चोद-चोद कर जवान किया सगी बहन को फिर उसी से शादी कर ली

मैं अवस्थी आप सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम स्वागत करता हूँ । मैंने यहाँ हजारों सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है। पर कभी खुद कुछ नही लिखा। तो आज मैं आपको अपनी कहानी सुना रहा हूँ। क्या कोई अपनी बहन से प्यार कर सकता है। क्या कोई अपनी बहन से शादी भी कर सकता है। इस सब सवालों की पड़ताल करती है मेरी ये कहानी जो अब मैं आपको सुना रहा हूँ। मेरे पापा कचेहरी में मुंशी थे। जितना कमाते थे, उससे ज्यादा खर्च करते थे।

उन्होंने हमारे मकान को बनाने के लिए 10 लाख रुपए कर्ज लिया था। पर इससे पहले की पापा कर्ज चूका पाते वो चल बसे। दोंस्तों, 2016 का साल मेरे घर के लिए एक बहुत बुरा और दुर्भाग्यशाली साल साबित हुआ। इस साल मेरे पापा की अकाल मौत हो गयी। फिर मेरी माँ को भी निधन हो गया। फिर मेरी नौकरी जिस फैक्टरी में मैं काम करता था वहाँ से छूट गयी। ऊपर से बैंक वाले हर रोज मेरे घर आते और अपने 10 लाख के चुकाने की बात करने लगी। अब मेरे घर में  सिर्फ मैं और मेरी जवान बहन मेहर बची। पैसों की इतनी तंगी हो गयी की मैं एक एक पैसों का मोहताज हो गया।

एक दिन जब मेरी 21 साल की जवान बहन नहा रही थी तो मैं उसके खिड़की से छिप के देखने लगा। मेहर नँगी थी, बड़ी मस्त माल लग रही थी। वो अपनी मस्त मस्त छातियों में साबुन मल रही थी। बिना कपड़ों के आज पहली बार मैंने मेहर को देखा था। वो बिल्बुल कयामत लग रही थी। अपनी जवान बहन को देखकर मैं बड़ा बेचैन हो गया और उसे चोदने की तलब एकाएक उठ गई। चूं की अब मेरे घर में दो लोग ही बचे थे।

मैंने अपने कपड़े निकाल दिए। सीधा मेहर के पास आँगन में पहुँच गया। वो डर गई और दीवाल पर टंगी तौलिया उठाने लगी। मैंने मेहर को पकड़ लिया। इससे पहले की वो अपने मस्त मस्त मम्मो को ढँक पाती मैंने उसे दबोच लिया। और उसके होंठो को मैं चूमने लगा। वो विरोध करने लगी। मैं नही माना। उसके बूब्स पर मैंने अपने हाथ रख दिए और उसके हाथ पकड़ के उसके होठ पीने लगा। कुछ देर तक तो वो ना नुकुर करती रही। पर कुछ देर बाद वो मुझसे चूदने को तैयार हो गयी। दोंस्तों, उस दिन मेरे ऊपर साक्षात कामदेव सवार थे। मैंने अपनी सगी बहन को आँगन में लिटा लिया। वहाँ पानी पुरे फर्श पर पड़ा था। आंगन में खूब रौशनी थी।

गर्मियों के दिन में गीले फर्श पर लेटना बहुत सुखद अहसास दे रहा था। मेरी जवान और मस्त बहन जान गई थी की उसका भाई आज उसको चोदेगा। उसे पेलपेलकर उसकी बुर का भोग लगाएगा। मेहर जानती थी। मैं दिन के उजाले में मैहर को गीले फर्श पर लिटाये था। नल भी यहीं आँगन में लगा हुआ था। मैंने अपने कपड़े निकाल दिए थे। मैं पूरी तरह से नन्गा हो गया था। अपनी नँगी बहन को देख कर मेरा खून दौड़ रहा था। आज तो इसकी चूत लूंगा! मैंने खुद से ये बार बार कह रहा था। मैंने पास रखी बाल्टी से एक मग पानी निकाला और छपाक से अपनी बहन के मुँह पर डाल दिया।

