश का एग्जाम है वो जा नहीं पाएगा, और बबली को लाना जरुरी है, तो मैंने हां कर दिया, दूसरे दिन मुझे झारखंड के ही एक छोटे से शहर में जाना था बबली को लाने के लिए.

मैं बबली का ससुराल करीब ३ बजे दिन में पहुंच गया, खूब खातिरदारी हुई, बबली भी बहुत खुश दिखी, शाम को करीब ६ बजे बबली के हसबैंड मुझे घुमाने ले गए, कई सारे उनके दोस्तों से मिला शाम कैसे कट गया पता ही नहीं चला, वापस आया तो बबली लाल लाल साडी पहनी थी, बड़ी ही खूसबसूरत लग रही थी, हाथ में लाह की चूड़ियां और हलके से घूँघट में बड़ी ही मस्त लग रही थी, रात को खाने में मटन करी और चावल बना था, शाम को ही एक बड़ी बोतल शराब का ले आए थे, रात को छत पर ही पीना शुरू हुआ, मैं और बबली का पति दोनों पेग पे पेग और मटन कहते गए, बात चित होने लगी, आपको तो पता है जब दो बन्दे पि रहे हो तो बात तो बहुत दूर तक होती है, वो अपना बखान करते रहे, और धीरे धीरे पीते रहे, इस तरह से वो काफी पि लिए, मैं होश में था पर वो धीरे धीरे वो बेहोशी की हालत में हो गए, और वो वही लुढ़क गए, तभी छत पर बबली आई, और सारा माजरा देखकर वो समझ गई, फिर वो बोली अब वो रात में यही सोएंगे, क्यों की मैं उनको निचे नहीं कर सकती. तो मैंने कहा बबली मैं भी इनके साथ ज्यादा पि लिया हु, मैं भी खड़ा नहीं हो पा रहा हु, मैं छत पर नहीं सो सकता मुझे डॉक्टर ने मना किया है ओश में सोने के लिए.

तो बबली बोली चलो मैं सहारा दे देती हु, और वो मेरा हाथ पकड़ ली, और मैं लड़खड़ाता हुआ जाने लगा पर, मैं सही तरह से चल नहीं पा रहा था, तभी वो मेरे हाथ अपने कंधे पे रख ली और हम दोनों साथ साथ चलने लगे, बड़ी मुस्किल से सीढ़ियों से निचे उतरे, हम दोनों पास पास चल रहे थे, बबली की चूचियाँ मेरे हाथ से सट रहा था, पर वो इसको सामान्य मान रही थी पर मेरा लण्ड खड़ा हो रहा था क्यों की मेरी निगाह हमेशा से ही बबली के प्रति ख़राब रहा था मैं बबली को चोदना चाहता था, पर मेरी हिम्मत नहीं हुई थी, पर आज वो मेरे साथ इतना करीब होके चल रही थी, मैंने ज्यादा पिने का बहाना बनाया और अपना सर बबली के कंधे पे रख दिया, वो कुछ भी नहीं बोली और फिर मेरे सोने के कमरे तक पहुंच गई, घर में और कोई था नहीं, बबली के सास ससुर कही बाहर गए थे वो दूसरे दिन आते, बबली का हस्बैंड तो छत पर ही बेहोश पड़ा था उसको सुबह तक उठने का कोई चांस नहीं था, बबली मुझे बेड पे आराम से सुलाने लगी जैसे वो झुकी उसका पल्लू निचे गिर गया, और ब्लाउज का गला ज्यादा कटा हुआ था, जिससे उसकी दोनों चूचियाँ बड़ी बड़ी बाहर आने को उताबले होने लगे, मैं देख कर तो धन्य हो गया और, मैं बबली का हाथ पकड़ लिया.

बबली बोली क्या कर रहे हो, मैंने कहा आज कुछ ना बोलो, मैं तुमसे प्यार करता था बबली, मैं तुम्हे अपना बनाना चाहता था पर ये हो नहीं सका और तू किसी और की हो गई, मैं कभी भी हिम्मत नहीं जुटा पाया क्यों की सब लोग समझते थे की मेरे और तुम्हारा रिश्ता भाई बहन का है, पर मैं तुमको अपनी बीवी बनाना चाहता था, बबली बोली पर ये अब गलत है. सच तो ये है की मैं भी आपको बहुत चाहती थी, पर मैं आपको अपनी दिल की बात नहीं कह पाई, तो मैंने कहा बबली आज भर के लिए ही सही हम दोनों एक दूसरे का पति और पत्नी बन जाते है, बबली उठी और चल दी, मैंने सोचा शायद बबली को गुस्सा आ गया इस वजह से चली गई. सच पूछो दोस्तों मेरी तो गांड फट गई, सोचा अब क्या होगा? तभी बबली वापस आ गई उसके हाथ में सिन्दूर का डब्बा था, मैंने कहा ये क्या, तो बबली बोली आज मेरी मांग भर दो, मैं आज के लिए तुम्हारी होना चाहती हु, मैंने भी वही किया एक चुटकी सिन्दूर ली और बबली के मांग भर दिए.

बबली को बाहों में लेके चूमने लगा और धीरे धीरे कर के एक एक कपडे उतार दिए, क्या बताऊँ दोस्तों गोरा बदन, बड़ी बड़ी चुच, मोठे गांड, गजब की लग रही थी मैं तो सीधे उसके बूब को मुंह में लेके पिने लगा, और गांड को सहलाने लगा. फिर उसके मैं बेड पे लिटा दिया और दोनों टांगो के बिच मैं बैठ कर उसके चूत को चाटने लगा. वो आह आह आह उफ़ उफ़ की आवाज निकालने लगी. मैंने फिर ऊँगली डाल डाल के देखने लगा, बबली सिसकियाँ लेने लगी, और बाहर बार वो अपने होठ को जीभ से चाटने लगी. मैंने थोड़ा ऊपर हो गया और दोनों चूक के बिच में लण्ड को रख कर ऊपर निचे करने लगा. उसके मुलायम चूक के बीचो बिच मेरा लण्ड अठखेलियां करने लगा. फिर बबली काफी कामुक हो गई और बोली अब मत तड़पाओ मेरे साजन, मेरी चूत काफी गीली हो गई है,

मैंने अपना लण्ड बबली के चूत के ऊपर रखा और टांगो को अलग अलग किया, और चूत के दरार में लण्ड को सेट कर के अंदर डालने लगा, बबली को दर्द होने लगा, वो बोली काफी मोटा है आपका लण्ड, मैंने फिर लण्ड में थूक लगाया और फिर चूत के दरार पे सेट किया और फिर घुसाने लगा और बबली के चूची को हाथ से मसलने लगा. वो अब चुदने के लिए तैयार थी, मैंने झटके दिए और लण्ड बबली के चूत के अंदर समा गया, अब तो दोस्तों मेरी मुराद पूरी हो गई थी, बबली को चोदने लगा, कभी ऊपर से कभी निचे से कभी घोड़ी बना के कभी लण्ड पर बैठा के.

रात भर मैं बबली को चोदते रहा, वो भी पूरी साथ दी, वो किसी चीज के लिए मना नहीं किया खूब सहयोग किया और कहने लगी. मैं काफी दिन से आपके लण्ड से चुदना चाह रही थी जो मेरा सपना आज पूरा हुआ, रात भर चुदवाने के बाद वो सुबह सुबह ही मेरे कमरे से बाहर चली गई, ताकि किसी को शक ना हो.

दोस्तों ये कहानी सच है, और इसको घटे अभी 8 दिन ही हुए है, आशा करता हु की आपको मेरी ये कहानी अच्छी लगी होगी.



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