हम दोनों भाई बहन बचपन की तरह खेलने लगे। वो भी जवाब में मेरे ऊपर पानी डालने लगी। हम दोनों भाई बहन का तन और मन दोनों भीग गया। मैहर के सारे बाल जो बहुत काले घने और लंबे थे पानी में भीग गये। हाय! मेरी बहन कितनी सुन्दर! कितनी गजब की माल है आज मुझे ये पता चला। लंबे भीगे बाल मेहर के एक कन्धे से किनारे की और किसी बेल की लता की तरह लटके हुए थे। सच में वो कामांगी लग रही थी। मैहर के होंठ भीगे हुए थे। गुलाबी रसीले होठ पर पानी की बूंदें उसे सनी लियोन जैसा लुक दे रही थी। भले ही वो मेरी सगी बहन थी।

भले ही उसने मुझे राखी बांधी थी। पर आज तो मैं इसको चोदूंगा। आज तो मैं इस मस्त चिड़िया की डुग्गी लूंगा मैंने फैसला कर लिया था। मेहर भी मेरी ओर चुदासी नजरों से देखे जा रही थी। मैंने उसकी आँखों को चूम लिया। फिर उसके रसीले भीगे होंठ पीने लगा। कुछ देर बाद मैं चन्द्रमा जैसे सुन्दर उसके मम्मे पीने लगा। लग रहा था आज मुझे जीवन का सबसे बड़ा सुख जिसे दिव्यसुख कहते है मिल गया हो।

मेरी नजरें मैहर के मम्मो से हटती ही न थी। 2 बड़े बड़े चकोतरे जैसे भरी भरी गोरी मुलायम छातियाँ इतनी गजब की माल थी की मैं चाह कर भी अपनी नजरें उससे नही हटा पा रहा था। किसी महीने भर प्यासे की तरह मैं अपनी बहन की छतियों को पी रहा था। मेरे बाप ने मेरी माँ को चोद चोद के मेरी बहन को पैदा किया था। अब मेरी बहन भी चूदने लायक सामान हो गयी थी। मैहर का दूध मेरे मुँह में ठुसा हुआ था। मैं उसकी मस्त मस्त मुलायम छतियों का रसपान कर रहा था। उसके चुच्चों के शिखर पर काली काली निपल्स थी और निपल्स के चारों ओर बड़े बड़े महरून घेरे।

में अपनी मस्त बहन के चुच्चों पर फ़िदा था। बड़ी देर तक मैं बहन की छातियाँ पीता रहा। ऊपर वाले ने मैहर को बड़ी फुर्सत में बनाया था। उसके जिस्म का एक एक भाग बड़ी फुर्सत में ऊपर वाले ने बनाया था। हम दोनों पानी में भीगे हुए थे। मैंने मैहर को अपने में लपेट लिया था। उसके भीगे बाल तो कयामत ढा रहे थे। मैं मैहर की छतियों को पी रहा था। कभी पीता, कभी खेलते। कभी अपनी जीभ से उसकी निपल्स पर जल्दी जल्दी ब्रश सा करता। मैहर सिहर उठती। फिर निपल्स को मैं मुँह में भर लेता और पीता। दोंस्तों, बड़ी देर तक ये खेल चला। मैंने बहन के पेट को चूमने लगा। गोरा गोलाकार पेट और सुन्दर सी नाभि। मैंने झुककर नाभि को चूम लिया। मैहर शर्मा गयी।

मैंने उसकी नाभि में जीभ डाल दी और खेलने लगे, जीभ चलाने लगा। मैहर सिसकने लगी। फिर मैंने बहन का पेडू चुम लिया। बड़ा खूबसूरत पेड़ू। मैं मेहर की बुर पर आ गया। बड़ी खूबसूरत उभरी हुई गदरायी बुर थी उसकी। झाँटे निकल आयी थी जो बार बार बता रही थी की बहन चूदने को तैयार हो चुकी है। इसे चोदो। मेहर की झाँटे बार बार मुझे ये सन्देस दे रही थी। मैंने बहन की चूत पर एक मग पानी और दाल दिया।

चूत भीगकर और जादा चमकने लगी। मैं अपनी बहन की चूत पीने लगा। इससे पहले की मैं और मेहर की बुर पी पाता वो बोली  भाई! अपना लौड़ा चुसा दो! मेहर बोली। मैं उसको मना ना कर सका। मैं भीगे गीले आँगन में फर्श पर लेट गया। मेहर आँगन पर गीले फर्श पर मेरे बगल ही बैठ गयी। वो मेरे मस्त गोल गोल लौड़े पर झुक गयी। मेरे लौड़े को उसने अपनी सीधे हाथ में भर लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी।
भाई! तुम्हारा लौड़ा तो बहुत बड़ा है! मैहर मासूमियत से बोली।
चूस लो बहन। अब ये तुम्हारा ही है। इसे चूस लो! मैंने उससे कहा।
मैहर खुश हो गयी। अब वो मेरे लौड़े को हाथ में लेकर जोर जोर से फेटने लगी।

मेरा लौड़ा बहन के हाथों की छुअन से बिलकुल खड़ा हो गया। किसी मिसाइल की तरह खड़ा हो गया। मेरा सुपाड़ा भी फूलकर खूब बड़ा हो गया था। बहन के नर्म नर्म हाथ, नाजुक गोरी उँगलियाँ मेरे लौड़े को फेट रही थी। सच में दोंस्तों, बहुत मजा मिल रहा था। फिर बहन मैहर झुक कर मेरा लौड़ा मुँह में लेकर चूसने लगी। मैं आनंद में डूब गया।
बहन! तुमने कहाँ पर लौड़ा चूसना सीखा?? मैंने हैरत से पूछा।

भाई!! मेरी सहेलियों ने छिप छिपकर मुझे कई ब्लू फ़िल्में दिखाई थी। वहीँ मैंने इस तरह लौड़ा चूसना सीखा! मेहर ने जवाब दिया।
वो फिर से तल्लीन होकर मेरा लौड़ा चूसने लगी। मैहर के सनी लियोन जैसे मस्त गुलाबी होंठ मेरे लौड़े को पी रहे थे। मुझे बड़ी मौज आ रही थी। वो जोर जोर से अपने हाथों में लेकर भी मेरा लौड़ा फेट रही थी। मैहर मस्त होकर चुदेगी मैं जानता था। कुछ देर बाद तो दोंस्तों, मेरी हालत खराब हो गयी थी। लग रहा था कि मेरे लौड़े से माल निकल जाएगा। मैं अपनी कमर उठा रहा था। मैंने तो बड़ी देर तक मैहर से लण्ड फेटवाया और चुस्वाया।

अब मैंने उसको भीगे फर्श पर लिटा दिया। उसके पैर को फैलाकर मैं बहन की बुर पीने लगा। उसकी बुर बहुत खूबसूरत थी। मैं जीभ से उसकी बुर चाट चाटकर पी रहा था। बुर के होनो किनारे किसी नदी के बाँध की तरह उठे हुए थे और बीचों बीच गहरी बुर थी। मैंने हाथ से बुर के किनारे पकड़ के खोल दिए और चूत पीने लगा। मैहर कुवारी थी। किसी ने उसे नही चोदा था। आज अपनी बहन की चूत का उद्घाटन मैं ही करूँगा।

बड़ी देर तक मैं बहन की बुर पीता रहा। अपनी जीभ को मैं गोल गोल हर जगह बुर पर घुमा रहा था। मेहर सिसक और काँप रही थी। मैं उसे पुरे मजे देकर चोदना चाहता था। कुछ देर तक मैंने उसकी बुर पी। फिर मैं बैठ गया, मैहर जान गई की अब चुदेगी। उसने खुद अपने पैर खोल दिए। मैंने अपना लौड़े का सुपाड़ा उसकी बुर के छेद पर रख दिया। एक जोर का धक्का मैंने दिया। मेरा लौड़ा बहन के भोंसड़े में दाखिल हो गया था। इस मारामारी में उसकी बुर से खून भी निकल आया। पर गनीमत थी की मैहर दूसरी तरह देख रही थी। वरना सायद वो घड़बा जाती।

मैं जोर जोर से उसको पेलने लगा। मेरा मस्त गोल लौड़ा उसकी बुर की गहरायी को  मैं नापने लगा। मेहर ने मुझे जोर से पकड़ लिया भाई! भाई!! वो सिसक सिसक कर कहने लगी। मुझे मौज आ गयी। और जोर जोर से मैं उसकी बुर चोदने लगा। कुँवारी बहन की कुंवारी चूत। मासूम मैहर को देख के मन मोह गया। उसका आँखें बंद करके मुझको पकड़े होना। उसकी कुँवारे होंठ, तीखी सुन्दर नाक पतला सुराही जैसा गला और गले पर तिल।

सब चीजों ने मन को मोहित कर लिया था। मैं और भी उसके रूप का भूखा हो गया था। और जोर जोर से कमर चलाकर मैहर को चोद खा रहा था। वो काँप रही थी, सिसक रही थी, उसकी नाक बड़ी गर्म गर्म सांसें छोड़ रही थी। मैहर मुझसे चुद रही थी। मैं भीगे आंगन में उसपर लेट गया और उसके गोरे नँगे चिकने कन्धों को पकड़ के मैंने दांत से काट लिया। मैहर और भी जादा चुदासी हो गयी। मैं जोर जोर से पिछवाड़ा चलाकर उसको चोदने लगा।

कुछ देर बाद मैंने अपना लौड़ा उसके भोंसड़े से बाहर निकाला और बुर का सुराख़ देखा। मेरी प्यारी कमसिन बहन अब कुँवारी नही रह गयी थी। वो अब अपने भाई से चुद गयी थी। मैंने फिर से उसकी चूत में लौड़ा डाल दिया और उसको चोदने लगा। मैंने उसके मस्त मस्त मम्मो को हाथ में ले लिया था। मैं उसे दबाकर मैहर की बूर चोद रहा था। कुछ देर बाद मैं झड़ गया था। मैहर और मैं फिर से नहाने लगे। मैं पेट के बल आँगन में ज़मीन पर लेट गया। मैहर मेरी नँगी पीठ पर साबुन मलने लगी।
भाई! आज तुम मल मलकर नहलाऊंगी और गोरा कर दूंगी! मेहर बोली।
मैं मुस्काया। वो मेरे हाथ, कन्धों, पीठ, कमर, मेरे गोल गोल पूट्ठों, टाँगों, जाँघों पर साबुन मलने लगी। साबुन के झाग और बुलबुले से हम दोनों भाई बहन खेलने लगी। फिर उसने मेरे ऊपर कई मग पानी डाला। फिर मैंने भी अपनी जवान चुदासी बहन को नहलाया। हम दोनों अंदर कमरे में आ गए। जहाँ मैंने अपनी सेक्सी कमर पर एक हल्की तौलिया बाँध ली थी लुंगी की तरह। वहीँ 21 साल की जवान मॉल मेहर ने अपने सीने पर तौलिया लपेट ली थी। पर उसके पुस्ट उरोज चीख चीख के कह रहे थे की मुझे और पियो और चोदो।

मैंने बहन को एक बार ही अभी चोदा था। 2 सेकंड में ही मेरा लौड़ा फिर से गर्म होकर खड़ा हो गया था। मुझे शैतानी सूझी। मैंने अपनी कमर पर बंधी तौलिया की गांठ खोल दी। मैहर ने देखा तो हँस दी।
क्या भाई!! तुम्हारे इरादे कुछ नेक नही है! वो बोली।
मैंने बहन को झट से पकड़ लिया। और उसकी मस्त मस्त उभरी छाती पर बंधी तौलिया मैंने खिंच ली। एक बार फिर से मेरी मस्त गदरायी बहन नँगी थी। मैंने उसको पकड़ लिया और सीधा उसके होंठ पिने लगा। अब हम दोनों के बीच में शब्दों की कोई गुन्जाईस नही थी। मेहर जान गई थी वो और चुदेगी। मैं जान गया था अभी बहन को और चोदूंगा। मैंने मैहर को पकड़ लिया और बिस्तर पर गिरा दिया। एक बार फिर से उसके मस्त मस्त चिकने चुच्चों का भोग लगाने लगा। उसे पीने लगा। मेरी बहन सायद गली का सबसे मस्त माल थी। मैंने फिर से उसके दूध पीने लगा। अपने दाँत से उसकी काली काली निपल्स को चबाने लगा। खूब मजा मैंने किया।

फिर मैहर के पैर मैंने खोल दिए। अब उसकी बुर गीली नही सुखी थी। मैंने जीभ लगाकर पीने लगा। धीरे धीरे बहन की चूत तर हो गयी। मैंने अपना लण्ड लिया और अंदर उसकी बुर में घुसा दिया। और एक बार फिर से मैं मैहर को ठोकने लगा। मारे चुदास और सनसनी के उसने बिस्तर की बेडशीट को पकड़ लिया और जैसे जैसे मैं उसे पेलने लगा वो हाथ से बेडशीट को ऐंठने मरोड़ने लगी। मैहर ने आँखें बंद कर रही थी। दोनों हाथों में बेडशीट के किनारे थे। वो उनको ऐंठ रही थी। मैहर का मुंह खुला हुआ था। मुँह ने वो गर्म सांसें छोड़ रही थी। मैं जान गया था वो सेक्स टेंशन अनुभव कर रही है। मैहर के बाल अब सूख गए थे। काले रेशमी बाल उसका सौंदर्य थे जो बहन की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे थे। लंबे काले घने बालों में वो कोई राजकुमारी जैसी लग रही थी। मैं अपनी बहन को पेल खा रहा था। उसे चोद रहा था। उसकी खूबसूरती को देख के मैं उसको और जोर जोर से लेने लगा। अअअअअ ऊऊऊऊ मम्मम्म!! मैहर मुनमुनाने लगी।

कुछ देर बाद तो वो और जोर जोर से आँहें भरने लगी। मैं बहुत गतिशील था और जोर जोर से अपने पैर और पिछवाड़ा चला चलाकर उसको चोद रहा था। मेरे धक्कों से उसके आम हिल रहे थे। मेहर बेडसीट की चादरों को अपनी मुट्ठी में भरकर भींच रही थी। और जोर जोर से ले रहा था। मैंने मैहर के आमों में अपने हाथ में ले रखा था। ऊउन्ह ऊऊहुँ उहुँ ऊऊहुँ!! वो आँखें बंद करके रंभा रही थी।

मैंने उस दिन अपनी सगी बहन को खूब आया। ये सिसलिसा खूब लम्बा चला। अब तो मैं हर दिन अपनी बहन को खाने लगा। मुझे उसकी बुर की आदत हो गयी तो मेहर को अपने भाई के लौड़े की आदत हो गयी। फिर मैंने अपनी सगी बहन से शादी कर ली। आज मो हमारा 5 साल का बेटा भी है। आपको कहानी कैसी लगी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर अपनी कमेंट्स लिखना न भूलें।



XXX KAHANI BABLIwww कामुकता डौट कम बहन की कुते सेसेकस सटौरीsex story in hindi anjaneme broमा गड बेटा ने चुदीSex story maa dostसबके सामने सामूहिक चूदाई की कहनीdibali me cudane ki kahaniWwwdat.cam.पापा.माँ.और.माँ.कि.माँ.चुदाई.कहानीलरकि का यौनी बिना चुदाई का कैसा होता हैrakshabandhan par bhaiya mujhe raat me gift diya hindi sex storiesOld lady sex story hindiचीदाई कहानीnew 2020 antervasna 20 yers girlsexy hindi story marthi bhabhi ke gar nokri kiLedis Doctor antrvasnaघर के कामवाली के सात जबरदस्ती से बलात्कार करने वाले xnxcChud chodane wala bdmi ko dikhaymaa ko train main chodhaindiansexstoryAntarwasnasexstoryबेटे की गाङ चुदवाई पापा नेकहानी xxx गेय sistarandbradarsxxdesibahu.comgand ki chodaie kahanidevar se chudwaya sex story चुदवाकर शात किया चूत की XXX video Desi all baykar cudaiHindi kahani sex story gandbreast stan kaise muta korna hain gharelu upay seरोज चोदाईpati ke samane dardnak chudaiसिस्टर की चुदाई की कहानी बाथरूम छुप छुप के देखाdidi ko maine choda hindi sexi storyladki ne kite se chodwayaक्सक्सक्स हिंदी देसी कहानिया सीज़ खेत में सीओpatniko pray mard ne choda hindisexy storysexstorexyzmausi ki chut marimom ne bete se chudwaya hindiChud gai mausi antarwashana.comlesbain sex kahani mummy hindiwwwxxx hidikahani comRakshabandhan behan ko gift diya hindisexstoryहिन्दी यौन कथा मा बेटेmote land se chudai kahaniyanचुत मे लडँ फुल बिललु काहानीmms blackmail hindi jokessisters ki marige me bhabhi ko jamke chodabadi dide Ko maa Banya antervasnadibali me cudane ki kahanixxx नौकरानी का दुध पीने की कहानीKhinhi hindi xx chudai गर्ल होस्टल की चूदाई की कहानीmaa ko randi ke ghar me dekhaPadosan ne chut ka jugad kiya.sex storymausi koविधवा काकु ला झवले जबर्दस्ती कथाBahan se bday gift ke badale chut libhikhari ki antravasnaमेरे कहने पर दोस्त ने मेरि बिबि को पटाकर चोदाआँटी ने शराब पिला कर मुझे चोदा हिँदी कहानीhdixxxhindiMarathi mom and son sex storycomटीचर को पटाकर दोस्तों से चुदवाया.पेला पेली छाती लिखकरvidwa.bhabi.mate.bhooh.codvamatebhan aur bhanji ko patakar chodasaas ko apne marji se chodapatori sex kahaniझांटों से रगड़ने में बहुत मज़ा आता है raksha bandhan main bahan ki gangbangDadi gangh me aur ma sath me chudai kahaninind me chut khaniBahan aur bibi ki adala badali kr chudai xxxhindi porn videoMom ko seduce kita room me sax story hindihindi audio suhag rat ki cudai ki kahani.comआर मी से मा बहन की गुरुप चुदाई हिदी कहानीरेल की भीड मे लडको ने मेरी गांड मारी XXXकाहनीhot randy bhabhi ki chidaaee ki videosmal jadne ki cudai vedosPud ko चोदहिन्दी सेक्स कहानीचुत मारी चाची की गाड मारीmote land se chudai kahaniyandzudo63.rudesi man ko neend mein chodasex. compapa mummy sex kar rahe the Ladka Ho Gayameri dardnak chudai storydeshi villege bap beti mobail xxx vidioरात मे देवर आकर मेरी गांड कि ठुकाई करने लगाPaise Ke Liye bahan Ko Choda Hindi sex kahaniमौशी पापा और मम्मी की नशेमे चुदाई कथामाँ की चूत का होली पर गैंगबैंगbeti ko patnibanake chodaनाथ वाली भाभी की च****Putli ki Pahli chudai sexChut ki pichkari hindi sex storiesvidhva aunty ki jabri gand chudai do aadmi ne kahani.com